कुकू कोहली का 77 साल की उम्र में निधन, ‘फूल और कांटे’ से अजय देवगन को किया था लॉन्च
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मुंबई: हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्ममेकर और निर्देशक कुकू कोहली का 77 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें हार्ट अटैक आया था। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
कुकू कोहली को खास तौर पर साल 1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘फूल और कांटे’ के लिए याद किया जाता है। इसी फिल्म से अभिनेता अजय देवगन ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। फिल्म की शुरुआत में दो चलती मोटरसाइकिलों के बीच संतुलन बनाते हुए अजय देवगन की एंट्री आज भी बॉलीवुड की यादगार स्क्रीन एंट्री में गिनी जाती है।
‘फूल और कांटे’ से अजय देवगन को मिला बड़ा मौका
कुकू कोहली ने अपने निर्देशन करियर की शुरुआत ‘फूल और कांटे’ से की थी। यह फिल्म उनके लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई और अजय देवगन के लिए भी। फिल्म की सफलता के बाद अजय देवगन ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।
फिल्म में अजय देवगन के साथ मधू, अमरीश पुरी, अरुणा ईरानी और जगदीप जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म की कहानी, संगीत और एक्शन के साथ-साथ अजय देवगन की पहली स्क्रीन उपस्थिति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
विशेष रूप से फिल्म की शुरुआती बाइक एंट्री अजय देवगन के करियर की पहचान बन गई। यही वजह है कि कुकू कोहली का नाम अजय देवगन के शुरुआती फिल्मी सफर से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
लंबे समय तक हिंदी सिनेमा से जुड़े रहे
कुकू कोहली का फिल्मी सफर केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने 1990 के दशक और उसके बाद कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया। उनके निर्देशन में ‘सुहाग’, ‘हकीकत’, ‘अनाड़ी नंबर 1’, ‘ये दिल आशिकाना’ और ‘जुल्मी’ जैसी फिल्में बनीं।
इन फिल्मों में अलग-अलग तरह की कहानियां और कलाकार देखने को मिले। इसके अलावा कुकू कोहली ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करते हुए निर्देशन के साथ-साथ पर्दे के पीछे की कई जिम्मेदारियां भी निभाईं।
उनकी आखिरी निर्देशित फिल्मों में ‘वो तेरा नाम था’ का नाम शामिल है, जो 2004 में रिलीज हुई थी।
राज कपूर के साथ भी किया काम
फिल्म निर्देशन में अपनी पहचान बनाने से पहले कुकू कोहली ने फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्मकारों के साथ काम करके अनुभव हासिल किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने महान फिल्मकार राज कपूर के मार्गदर्शन में काम किया और बाद में राहुल रवैल के साथ सहायक निर्देशक के तौर पर भी जुड़े।
राहुल रवैल के साथ उन्होंने ‘बेताब’ और ‘अर्जुन’ जैसी फिल्मों में काम किया। इस दौरान उन्हें फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने और बड़े स्तर पर काम करने का अनुभव मिला।
इसके बाद उन्होंने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और अपनी पहली ही फिल्म से हिंदी सिनेमा में एक नए अभिनेता को बड़ा मंच दिया।
अजय देवगन के करियर की शुरुआत में अहम भूमिका
कुकू कोहली की सबसे बड़ी पहचान अजय देवगन के करियर से जुड़ी मानी जाती है। ‘फूल और कांटे’ में अजय देवगन को मुख्य भूमिका देकर उन्होंने अभिनेता के रूप में उनके सफर की शुरुआत कराई।
अजय देवगन ने इसके बाद हिंदी सिनेमा में लगातार काम किया और एक सफल अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। आज भी जब उनके शुरुआती करियर की चर्चा होती है, तो ‘फूल और कांटे’ और कुकू कोहली का नाम साथ लिया जाता है।
इस लिहाज से कुकू कोहली का योगदान केवल एक सफल फिल्म के निर्देशक के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे फिल्ममेकर के रूप में भी याद किया जाएगा, जिन्होंने एक बड़े अभिनेता के शुरुआती करियर को मंच दिया।
मुंबई के अस्पताल में ली अंतिम सांस
कुकू कोहली की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को उन्हें गंभीर हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि परिवार से जुड़े लोगों और फिल्म इंडस्ट्री के सूत्रों ने की।
उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया। कुकू कोहली के साथ काम कर चुके कलाकारों और फिल्म इंडस्ट्री के सहयोगियों के लिए यह एक भावुक क्षण है।
फिल्म इंडस्ट्री ने खोया अनुभवी फिल्ममेकर
कुकू कोहली का करियर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने उस दौर में काम किया जब हिंदी सिनेमा में एक्शन, रोमांस और पारिवारिक कहानियों वाली फिल्मों का खास प्रभाव था। उनकी फिल्मों में उस दौर की लोकप्रिय फिल्म शैली की झलक देखने को मिलती रही।
हालांकि, उनका नाम कैमरे के सामने नजर आने वाले सितारों जितना चर्चा में नहीं रहा, लेकिन पर्दे के पीछे उनका योगदान महत्वपूर्ण था। निर्देशन के साथ-साथ उन्होंने फिल्म और टेलीविजन से जुड़े संगठनों में भी जिम्मेदारी निभाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के महासचिव भी रहे।
अरुणा ईरानी के पति थे कुकू कोहली
कुकू कोहली की निजी जिंदगी भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी रही। उन्होंने अभिनेत्री अरुणा ईरानी से विवाह किया था। उनके निधन की खबर की पुष्टि अरुणा ईरानी के प्रवक्ता की ओर से भी की गई।
कुकू कोहली के परिवार में उनकी पत्नी अरुणा ईरानी के अलावा उनकी पहली पत्नी से दो बेटियां भी हैं।
उनके निधन के बाद परिवार, दोस्तों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है।
‘फूल और कांटे’ हमेशा याद दिलाती रहेगी योगदान
कुकू कोहली का फिल्मी सफर भले ही अब समाप्त हो गया हो, लेकिन उनका काम लंबे समय तक याद किया जाएगा। खासतौर पर ‘फूल और कांटे’ उनके करियर की ऐसी फिल्म है, जिसने उन्हें निर्देशक के तौर पर पहचान दिलाई और अजय देवगन को बॉलीवुड में स्थापित होने की शुरुआत दी।
फिल्म की चर्चित बाइक एंट्री, अजय देवगन का डेब्यू और कुकू कोहली का निर्देशन—इन तीनों का रिश्ता हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज है। इसके अलावा ‘सुहाग’, ‘हकीकत’, ‘अनाड़ी नंबर 1’ और ‘ये दिल आशिकाना’ जैसी फिल्मों के जरिए भी उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई।
इस प्रकार, 77 साल की उम्र में कुकू कोहली के निधन के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक अनुभवी निर्देशक को खो दिया है। उनकी फिल्मों और खास तौर पर अजय देवगन के करियर की शुरुआत में निभाई गई भूमिका को सिनेमा प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे।

