राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अब देश के पर्यटन स्थलों पर होंगे आयोजित, राज्यों से प्रस्ताव आमंत्रित
Digital UP News Desk
नई दिल्ली। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजन को लेकर केंद्र सरकार ने एक नई पहल की घोषणा की है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को पारंपरिक सम्मेलन कक्षों तक सीमित रखने के बजाय देश के प्रमुख और आकर्षक पर्यटन स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। इसके लिए राज्यों से उनके सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य फिल्म और पर्यटन को एक साथ जोड़ना है, ताकि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार केवल फिल्म जगत का महत्वपूर्ण समारोह न रहकर देश के पर्यटन स्थलों को भी व्यापक पहचान दिलाने का माध्यम बन सके। इसके साथ ही आम लोगों को भी इन राष्ट्रीय आयोजनों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
पर्यटन स्थलों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को देश के बेहतरीन पर्यटन स्थलों तक ले जाने की योजना बनाई जा रही है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को केवल पारंपरिक स्थानों तक सीमित रखने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ने की आवश्यकता है।
इस पहल के तहत राज्यों को अपने ऐसे पर्यटन स्थलों की पहचान करने के लिए कहा गया है, जहां राष्ट्रीय स्तर के बड़े समारोह के आयोजन के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हों। साथ ही, संबंधित राज्य को आयोजन स्थल के समग्र विकास और बेहतर सुविधाओं की योजना भी प्रस्ताव में शामिल करनी होगी।
इससे एक ओर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को नया स्वरूप मिलेगा, वहीं दूसरी ओर चयनित पर्यटन स्थल को देशभर में अतिरिक्त पहचान मिलने की संभावना रहेगी।
एकता नगर का उदाहरण
केंद्रीय मंत्री ने गुजरात के एकता नगर का उदाहरण देते हुए कहा कि इस स्थान को देश और दुनिया में एक अलग पहचान मिली है। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थित है। यह स्थान पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है और देश के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, जब भारत की राष्ट्रपति और देशभर से भारतीय फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियां किसी प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर एकत्र होती हैं, तो उस स्थान के बारे में देश के लोगों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अधिक जानकारी पहुंचती है। इससे लोगों को उस पर्यटन स्थल को देखने और वहां के अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रेरणा मिल सकती है।
इस प्रकार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जैसे बड़े आयोजन को पर्यटन स्थलों से जोड़ने से समारोह की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने देश के सभी राज्यों को आगामी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के आयोजन के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव भेजने का निमंत्रण दिया है।
प्रस्ताव तैयार करते समय राज्यों को केवल पर्यटन स्थल की सुंदरता या लोकप्रियता पर ध्यान नहीं देना होगा, बल्कि वहां उपलब्ध सुविधाओं और आयोजन की क्षमता को भी ध्यान में रखना होगा। इसके अलावा प्रस्ताव में संबंधित पर्यटन स्थल के चहुंमुखी विकास की योजना भी शामिल करनी होगी।
सरकार द्वारा प्राप्त प्रस्तावों में से जिस राज्य के प्रस्ताव का चयन किया जाएगा, उसे प्रस्तावित पर्यटन स्थल पर आगामी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करने का अवसर मिलेगा। इस तरह आयोजन स्थल का चयन राज्यों की ओर से प्रस्तुत योजनाओं और सुविधाओं के आधार पर किया जाएगा।
फिल्म और पर्यटन को जोड़ने पर जोर
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि फिल्म और पर्यटन को एक साथ लाने से दोनों क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है। फिल्मों और फिल्म से जुड़े बड़े आयोजनों की देशभर में व्यापक पहुंच होती है। ऐसे में यदि राष्ट्रीय स्तर का फिल्म पुरस्कार समारोह किसी पर्यटन स्थल पर आयोजित किया जाता है, तो उस स्थान की तस्वीरें, वीडियो और समाचार कवरेज भी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंच सकते हैं।
इसके परिणामस्वरूप संबंधित पर्यटन स्थल के प्रति लोगों की रुचि बढ़ सकती है। साथ ही स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़े कारोबार, होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी गतिविधियां बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, इस पहल का वास्तविक प्रभाव आयोजन स्थल, सुविधाओं, प्रचार-प्रसार और स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले विकास कार्यों पर निर्भर करेगा।
जी-20 आयोजन का भी दिया उदाहरण
केंद्रीय मंत्री ने भारत में आयोजित जी-20 कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जी-20 से जुड़े कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों और विभिन्न राज्यों में आयोजित किए गए थे। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों को देश के अलग-अलग क्षेत्रों से जोड़ने का अवसर मिला।
इसी सोच के तहत अब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को भी देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि राष्ट्रीय फिल्म आयोजन और पर्यटन को किस तरह प्रभावी तरीके से एक मंच पर लाया जा सकता है।
आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मान हैं। ऐसे में समारोह को अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर आयोजित करने से इसकी पहुंच केवल फिल्म उद्योग और सम्मेलन कक्ष तक सीमित न रहकर आम लोगों तक भी बढ़ सकती है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को लोगों के करीब लाने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे भविष्य में फिल्म और पर्यटन के बीच सहयोग के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

