आजमगढ़ में फर्जी दस्तावेजों से दो पासपोर्ट बनवाने का मामला आया सामने, आरोपी बेलाल अहमद गिरफ्तार – जरूर पढ़ें ये खबर

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: जहानागंज थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों और व्यक्तिगत विवरण में कथित हेराफेरी कर दो पासपोर्ट हासिल करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अलग-अलग दस्तावेजों में अलग नाम और जन्मतिथि का विवरण प्रस्तुत करते हुए दूसरा पासपोर्ट प्राप्त किया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बेलाल अहमद पुत्र इफ्तेखार, निवासी बरहतीर जगदीशपुर, थाना जहानागंज, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 39 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की जा रही है।

दो अलग-अलग विवरणों से पासपोर्ट बनवाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने पहले पासपोर्ट के आवेदन में अपने नाम और जन्मतिथि से संबंधित अलग विवरण प्रस्तुत किए थे। इसके बाद दूसरे पासपोर्ट के आवेदन में उसके दस्तावेजों में अलग नाम और जन्मतिथि दर्ज पाई गई।

पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने पहले से जारी पासपोर्ट से संबंधित दस्तावेजों और व्यक्तिगत विवरण में कथित रूप से बदलाव कर अलग पहचान के आधार पर दूसरा पासपोर्ट हासिल किया।

मामले की जांच में दस्तावेजों के विवरण का मिलान किए जाने के बाद कथित विसंगतियां सामने आईं। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।

पहले पासपोर्ट के आवेदन में यह विवरण था

पुलिस के मुताबिक, आरोपी द्वारा पहले पासपोर्ट के आवेदन में मौलवी का अंकपत्र और शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था। इन दस्तावेजों में उसका नाम बेलाल अहमद और जन्मतिथि 1 जनवरी 1987 दर्ज थी।

इसके बाद दूसरे पासपोर्ट के आवेदन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई तो उसमें अलग विवरण सामने आया। पुलिस के अनुसार, दूसरे आवेदन में लगाए गए आधार कार्ड और पैन कार्ड में नाम अलमद बेलाल और जन्मतिथि 1 जनवरी 1997 दर्ज पाई गई।

इस तरह दोनों दस्तावेजों में नाम और जन्मतिथि को लेकर अंतर सामने आया। पुलिस ने इसी आधार पर दस्तावेजों में कथित हेराफेरी और अलग पहचान के आधार पर दूसरा पासपोर्ट प्राप्त करने के आरोप में जांच आगे बढ़ाई।

14 जुलाई को दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के अनुसार, मामला सामने आने के बाद 14 जुलाई 2026 को जहानागंज थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों और पासपोर्ट आवेदन से जुड़ी जानकारियों की पड़ताल की।

जांच में मिले दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की।

आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 336(3), 338 और 340 बीएनएस तथा धारा 12(1)(बी) पासपोर्ट अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

अभियान के दौरान आरोपी गिरफ्तार

आजमगढ़ पुलिस की ओर से वांछित और वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जहानागंज थाना पुलिस ने आरोपी बेलाल अहमद की गिरफ्तारी की।

पुलिस के मुताबिक, 26 अगस्त 2026 को टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। उसे सुबह करीब 8:10 बजे हिरासत में लिया गया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

गिरफ्तारी के पश्चात आरोपी को न्यायालय आजमगढ़ के समक्ष पेश किया गया। पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस अधिकारियों ने संबंधित थाना पुलिस को वांछित और वारंटी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इसी क्रम में जहानागंज पुलिस ने मामले में वांछित आरोपी की जानकारी जुटाई और उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की।

पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों से जुड़े मामलों में तथ्यों और अभिलेखों की जांच के बाद ही कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में भी संबंधित दस्तावेजों और व्यक्तिगत विवरण की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई।

इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी

बेलाल अहमद की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार कुशवाहा, हेड कांस्टेबल गोविन्द सिंह और आरक्षी आनंद मिश्रा शामिल रहे।

पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद मामले से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

दस्तावेजों की जांच पर पुलिस का जोर

पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के लिए आवेदन करते समय आवेदक को अपनी पहचान, जन्मतिथि और अन्य व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। ऐसे में अलग-अलग दस्तावेजों में अलग विवरण पाए जाने पर संबंधित एजेंसियां उसकी जांच करती हैं।

आजमगढ़ के इस मामले में भी पुलिस ने दस्तावेजों में दर्ज नाम और जन्मतिथि के अंतर को जांच का आधार बनाया। पुलिस का आरोप है कि इन्हीं अलग-अलग विवरणों के माध्यम से आरोपी ने दूसरा पासपोर्ट प्राप्त किया।

हालांकि, मामले से जुड़े अंतिम तथ्य न्यायिक प्रक्रिया और जांच के परिणाम के आधार पर स्पष्ट होंगे। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।

फर्जी दस्तावेजों के मामलों में कार्रवाई जारी

आजमगढ़ पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनका इस्तेमाल करने और धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

इस कार्रवाई का उद्देश्य दस्तावेजों से संबंधित अनियमितताओं पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

न्यायालय में पेश किया गया आरोपी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय आजमगढ़ के समक्ष पेश किया। अब मामले में आगे की प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों और जांच के आधार पर आगे बढ़ेगी।

इस मामले में पुलिस की ओर से दस्तावेजों में दर्ज अलग-अलग विवरण को महत्वपूर्ण आधार माना गया है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और फिर गिरफ्तारी की गई।

कुल मिलाकर, आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र में कथित तौर पर अलग-अलग नाम और जन्मतिथि वाले दस्तावेजों के जरिए दो पासपोर्ट हासिल करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई की गई है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार चलेगी।

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