मनरेगा तकनीकी सहायकों की मांग: 45 हजार मानदेय और यात्रा भत्ते को लेकर ज्ञापन, 28 सितंबर को आंदोलन की चेतावनी

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रिपोर्ट-शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संत कबीर नगर।मनरेगा तकनीकी सहायकों ने अपने मानदेय में बढ़ोतरी और यात्रा भत्ता दिए जाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को मनरेगा तकनीकी सहायक एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संत कबीर नगर में विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रभारी जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन जिलाध्यक्ष बलवंत कुमार यादव के नेतृत्व में दिया गया।

एसोसिएशन ने सरकार से मनरेगा तकनीकी सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 45 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही कार्य के दौरान होने वाले आवागमन के लिए यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई है। संगठन का कहना है कि मनरेगा योजनाओं के प्रभावी संचालन में तकनीकी सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में उनकी जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र को देखते हुए मानदेय एवं अन्य सुविधाओं पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

मानदेय बढ़ाने की प्रमुख मांग

मनरेगा तकनीकी सहायक एसोसिएशन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग मानदेय को 45 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार तकनीकी सहायक मनरेगा से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यों में जिम्मेदारी निभाते हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों में तकनीकी स्तर पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

एसोसिएशन का कहना है कि तकनीकी सहायकों को अपने कार्यक्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर जाना पड़ता है। इसके बावजूद यात्रा से संबंधित खर्च के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ता है। इसलिए संगठन ने सरकार से यात्रा भत्ता दिए जाने की मांग भी की है।

मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

प्रदेश संगठन के आह्वान पर जिले के तकनीकी सहायक मंगलवार को एकजुट हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई। इस दौरान जिलाध्यक्ष बलवंत कुमार यादव के नेतृत्व में पदाधिकारियों और सदस्यों ने प्रभारी जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से एसोसिएशन ने सरकार से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। संगठन का कहना है कि तकनीकी सहायक लंबे समय से अपनी समस्याओं और मांगों को संबंधित स्तर पर रखते रहे हैं। अब प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिलों में भी सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया जा रहा है।

26 सितंबर तक निर्णय की मांग

मनरेगा तकनीकी सहायक एसोसिएशन के जिला संरक्षक जितेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि संगठन लगातार सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रख रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि सरकार तकनीकी सहायकों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए निर्धारित समय में समाधान की दिशा में कदम उठाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 26 सितंबर तक मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो तकनीकी सहायक आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। संगठन की ओर से 28 सितंबर को लखनऊ के ईको गार्डन में आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी गई है।

लोकतांत्रिक तरीके से मांग रखने की बात

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है। ज्ञापन सौंपना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। संगठन की कोशिश है कि सरकार और प्रशासन के स्तर पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और समाधान के लिए आवश्यक निर्णय किया जाए।

पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार समय रहते उनकी मांगों पर विचार करेगी। इससे प्रस्तावित आंदोलन की स्थिति को टाला जा सकता है। हालांकि, यदि निर्धारित समय तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं होता है तो संगठन ने 28 सितंबर को लखनऊ में प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने की तैयारी का संकेत दिया है।

यात्रा भत्ता भी अहम मुद्दा

तकनीकी सहायकों की ओर से यात्रा भत्ते की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। संगठन का तर्क है कि मनरेगा से जुड़े तकनीकी कार्यों के लिए क्षेत्र में आवागमन करना पड़ता है। ऐसे में यात्रा पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए स्पष्ट व्यवस्था आवश्यक है।

इसके अलावा मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को भी संगठन अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल कर रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि तकनीकी सहायकों की जिम्मेदारियों को देखते हुए उनके मानदेय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

28 सितंबर के आंदोलन पर टिकी नजर

ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब संगठन और प्रशासन के बीच अगले कदम को लेकर नजरें 26 सितंबर की समयसीमा पर टिकी हैं। यदि इस अवधि में मांगों के संबंध में कोई निर्णय सामने आता है तो आंदोलन की स्थिति बदल सकती है। वहीं, मांगों का समाधान नहीं होने पर 28 सितंबर को लखनऊ के ईको गार्डन में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर तकनीकी सहायकों की सक्रियता बढ़ सकती है।

फिलहाल संत कबीर नगर में ज्ञापन सौंपकर तकनीकी सहायकों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा दिया है। अब देखना होगा कि सरकार की ओर से मानदेय बढ़ाने और यात्रा भत्ता देने समेत अन्य मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।

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