झूलेलाल चालीहा महोत्सव के समापन पर सिंधु समाज ने किया डॉ. पवन आर्या का सम्मान

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रिपोर्ट- अमित यादव 

कानपुर। झूलेलाल चालीहा महोत्सव के समापन अवसर पर कानपुर में सिंधु समाज की ओर से श्रद्धा, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुदर्शन राष्ट्र निर्माण एवं सुदर्शन न्यूज़ के प्रभारी डॉ. पवन आर्या को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में सिंधु समाज के पदाधिकारियों, सदस्यों और गणमान्य लोगों ने उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया।

समारोह के दौरान मनीष मिश्रा, जिलाध्यक्ष, कानपुर नगर सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने डॉ. पवन आर्या का स्वागत किया। कार्यक्रम में समाज के लोगों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। इसके साथ ही सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां प्रदान करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।

संगठन के पदाधिकारियों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में डॉ. पवन आर्या ने संगठन के पदाधिकारियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें पद प्रदान किए। इस अवसर पर कानपुर नगर की संगठनात्मक टीम में विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

पदाधिकारियों में मनीष मिश्रा को जिलाध्यक्ष, नितिन अग्निहोत्री को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मनीष गोकलानी, रोहित तिवारी और अनूप सिंह भदौरिया को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। वहीं राघव शुक्ला को संगठन मंत्री बनाया गया।

इसके अलावा मनीष वासंदानी, अरुण कुमार त्रिपाठी और आशुतोष सिंह भदौरिया को महामंत्री की जिम्मेदारी प्रदान की गई। संगठन की कार्यकारिणी समिति में अनूप किशोर त्रिपाठी, बृजेश शर्मा, संजय सिंह, अमित कुमार यादव, अंकित सचान, संजय कुमार फूलवानी और आकाश चंद्र को शामिल किया गया।

इस दौरान पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने, सामाजिक सहभागिता बढ़ाने और समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।

कार और मोटरसाइकिलों के जुलूस से बढ़ा उत्साह

सम्मान समारोह के बाद कार्यक्रम का अगला चरण धार्मिक एवं सामाजिक उत्साह के साथ आगे बढ़ा। कार और मोटरसाइकिलों का जुलूस 937-B, हेमंत विहार, बर्रा-2 से प्रारंभ हुआ। जुलूस बर्रा-3 स्थित झूलेलाल मंदिर पहुंचा, जहां भगवान झूलेलाल जी का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया।

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। पूजन के बाद सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके पश्चात जुलूस गुजैनी स्थित झूलेलाल मंदिर पहुंचा। वहां भी भगवान झूलेलाल जी का पूजन-अर्चन किया गया और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस धार्मिक यात्रा के दौरान समाज के लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। आयोजन में शामिल लोगों ने सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।

झूलेलाल मंच पर हुआ भव्य स्वागत

इसके बाद सभी लोग बर्रा-3 स्थित झूलेलाल मंच पर पहुंचे। यहां डॉ. पवन आर्या और मनीष मिश्रा का भव्य स्वागत किया गया। मंच पर सिंधु समाज के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित समाज के लोगों ने अतिथियों का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. पवन आर्या ने भगवान झूलेलाल जी के संदेश, समाज की एकता और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी और समाज के लोगों की सामूहिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की शक्ति उसकी एकता, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी में निहित होती है। इसलिए समाज के लोगों को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी सकारात्मक योगदान देना चाहिए।

भगवान झूलेलाल के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर

झूलेलाल चालीहा महोत्सव सिंधी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है। इसके माध्यम से भगवान झूलेलाल जी की शिक्षाओं और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इनके माध्यम से समाज में सहयोग, सेवा, सद्भाव और एकता की भावना को भी मजबूत किया जाना चाहिए। इसी भावना के साथ कानपुर में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संगठन और राष्ट्र निर्माण के संदेश का माध्यम बना।

पदाधिकारियों और समाज के लोगों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में सिंधु समाज के पदाधिकारियों मनीष गोकलानी, मनीष वासंदानी और संजय कुमार फूलवानी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

वहीं, संगठन के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने भी समाज के हित में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के दौरान आपसी समन्वय, सामाजिक सहभागिता और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि समाज की एकता और सकारात्मक सोच के माध्यम से सामाजिक कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए युवा वर्ग की भागीदारी भी आवश्यक है। साथ ही, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए।

श्रद्धा और सामाजिक एकता के वातावरण में हुआ समापन

झूलेलाल चालीहा महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक श्रद्धा, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंदिरों में पूजन-अर्चन से लेकर मंचीय कार्यक्रम और पदाधिकारियों के सम्मान तक, पूरे आयोजन में समाज के लोगों की सक्रिय भागीदारी रही।

अंततः कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं समाज को जोड़ने का माध्यम बन सकती हैं। साथ ही, सामाजिक संगठनों की सक्रियता से समाज के लोगों में सेवा, सहयोग और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया जा सकता है।

कानपुर में झूलेलाल चालीहा महोत्सव के समापन पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सिंधु समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक आस्था को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस तरह श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के वातावरण में झूलेलाल चालीहा महोत्सव का समापन हुआ।

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