प्रधानमंत्री मोदी ने सुचिका तारियाल को दी बधाई, एशियाई खेलों में MMA का पहला पदक जीतकर रचा इतिहास
Digital UP News Desk
नई दिल्ली। एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाली सुचिका तारियाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने सुचिका की उपलब्धि को भारत के लिए ऐतिहासिक बताते हुए उनके समर्पण और लगन की सराहना की।
MMA में भारत का पहला एशियाई खेल पदक
सुचिका तारियाल ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में महिला ट्रेडिशनल MMA के 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला पदक अपने नाम किया।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि MMA में भारत का यह एशियाई खेलों का पहला पदक है। सुचिका के प्रदर्शन ने भारतीय खेल जगत में इस नई स्पर्धा को लेकर उत्सुकता बढ़ाई है। साथ ही, उनकी सफलता से देश के उन खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलने की उम्मीद है, जो मार्शल आर्ट्स और कॉम्बैट स्पोर्ट्स में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुचिका तारियाल की उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए एशियाई खेलों का पहला पदक हासिल किया है। प्रधानमंत्री ने उनकी सफलता को विशेष बताते हुए उनके समर्पण और उत्साह की सराहना की तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा की गई जानकारी में भी दर्ज है।प्रधानमंत्री की ओर से खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर लगातार बधाई संदेश दिए जा रहे हैं। एशियाई खेलों 2026 की शुरुआत से पहले भी उन्होंने भारतीय दल को शुभकामनाएं देते हुए खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प की सराहना की थी।
क्वार्टर फाइनल जीतकर सुनिश्चित किया था पदक
सुचिका तारियाल ने पदक की दौड़ में अपनी जगह क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मजबूत की। उन्होंने मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही उनका कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया था, क्योंकि इस प्रारूप में दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है।
इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले में सुचिका का सामना सिंगापुर की तेओ हुई हून से हुआ। मुकाबले के परिणाम के बाद उन्हें कांस्य पदक मिला और इस तरह उन्होंने भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।
समर्पण और निरंतर मेहनत का परिणाम
किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतना खिलाड़ी की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम होता है। सुचिका तारियाल की एशियाई खेलों में यह उपलब्धि भी इसी यात्रा को दर्शाती है। MMA जैसे खेल में तकनीक, फिटनेस, रणनीति और मानसिक तैयारी सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में एशियाई खेल जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक हासिल करना सुचिका के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि होने के साथ-साथ भारतीय MMA के लिए भी महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनके पदक से देश में इस खेल को लेकर नई चर्चा और खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों की उम्मीद पैदा हुई है।
भारतीय खेलों के लिए नया अध्याय
एशियाई खेलों में MMA में पहला पदक मिलने से भारतीय खेलों के पदक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा है। अब तक भारत की पहचान एथलेटिक्स, शूटिंग, कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन और हॉकी जैसे खेलों में मजबूत प्रदर्शन के लिए रही है। ऐसे में MMA में भी पदक हासिल होना भारतीय खिलाड़ियों की खेल विविधता को दर्शाता है।
दरअसल, एशियाई खेल 2026 में भारतीय दल से बड़ी संख्या में खिलाड़ी विभिन्न खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। खेल मंत्रालय के अनुसार, आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए भारत ने 503 सदस्यीय दल भेजा है।
इस बीच सुचिका तारियाल की उपलब्धि ने भारतीय दल के प्रदर्शन में एक और उल्लेखनीय अध्याय जोड़ दिया है। प्रधानमंत्री की बधाई के बाद उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को देशभर में चर्चा मिल रही है।
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
सुचिका का पदक उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक हो सकता है जो पारंपरिक खेलों से अलग किसी नए खेल क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। MMA में भारत का पहला एशियाई खेल पदक यह संदेश देता है कि लगातार अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के जरिए नए खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी अपनी पहचान बना सकते हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री द्वारा उनकी उपलब्धि की सराहना किए जाने से इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। सुचिका के लिए अब यह कांस्य पदक भविष्य की प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन सकता है।

