यूपी के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, ओडिशा में 67 हजार प्रभावित; बिहार में नदियां उफान पर

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Digital UP News Desk

देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों के लिए बारिश और भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं, कुछ राज्यों में मानसून कमजोर पड़ने के कारण गर्मी और उमस बढ़ने लगी है।

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। प्रदेश के 16 जिले बाढ़ की स्थिति से प्रभावित बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, राज्य के 47 शहरों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।

इसी बीच ओडिशा में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। राज्य के तीन जिलों में 67 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने उत्तरी और तटीय ओडिशा में 2 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन की चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

यूपी के 47 शहरों में आंधी-बारिश का अनुमान

उत्तर प्रदेश में मानसून के कारण मौसम लगातार बदल रहा है। कई इलाकों में बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी सामने आ रही है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के 47 शहरों में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, लगातार बारिश के कारण प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। करीब 16 जिले बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

झांसी के टोडी फतेहपुर क्षेत्र में भारी बारिश के बाद पथराई नदी में अचानक पानी बढ़ गया। इसके चलते बस स्टैंड समेत आसपास के इलाकों में पानी भर गया। कई घरों और दुकानों में करीब 8 फीट तक पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित परिवारों को ऊंचे स्थानों और घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ी।

प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में 67 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

ओडिशा में लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। राज्य के तीन जिलों में 67 हजार से अधिक लोग प्रभावित बताए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

मौसम विभाग ने उत्तरी और तटीय ओडिशा के कई हिस्सों में 2 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।

बारिश का सिलसिला जारी रहने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

बिहार में गंगा और गंडक खतरे के निशान से ऊपर

बिहार में मानसून धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है, लेकिन कई इलाकों में बाढ़ का असर अभी भी बना हुआ है। गंगा और गंडक नदी का जलस्तर कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है।

राज्य में 50 हजार से ज्यादा घरों के पानी से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण कई निचले इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार आज बिहार के 11 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, पटना, वैशाली और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं।

इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी

उत्तराखंड के सभी जिलों में देर रात से बारिश का दौर जारी रहने की जानकारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।

इसके अलावा रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सड़क और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। यात्रियों को भी मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

हिमाचल प्रदेश में 67 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। प्रदेश में 67 सड़कों के बंद होने की जानकारी सामने आई है। बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़क मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित मार्गों को बहाल करने का काम किया जा रहा है।

पंजाब और चंडीगढ़ में कमजोर पड़ा मानसून

पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। बारिश में कमी के कारण दिन के समय गर्मी और उमस बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर तक पंजाब और चंडीगढ़ में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि, 29 अगस्त को पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इससे इन इलाकों में तापमान में मामूली राहत मिलने की संभावना है। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में फिलहाल उमस भरे मौसम का असर देखने को मिल सकता है।

राजस्थान में बारिश नहीं, 15 शहरों में तापमान 35 डिग्री पार

राजस्थान में मानसून के आने के बाद शुक्रवार को ऐसा पहला दिन रहा, जब राज्य में कहीं बारिश दर्ज नहीं हुई। बारिश नहीं होने के कारण कई इलाकों में तापमान बढ़ गया।

अलवर समेत राज्य के 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। मानसून के बावजूद बारिश में कमी आने से कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर बढ़ा है।

मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों के लिए जारी पूर्वानुमान पर लोगों की नजर बनी हुई है। तापमान बढ़ने के साथ दिन के समय लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

कई राज्यों में मौसम का अलग-अलग असर

देश में इस समय मानसून का प्रभाव अलग-अलग राज्यों में अलग दिखाई दे रहा है। जहां उत्तर प्रदेश और ओडिशा में बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहीं बिहार में नदियों का जलस्तर चिंता का विषय बना हुआ है।

दूसरी ओर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क और यातायात प्रभावित हुए हैं। वहीं पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश कम होने से गर्मी और उमस बढ़ रही है।

ऐसे में लोगों के लिए जरूरी है कि वे स्थानीय मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखें। खासकर नदी किनारे, निचले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

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