कानपुर में छात्र परिषद शपथ ग्रहण समारोह, वायुसेना अधिकारी ने विद्यार्थियों को अनुशासन और नेतृत्व का दिया संदेश
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर। बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, बेनाझाबर, कानपुर में मंगलवार को छात्र परिषद शपथ ग्रहण समारोह का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, उत्तरदायित्व, राष्ट्रप्रेम और सेवा-भाव जैसी महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों का विकास करना रहा। समारोह में विद्यालय के नवनिर्वाचित छात्र परिषद पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा विद्यालय की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन के बाद दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन और प्रार्थना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय के प्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य शंकर बाजपेयी ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया। छात्र परिषद प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने मंचासीन अतिथियों और अन्य गणमान्यजनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
छात्र मंत्रिपरिषद ने ली पद और कर्तव्य की शपथ
समारोह का प्रमुख आकर्षण छात्र मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण रहा। मुख्य अतिथि फ्लाइंग ऑफिसर राधाकृष्ण त्रिपाठी, इंडियन एयर फोर्स ने छात्र परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और सदस्यों को पद एवं कर्तव्यों की शपथ दिलाई। इस दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय की गरिमा बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने और अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा के साथ निभाने का संकल्प लिया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों ने विद्यालय और राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। शपथ ग्रहण के बाद मुख्य अतिथि ने छात्र परिषद के संयोजक और सह-संयोजक को बैज प्रदान कर अलंकृत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
समारोह में कक्षा नौ के छात्र भै. सक्षम गुप्ता ने ‘शपथ लेना तो सरल है….!’ शीर्षक शपथ गीत प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम को भावपूर्ण और प्रेरणादायी बना दिया। गीत के माध्यम से विद्यार्थियों को शपथ के वास्तविक अर्थ और उसके अनुरूप अपने व्यवहार में जिम्मेदारी तथा अनुशासन को अपनाने का संदेश मिला।
वायुसेना अधिकारी ने बताए अनुशासन और जिम्मेदारी के महत्व
मुख्य अतिथि फ्लाइंग ऑफिसर राधाकृष्ण त्रिपाठी ने छात्र परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि छात्र जीवन केवल पाठ्यक्रम पूरा करने और परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। बल्कि यही वह समय है, जब व्यक्ति अपने व्यक्तित्व, विचारों और व्यवहार को बेहतर दिशा देता है।
अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, समयबद्धता और दायित्वबोध को विशेष महत्व दिया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ अनुशासन और निरंतर प्रयास भी आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में विकसित होने वाले संस्कार और अनुशासन ही भविष्य के व्यक्तित्व की मजबूत आधारशिला बनते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और प्रत्येक कार्य को ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ पूरा करने का प्रयास करना चाहिए।
नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर
फ्लाइंग ऑफिसर राधाकृष्ण त्रिपाठी ने छात्र परिषद के सदस्यों को नेतृत्व की जिम्मेदारी का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल किसी पद पर रहना नहीं है, बल्कि दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना भी है। एक अच्छे नेता को स्वयं अनुशासित रहने के साथ-साथ अपने साथियों को भी सकारात्मक दिशा देने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा और ईमानदारी का पालन करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने कार्यों के प्रति उत्तरदायी होना चाहिए। छोटी-छोटी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने की आदत आगे चलकर जीवन की बड़ी जिम्मेदारियों को संभालने में मदद करती है।
उन्होंने छात्र परिषद के पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे विद्यालय में अनुशासन, सहयोग और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएंगे। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
डिजिटल फिटनेस को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया के अनावश्यक एवं अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसका विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को ‘डिजिटल फिटनेस’ के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उनके अनुसार तकनीक का सीमित और उद्देश्यपूर्ण इस्तेमाल विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यक्तित्व विकास में सहायक हो सकता है, जबकि अनावश्यक समय बिताने से पढ़ाई और दैनिक जीवन की प्राथमिकताएं प्रभावित हो सकती हैं।
इसलिए उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक के उपयोग में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए और विद्यार्थियों को अपने अध्ययन, स्वास्थ्य, खेल तथा रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय देना चाहिए।
विद्यालय प्रबंधन ने दी छात्र परिषद को शुभकामनाएं
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों और प्रबंधन ने भी छात्र परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजमोहन कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के लिए छात्र परिषद की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि परिषद के माध्यम से विद्यार्थियों को नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदारी को व्यवहार में उतारने का अवसर मिलता है।
उप-प्रधानाचार्या श्रीमती मंजूबाला श्रीवास्तव सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी छात्र परिषद के सदस्यों को उनके नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं। विद्यालय प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करते हुए अन्य विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।
‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में छात्र परिषद की संयोजक ब. आर्या सिंह ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं और सभी विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें जिम्मेदारी और नेतृत्व की भावना को मजबूत करते हैं।
इसके बाद समारोह का समापन राष्ट्रभावना से ओतप्रोत ‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और अनुशासन का माहौल रहा।

