मुरादाबाद में तेंदुए के हमले में एक और महिला की मौत, ठाकुरद्वारा में बढ़ी दहशत
Digital UP News Desk
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को बलिया गांव में खेत में काम कर रही 52 वर्षीय महिला मिथलेश देवी पर तेंदुए ने हमला कर दिया। इस घटना में महिला की मौत हो गई। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में लोगों में डर का माहौल है। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा तेंदुए की तलाश शुरू कर दी गई।
पिछले कुछ समय से ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के कई गांवों में तेंदुओं की मौजूदगी लगातार सामने आ रही है। खेतों और आबादी के आसपास तेंदुओं के दिखाई देने की घटनाओं के कारण ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। किसान खेतों में अकेले जाने से बच रहे हैं, जबकि कई गांवों में लोग समूह बनाकर बाहर निकल रहे हैं। वहीं, रात के समय ग्रामीणों द्वारा निगरानी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
खेत में काम कर रही महिला पर हुआ हमला
मंगलवार सुबह बलिया गांव निवासी मिथलेश देवी खेत में धान के काम के लिए गई थीं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, उस समय उनके साथ सात-आठ अन्य लोग भी खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेंदुआ वहां पहुंचा और महिला पर हमला कर दिया। महिला की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग उनकी ओर दौड़े। लोगों की हलचल के बाद तेंदुआ मौके से चला गया। हालांकि, तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। इसके बाद पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग की टीम ने इलाके में तेंदुए की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने और खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी गई है।
लगातार बढ़ रही तेंदुए की गतिविधियां
ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इससे पहले भी कई गांवों में तेंदुए के हमले और उनके दिखाई देने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अगस्त के दौरान क्षेत्र में दो महिलाओं की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई थीं। मंगलवार की घटना के बाद तेंदुए के हमलों में मृतकों की संख्या तीन बताई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, खेतों में काम करना अब पहले की तरह आसान नहीं रह गया है। खासकर गन्ने और धान के खेतों के आसपास तेंदुए की मौजूदगी की आशंका बनी रहती है। इसी वजह से किसान अकेले खेत जाने के बजाय समूह में जाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कई गांवों में रात के समय निगरानी
तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों के बीच क्षेत्र के कई गांवों में ग्रामीण रात के समय निगरानी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, तेंदुआ कभी खेतों के आसपास तो कभी आबादी के करीब दिखाई दे रहा है। कुछ दिन पहले पंचायत के दौरान भी तेंदुआ गांव के नजदीक दिखाई देने की खबर सामने आई थी, जिसके बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई थी। लोगों ने शोर मचाकर उसे खेतों की ओर जाने पर मजबूर किया।
इसके अलावा, 24 अगस्त को ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के काशीराम नगर कॉलोनी के आसपास मादा तेंदुआ और उसके दो शावकों के खेतों में घूमने का वीडियो सामने आने की खबर भी आई थी। इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की थी।
वन विभाग चला रहा सर्च और रेस्क्यू अभियान
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद वन विभाग की टीम तेंदुओं को पकड़ने के लिए अभियान चला रही है। प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाए गए हैं और निगरानी बढ़ाई गई है। इससे पहले भी मुरादाबाद जिले में कई तेंदुओं को रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है। 24 अगस्त की रिपोर्ट में जिले में नौवें तेंदुए के पिंजरे में कैद किए जाने की जानकारी दी गई थी।
वहीं, इससे पहले वन विभाग द्वारा तेंदुओं को पकड़ने के लिए 20 से अधिक पिंजरे लगाए जाने और सर्च अभियान चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। कुछ अभियानों में थर्मल ड्रोन के जरिए निगरानी किए जाने की बात भी रिपोर्ट हुई है।
हालांकि, एक इलाके में तेंदुआ पकड़े जाने के बाद भी आसपास के दूसरे क्षेत्रों में उसकी मौजूदगी की आशंका बनी रहती है। यही वजह है कि वन विभाग के सामने लगातार निगरानी और रेस्क्यू अभियान चलाने की चुनौती बनी हुई है।
ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता
तेंदुए की गतिविधियों का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण जीवन पर पड़ रहा है। खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। महिलाएं भी खेतों और चारा लेने के लिए समूह में जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के आसपास तेंदुए की मौजूदगी के कारण उन्हें हर समय सतर्क रहना पड़ता है।
प्रशासन और वन विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे तेंदुए को देखने के बाद उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें। इसके बजाय तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देना अधिक सुरक्षित है। साथ ही, बच्चों को अकेले खेतों या सुनसान इलाकों में भेजने से बचने की सलाह भी दी जा रही है।
तेंदुओं की बढ़ती संख्या बनी चुनौती
मुरादाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गन्ने और अन्य फसलों वाले क्षेत्रों के आसपास तेंदुओं की मौजूदगी पहले भी सामने आती रही है। वन विभाग के सामने चुनौती यह है कि रेस्क्यू किए गए तेंदुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की पर्याप्त व्यवस्था भी हो।
इसी समस्या को देखते हुए मेरठ के हस्तिनापुर में नया वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस केंद्र में करीब 25 तेंदुओं को रखने की क्षमता होगी। इसके शुरू होने के बाद मुरादाबाद, अमरोहा और बिजनौर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों से रेस्क्यू किए गए तेंदुओं को रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
मंगलवार की घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के सामने ग्रामीणों की सुरक्षा प्राथमिकता बन गई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे खेतों में अकेले न जाएं और विशेषकर घने खेतों या झाड़ियों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतें। यदि किसी स्थान पर तेंदुआ दिखाई देता है तो भीड़ लगाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
इसके अलावा, गांवों में लोगों को वन विभाग की टीम के संपर्क में रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सलाह दी जा रही है। लगातार निगरानी के जरिए तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाने और उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने का प्रयास किया जा रहा है।
तेंदुए के हमलों से ग्रामीण जीवन प्रभावित
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए के हमलों की घटनाओं ने मानव और वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को फिर सामने ला दिया है। एक ओर जहां वन्यजीवों का संरक्षण जरूरी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण आबादी की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में तेंदुओं को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करना और प्रभावित गांवों में प्रभावी निगरानी बढ़ाना जरूरी हो गया है।
फिलहाल मंगलवार की घटना के बाद ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि तेंदुए की पहचान कर उसे जल्द सुरक्षित तरीके से पकड़ा जाएगा और लगातार सामने आ रही घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। तब तक ग्रामीणों के लिए सावधानी, समूह में आवागमन और प्रशासन के निर्देशों का पालन सबसे महत्वपूर्ण रहेगा।

