कानपुर में झूलेलाल चालिहा के 41वें दिन श्रद्धा और उल्लास से महाप्रसाद व शर्बत वितरण

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी 

कानपुर: सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के चालिहा महोत्सव के 41वें दिन कानपुर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। गुमटी स्थित ओम नगर चौराहा पर समाजसेवी मनोज हसीजा और सतीश रोचलानी की अगुवाई में भगवान झूलेलाल के चित्र पर माल्यार्पण और महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद एवं शीतल पेय का वितरण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर भगवान झूलेलाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

भगवान झूलेलाल की महाआरती के साथ हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद विधि-विधान से महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन किया और समाज, परिवार तथा पूरे महानगर की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

महाआरती के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल के जयकारे लगाए और चालिहा महोत्सव के धार्मिक महत्व को याद किया। इसके बाद उपस्थित लोगों के बीच छोला-चावल और दूध की लस्सी का वितरण किया गया। आयोजकों की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद उपलब्ध कराया गया।

महिलाओं ने डांडिया और ढोकला नृत्य से बांधा समां

कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिली। महिलाओं ने डांडिया नृत्य और ढोकला नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को उत्सवमय बना दिया। पारंपरिक अंदाज में हुए नृत्य ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

इसके साथ ही महिलाओं और पुरुषों ने भगवान झूलेलाल के सामने श्रद्धापूर्वक झोली फैलाकर प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने कामना की कि महानगर में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे और सभी परिवारों में सुख, शांति, समृद्धि तथा आपसी सौहार्द बना रहे।

सेवा और भक्ति का संदेश

चालिहा महोत्सव के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सेवा भावना का भी संदेश दिया गया। महाप्रसाद और लस्सी का वितरण कर आयोजकों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों की सेवा की। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का भी माध्यम हैं।

इसी भावना के साथ भगवान झूलेलाल चालिहा महोत्सव के 41वें दिन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने समाज में एकता और परस्पर सहयोग बनाए रखने का संकल्प भी व्यक्त किया।

श्रद्धा के साथ मनाया गया चालिहा पर्व

सिंधी समाज में भगवान झूलेलाल चालिहा महोत्सव का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। चालिहा पर्व के दौरान श्रद्धालु भगवान झूलेलाल की आराधना करते हैं और परिवार तथा समाज की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। कानपुर में भी इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

गुमटी के ओम नगर चौराहा पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। भक्ति गीतों, आरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच वातावरण आध्यात्मिक एवं उत्सवपूर्ण बना रहा। वहीं, महाप्रसाद वितरण के दौरान लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया।

सरसैया घाट पर बहराणा साहब का विसर्जन

कार्यक्रम के बाद देर रात बहराणा साहब को श्रद्धापूर्वक सरसैया घाट ले जाया गया। वहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार उनका विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल का स्मरण करते हुए सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

बहराणा साहब के विसर्जन के साथ चालिहा महोत्सव के इस आयोजन का समापन श्रद्धा और धार्मिक आस्था के वातावरण में हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल से सभी के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली की कामना की।

समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

कार्यक्रम में मंजू सोनी, ज्योति भाटिया, शिप्रा पमनानी, मुस्कान खंडेलवाल, सिंपल चौहान, रमेश सिहवानी, सतीश रोचलानी, दीपक अशवानी, धर्मेंद्र फतवानी, लक्ष्मण आडवाणी, नरेश आहूजा, संजय फूलवानी, मनोज हसीजा और दिलीप बलेचा सहित समाज के अनेक लोग मौजूद रहे।

आयोजकों ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ सेवा और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।

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