वाराणसी में जीआरपी-आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, स्पेशल ट्रेन में मोबाइल-नकदी चोरी का आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांडेय
वाराणसी। वाराणसी में रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रेन में मोबाइल फोन और नगदी चोरी के मामले का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, बीते अप्रैल माह में आजमगढ़ से बांद्रा जा रही स्पेशल ट्रेन में मोबाइल फोन और नगदी चोरी की घटना सामने आई थी। इस मामले की जांच के बाद संयुक्त टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान देवरीलाल पुत्र स्वर्गीय अंगूर लाल के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मिर्जापुर जिले के कछवा क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने आरोपी को बनारस रेलवे स्टेशन के समीप से गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से चोरी किए गए मोबाइल फोन और नगदी बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
घटना के बाद से ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मामले की जांच में जुटी थी। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर जानकारी जुटाई गई और सर्विलांस की मदद ली गई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।
अप्रैल में स्पेशल ट्रेन में हुई थी चोरी
पुलिस के अनुसार, अप्रैल माह में आजमगढ़ से बांद्रा की ओर जा रही स्पेशल ट्रेन में यात्री के मोबाइल फोन और नगदी चोरी होने की शिकायत सामने आई थी। ट्रेन में सफर के दौरान सामान चोरी होने की जानकारी मिलने के बाद मामले की सूचना रेलवे सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को दी गई।
इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। यात्रियों से मिली जानकारी के आधार पर घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया गया। वहीं, चोरी हुए मोबाइल फोन से संबंधित तकनीकी जानकारी भी जांच का हिस्सा बनी।
काफी समय से लंबित इस मामले में पुलिस ने सर्विलांस की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई और इसके बाद आरोपी की पहचान की गई।
बनारस स्टेशन के पास से गिरफ्तारी
संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को बनारस रेलवे स्टेशन के आसपास से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की तलाशी के दौरान चोरी किए गए मोबाइल फोन और नगदी बरामद हुई।
गिरफ्तारी के बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के माध्यम से पुलिस घटना के संबंध में अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही है।
इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इससे पहले या बाद में चलती ट्रेनों में चोरी की अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
सर्विलांस की मदद से आरोपी तक पहुंची टीम
रेलवे से जुड़े अपराधों की जांच में तकनीकी संसाधनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इस मामले में भी पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपी तक पहुंचने का दावा किया है।
पुलिस ने चोरी किए गए मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी और अन्य उपलब्ध सुरागों का विश्लेषण किया। इसके बाद जांच टीम को आरोपी के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस ने मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना में आरोपी की भूमिका किस तरह रही और चोरी की वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया।
चोरी का सामान बरामद होने का दावा
जीआरपी और आरपीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए मोबाइल फोन और नगदी बरामद की गई है। बरामद सामान को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और नगदी से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर रही है। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि बरामद सामान उसी मामले से संबंधित है या आरोपी के खिलाफ अन्य मामलों से भी इसका कोई संबंध है।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य ट्रेन चोरी की घटनाओं की भी होगी जांच
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। जीआरपी और आरपीएफ की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी रेलवे यात्रियों को निशाना बना चुका है।
यदि पूछताछ या जांच में अन्य घटनाओं से संबंधित जानकारी सामने आती है तो उन मामलों की भी पड़ताल की जा सकती है। इसके लिए संबंधित थानों और रेलवे सुरक्षा इकाइयों से भी जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।
इस जांच का उद्देश्य रेलवे परिसर और ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी से जुड़े मामलों का पता लगाना और ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई करना है।
यात्रियों की सुरक्षा पर रेलवे पुलिस का फोकस
ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल फोन, नगदी और अन्य सामान की चोरी की घटनाएं यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनती हैं। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए जीआरपी और आरपीएफ की ओर से समय-समय पर निगरानी और जांच अभियान चलाए जाते हैं।
वाराणसी में हुई इस कार्रवाई के बाद रेलवे सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की भूमिका एक बार फिर चर्चा में है। संयुक्त टीम ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और चोरी के सामान की बरामदगी का दावा किया है।
रेलवे पुलिस यात्रियों से भी अपील करती है कि यात्रा के दौरान अपने मोबाइल, पर्स, नगदी और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित रखें। किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल रेलवे सुरक्षा कर्मियों या संबंधित हेल्पलाइन को सूचना दी जा सकती है।
पूछताछ के बाद सामने आएंगे और तथ्य
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस ट्रेन में हुई चोरी की घटना के अलावा आरोपी की अन्य गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, बरामद मोबाइल फोन और नगदी के संबंध में भी आवश्यक सत्यापन किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, अप्रैल में आजमगढ़ से बांद्रा जा रही स्पेशल ट्रेन में मोबाइल फोन और नगदी चोरी के मामले में वाराणसी जीआरपी-आरपीएफ ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। सर्विलांस की मदद से हुई इस कार्रवाई में चोरी का सामान बरामद होने की जानकारी दी गई है। अब पुलिस पूछताछ और जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी का संबंध रेलवे में हुई अन्य चोरी की घटनाओं से भी है या नहीं।

