कानपुर में छात्राओं के व्यक्तित्व और कौशल विकास के लिए सात दिवसीय कार्यशाला

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 रिपोर्टर – हनुमंत सिंह पिंटू

कानपुर नगर |कानपुर के दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में छात्राओं के व्यक्तित्व विकास, व्यावसायिक दक्षता और रोजगारपरक क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सात दिवसीय व्यक्तित्व एवं कौशल विकास कार्यशाला-2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 22 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बदलते शैक्षणिक और व्यावसायिक परिवेश की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है, ताकि वे भविष्य में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और सामाजिक जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।

इस कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय की काउंसिलिंग एवं प्लेसमेंट समिति की ओर से दीप एजुकेशनल क्लासेज के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यशाला के दौरान छात्राओं को विभिन्न ऐसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो उनके व्यक्तित्व को निखारने के साथ ही रोजगार के अवसरों के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल विकसित करने में सहायक होंगे।

व्यक्तित्व विकास के साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण पर जोर

कार्यशाला में छात्राओं को पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, व्यावसायिक दक्षता, कॉरपोरेट शिष्टाचार, साक्षात्कार कौशल और बॉडी लैंग्वेज जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। इन विषयों के माध्यम से छात्राओं को कार्यस्थल पर प्रभावी संवाद, पेशेवर व्यवहार और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के तरीके समझाए जाएंगे।

इसके अलावा, साक्षात्कार के दौरान स्वयं को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने, प्रश्नों के जवाब देने, बातचीत के दौरान सकारात्मक बॉडी लैंग्वेज अपनाने तथा कॉरपोरेट वातावरण के अनुरूप व्यवहार करने जैसे पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस तरह कार्यशाला को केवल सैद्धांतिक प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए छात्राओं के व्यावहारिक कौशल को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रतिस्पर्धात्मक दौर में कौशल विकास जरूरी

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वेदना निगम ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक उपलब्धियां पर्याप्त नहीं हैं। विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ आत्मविश्वास, प्रभावी संप्रेषण कौशल, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक व्यवहार का भी विशेष महत्व है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में रोजगार के क्षेत्र में केवल डिग्री और परीक्षा परिणाम ही किसी विद्यार्थी की पूरी क्षमता को निर्धारित नहीं करते। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि विद्यार्थी अपनी बात कितनी प्रभावी ढंग से रख सकता है, टीम के साथ किस प्रकार काम कर सकता है और किसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में किस तरह सकारात्मक तरीके से प्रतिक्रिया देता है।

प्राचार्या ने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को केवल अकादमिक रूप से सक्षम बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें भविष्य की व्यावसायिक एवं सामाजिक चुनौतियों के लिए भी तैयार करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

आत्मविश्वास और संप्रेषण क्षमता विकसित करने का प्रयास

कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और प्रभावी संप्रेषण क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। किसी भी नौकरी या व्यावसायिक क्षेत्र में काम करते समय स्पष्ट संवाद, सकारात्मक व्यवहार और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को प्रस्तुत करने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है।

ऐसे में पर्सनैलिटी डेवलपमेंट से जुड़े प्रशिक्षण छात्राओं को अपनी खूबियों को पहचानने और उन्हें बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने में मदद कर सकते हैं। वहीं, साक्षात्कार कौशल से संबंधित प्रशिक्षण उन्हें नौकरी के लिए होने वाली चयन प्रक्रिया को समझने और उसके लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर देगा।

इसके साथ ही कॉरपोरेट शिष्टाचार से संबंधित प्रशिक्षण के जरिए छात्राओं को पेशेवर वातावरण में व्यवहार, संवाद और कार्य संस्कृति से जुड़े आवश्यक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। बॉडी लैंग्वेज पर प्रशिक्षण भी इस कार्यशाला का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, क्योंकि किसी व्यक्ति की प्रस्तुति में उसके मौखिक संवाद के साथ-साथ हाव-भाव और आत्मविश्वास का भी योगदान होता है।

छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखकर आयोजन

दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में आयोजित यह कार्यशाला छात्राओं को शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल से जोड़ने की दिशा में एक पहल के रूप में देखी जा रही है। सात दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में छात्राओं को अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण देकर उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

विशेष रूप से रोजगार की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए साक्षात्कार कौशल, पेशेवर व्यवहार और प्रभावी संचार जैसे विषय उपयोगी हो सकते हैं। वहीं, अन्य छात्राओं को भी इन प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का अवसर मिलेगा।

महाविद्यालय की काउंसिलिंग एवं प्लेसमेंट समिति की ओर से आयोजित इस पहल के जरिए छात्राओं को भविष्य के करियर विकल्पों और कार्यस्थल की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप छात्राएं अपनी शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षताओं को भी मजबूत कर सकेंगी।

कुल मिलाकर, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास कार्यशाला-2026 का उद्देश्य छात्राओं को आत्मविश्वासी, संवाद-कुशल और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में प्रशिक्षण प्रदान करना है। 22 से 29 सितंबर तक चलने वाली यह कार्यशाला छात्राओं को अपने व्यक्तित्व और कौशल को बेहतर बनाने के लिए सीखने का अवसर प्रदान कर रही है।

 

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