श्रीकृष्ण जन्मभूमि की रजत संकल्प शिला का पूजन, एक लाख गांवों तक ले जाने की तैयारी – पढ़िए पूरी जानकारी

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

अयोध्या: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े धार्मिक अभियान के तहत रजत यानी चांदी से निर्मित संकल्प शिला का पूजन किया गया। श्रावणी पर्व के अवसर पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इस रजत संकल्प शिला का विधिवत पूजन किया। यह आयोजन श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद मामले के हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज के आह्वान पर आयोजित किया गया।

रजत शिला के अयोध्या स्थित मणिराम छावनी पहुंचने पर संतों और श्रद्धालुओं ने उसका स्वागत किया। इस दौरान धार्मिक वातावरण देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार, आगे इस शिला को ब्रजभूमि सहित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों और गांवों तक ले जाकर पूजन कराने की योजना है।

मणिराम छावनी में संतों ने किया स्वागत

आयोजकों के मुताबिक, रजत संकल्प शिला जब मणिराम छावनी पहुंची तो वहां उसका स्वागत किया गया। मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी नयन कमल दास महाराज और सेवायत जानकी दास समेत बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

इस अवसर पर शिला की पुष्प वर्षा के साथ अगवानी की गई। धार्मिक जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की। आयोजकों की ओर से बताया गया कि इस आयोजन का उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े धार्मिक संकल्प को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम के दौरान धार्मिक नारों के साथ श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था व्यक्त की। आयोजन में ब्रज क्षेत्र से जुड़े संतों और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों की भी उपस्थिति रही।

सरयू स्नान के बाद किया गया पूजन

दिनेश फलाहारी महाराज के अनुसार, रजत संकल्प शिला को सबसे पहले पवित्र सरयू नदी में स्नान कराया गया। इसके बाद विधि-विधान के साथ शिला का पूजन किया गया और महाआरती में उसे शामिल किया गया।

इसके बाद शिला को हनुमानगढ़ी ले जाया गया, जहां हनुमान जी महाराज के चरणों में पूजन किया गया। आयोजकों के अनुसार, इसके पश्चात रजत शिला को श्रीराम मंदिर ले जाकर भगवान राम की पावन धरा की रज से संकल्पित किया गया।

आयोजकों का कहना है कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार विभिन्न प्रमुख स्थलों पर पूजन के बाद अब इस शिला को ब्रजभूमि ले जाने की तैयारी की जा रही है।

एक लाख गांवों तक ले जाने की योजना

दिनेश फलाहारी महाराज ने बताया कि रजत संकल्प शिला को ब्रजभूमि समेत पूरे भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों और एक लाख से अधिक पवित्र गांवों में पूजन के लिए ले जाने की योजना बनाई गई है।

इस अभियान के लिए ब्रज धामाचार्य परिषद के महामंत्री पंडित राजेश पाठक को प्रभारी नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजकों के अनुसार, अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर स्थानीय संतों और श्रद्धालुओं की सहभागिता से शिला का पूजन कराया जाएगा।

इस पहल के माध्यम से धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने की योजना बताई गई है। हालांकि, अभियान के विस्तृत कार्यक्रम और विभिन्न स्थानों पर आयोजन की तारीखों की जानकारी संबंधित आयोजकों की ओर से चरणबद्ध तरीके से साझा की जाएगी।

एक सितंबर को ब्रजभूमि में प्रवेश

कार्यक्रम के प्रभारी पंडित राजेश पाठक ने बताया कि रजत संकल्प शिला एक सितंबर को विशेष वाहन के माध्यम से ब्रजभूमि में प्रवेश करेगी। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर स्वागत की तैयारियां किए जाने की बात कही गई है।

उन्होंने बताया कि ब्रजभूमि में प्रवेश के बाद शिला को सबसे पहले श्रीधाम वृंदावन ले जाया जाएगा। वहां संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में रजत शिला का पूजन किया जाएगा।

इसके बाद अभियान को अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों और गांवों तक ले जाने की योजना है। आयोजकों के अनुसार, इस दौरान स्थानीय स्तर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

ब्रज क्षेत्र के संत और प्रमुख लोग रहे मौजूद

रजत संकल्प शिला के पूजन और अयोध्या कार्यक्रम में ब्रज क्षेत्र से जुड़े कई संतों और प्रमुख लोगों की मौजूदगी रही। इनमें आचार्य अनिल कृष्ण शास्त्री, विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता जयराम शर्मा, संत हरिदास बाबा, विप्र नेता सुभाष शर्मा, पंडित राजेश शास्त्री और गोविंद देव शर्मा समेत अन्य लोग शामिल रहे।

कार्यक्रम में मौजूद संतों और श्रद्धालुओं ने रजत शिला के पूजन को धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया। वहीं, आयोजकों ने इसे ब्रज और अयोध्या की धार्मिक परंपराओं से जोड़ते हुए आगे बढ़ाने की बात कही।

अयोध्या से ब्रजभूमि तक धार्मिक आयोजन की तैयारी

रजत संकल्प शिला के पूजन के बाद अब इसे ब्रजभूमि ले जाने की तैयारी तेज हो गई है। अयोध्या के बाद वृंदावन में इसके पूजन की योजना बनाई गई है। इसके पश्चात देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्थलों और गांवों तक इसे ले जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

आयोजकों के अनुसार, इस अभियान में संतों, धार्मिक संस्थाओं और स्थानीय श्रद्धालुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान शिला का पूजन धार्मिक परंपराओं के अनुरूप कराया जाएगा।

धार्मिक आस्था के साथ आगे बढ़ेगा अभियान

श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े इस आयोजन को लेकर ब्रज क्षेत्र और अयोध्या में धार्मिक गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। आयोजकों का कहना है कि रजत संकल्प शिला को विभिन्न स्थानों तक ले जाने का उद्देश्य लोगों को धार्मिक आयोजन से जोड़ना और सामूहिक आस्था को अभिव्यक्त करना है।

फिलहाल अयोध्या में रजत संकल्प शिला का पूजन संपन्न हो चुका है और अब सभी की नजर एक सितंबर को इसके ब्रजभूमि पहुंचने पर है। वृंदावन में संतों की मौजूदगी में प्रस्तावित पूजन के बाद अभियान के अगले चरण की शुरुआत होगी।

इस पूरे कार्यक्रम को आयोजकों की ओर से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े न्यायिक एवं अन्य कानूनी विषय अपने अलग प्रक्रियात्मक स्तर पर हैं। रजत संकल्प शिला का यह अभियान धार्मिक आयोजकों द्वारा संचालित कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

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