कुशीनगर के स्कूल में MDM की सब्जी में कीड़े मिलने से हड़कंप, जांच के बाद होगी कार्रवाई

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 रिपोर्ट- शैलेंद्र गुप्ता

कुशीनगर जिले के दुदही ब्लॉक क्षेत्र स्थित खिरियां संविलयन विद्यालय में बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील यानी पीएम पोषण योजना के भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में दोपहर के भोजन के दौरान सब्जी में कीड़े मिलने की बात सामने आई है। भोजन में कीड़े दिखाई देने के बाद बच्चों ने खाना खाने से इनकार कर दिया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद विद्यालय में कुछ समय के लिए असहज स्थिति बन गई और भोजन की गुणवत्ता तथा उसकी निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

मामला सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह के अनुसार, प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट शाम तक आने की उम्मीद है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भोजन परोसते समय सामने आया मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुदही ब्लॉक के खिरियां स्थित संविलयन विद्यालय में रोज की तरह दोपहर के समय बच्चों को पीएम पोषण योजना के तहत भोजन परोसा जा रहा था। बच्चे भोजन करने के लिए बैठे थे। इसी दौरान सब्जी में कीड़े दिखाई देने की बात सामने आई।

इसके बाद बच्चों ने भोजन को लेकर आपत्ति जताई और खाना खाने से इनकार कर दिया। घटना की जानकारी विद्यालय स्तर पर सामने आने के बाद भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, मामले की वास्तविक स्थिति और भोजन में कीड़े किस स्तर पर पाए गए, इसका स्पष्ट निर्धारण विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगा।

घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि विद्यालय में बच्चों को नियमित रूप से दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की निगरानी किस तरह की जा रही थी। पीएम पोषण योजना के तहत विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन सीधे उनके पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। इसलिए भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना विद्यालय तथा संबंधित व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

एक साल पहले भी सामने आई थी शिकायत

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, इसी विद्यालय में करीब एक वर्ष पहले भी मिड-डे मील के भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई थी। अब दोबारा इसी तरह की शिकायत सामने आने के बाद भोजन की गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।

हालांकि, पिछले मामले में क्या कार्रवाई हुई थी और वर्तमान घटना से उसका कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं, यह विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल शिक्षा विभाग ने मौजूदा मामले की जांच शुरू कर दी है।

दोबारा शिकायत सामने आने के कारण यह भी महत्वपूर्ण हो गया है कि विद्यालय में भोजन तैयार करने, उसे सुरक्षित रखने और बच्चों तक पहुंचाने के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा है। साथ ही, भोजन परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच की प्रक्रिया कितनी प्रभावी है, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है।

बच्चों के भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

स्कूलों में मिलने वाला मिड-डे मील बच्चों के लिए केवल दोपहर का भोजन नहीं, बल्कि पोषण व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में भोजन में किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के लिए इसकी गंभीरता से जांच करना जरूरी हो जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन तैयार करने वाली जगह की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, खाना पकाने की प्रक्रिया और भोजन को ढककर रखने जैसी व्यवस्थाओं पर लगातार ध्यान देना आवश्यक है। इसके अलावा भोजन बच्चों को परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच भी महत्वपूर्ण है।

ऐसी घटनाओं से बचने के लिए केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय नियमित निगरानी और निरीक्षण की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। इससे बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

कमेटी करेगी मामले की जांच

मामले को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट शाम तक आने की उम्मीद है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि सब्जी में कीड़े किस वजह से पाए गए, भोजन तैयार करने में निर्धारित मानकों का पालन हुआ था या नहीं और निगरानी के स्तर पर किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं।

विभागीय जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई पर नजर

खिरियां संविलयन विद्यालय में सामने आई इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले पीएम पोषण योजना के भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को चर्चा में ला दिया है। खासकर करीब एक वर्ष के अंतराल में दोबारा ऐसी शिकायत सामने आने से संबंधित व्यवस्था की नियमित निगरानी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

फिलहाल शिक्षा विभाग ने जांच कमेटी गठित कर दी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्यालय स्तर पर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाता है या नहीं।।

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