श्रावस्ती में DM अन्नपूर्णा गर्ग के निरीक्षण में स्कूल की खुली पोल, कम उपस्थिति पर प्रधान शिक्षक को फटकार
रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले में बेसिक शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने प्राथमिक विद्यालय भिट्ठी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में बच्चों की कम उपस्थिति, शिक्षामित्र की लगातार अनुपस्थिति और अभिलेखों में अंतर जैसी कमियां सामने आईं। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित जिम्मेदारों को आवश्यक कार्रवाई और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
डीएम के अचानक विद्यालय पहुंचने से स्कूल प्रशासन में भी हलचल देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल उपस्थिति व्यवस्था ही नहीं देखी, बल्कि बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता, मिड-डे मील, साफ-सफाई और विद्यालय की मूलभूत व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान कुछ व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, जबकि कुछ बिंदुओं पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
बच्चों की कम उपस्थिति पर डीएम ने जताई नाराजगी
प्राथमिक विद्यालय भिट्ठी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने सबसे पहले विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय बच्चों की संख्या अपेक्षाकृत कम मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन से बच्चों की कम उपस्थिति के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए अभिभावकों से संपर्क करने और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
डीएम ने प्रधान शिक्षक को विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
अनुपस्थित शिक्षामित्र पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एक शिक्षामित्र के कई दिनों से विद्यालय से अनुपस्थित रहने का मामला भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी जताई।
डीएम ने संबंधित शिक्षामित्र की लगातार अनुपस्थिति को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में तैनात प्रत्येक शिक्षक और शिक्षाकर्मी की नियमित उपस्थिति जरूरी है, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
दरअसल, सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षामित्रों की उपस्थिति सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी होती है। ऐसे में लंबे समय तक अनुपस्थित रहने की स्थिति में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया।
उपस्थिति और वीआईएफएस पंजिका में मिला अंतर
विद्यालय के अभिलेखों की जांच के दौरान जिलाधिकारी को उपस्थिति पंजिका और वीआईएफएस पंजिका में अंतर भी मिला। इस अंतर को लेकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और विद्यालय प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
डीएम ने अभिलेखों को व्यवस्थित और सही तरीके से दर्ज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय से संबंधित सभी पंजिकाओं और रिकॉर्ड में सही जानकारी दर्ज होनी चाहिए, ताकि विद्यालय की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
अभिलेखों में किसी भी तरह की विसंगति मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों से जवाब मांगा जा सकता है। इसलिए जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को रिकॉर्ड को नियमानुसार अपडेट रखने के निर्देश दिए।
बच्चों से पढ़ाई की गुणवत्ता परखी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बच्चों से बातचीत की और उनकी शैक्षणिक समझ को परखा। उन्होंने विद्यार्थियों से कक्षा में पढ़ाए जा रहे विषयों से संबंधित सवाल पूछे।
इस दौरान छात्र अमन ने पूछे गए सवाल का सही जवाब दिया। सही उत्तर देने पर जिलाधिकारी ने छात्र की पीठ थपथपाकर उसका उत्साह बढ़ाया। इससे विद्यालय के अन्य बच्चों को भी पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित होने का संदेश मिला।
डीएम ने बच्चों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं और कक्षा में होने वाली गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक समझ को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मिड-डे मील व्यवस्था मिली संतोषजनक
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में संचालित मिड-डे मील व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेनू के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण में मिड-डे मील निर्धारित मेनू के अनुसार पाया गया। इस व्यवस्था को लेकर मौके पर कोई बड़ी कमी सामने नहीं आई। डीएम ने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार ही भोजन उपलब्ध कराया जाए और भोजन की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए।
मिड-डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करना है। इसलिए भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
विद्यालय की साफ-सफाई बेहतर मिली
विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते समय साफ-सफाई की स्थिति भी देखी गई। परिसर की सामान्य स्वच्छता व्यवस्था बेहतर पाई गई। हालांकि, विद्यालय के शौचालय की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी ने सुधार के निर्देश दिए।
डीएम ने प्रधान शिक्षक को शौचालय की नियमित साफ-सफाई कराने और उसे विद्यार्थियों के उपयोग के अनुकूल बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
विद्यालय में साफ-सफाई की व्यवस्था को लगातार बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता पर जोर
जिलाधिकारी के निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना और कमियों को चिन्हित कर उनमें सुधार सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को भी प्राथमिकता दी।
बच्चों से सवाल पूछकर उनकी समझ परखना इसी प्रक्रिया का हिस्सा रहा। सही जवाब देने वाले छात्र अमन की सराहना कर डीएम ने अन्य बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने के बजाय विषयों को समझाने पर भी ध्यान दिया जाए। इसके अलावा कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जिम्मेदारों को दिए सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। बच्चों की कम उपस्थिति को सुधारने, अनुपस्थित शिक्षामित्र के खिलाफ कार्रवाई करने और अभिलेखों में अंतर को दूर करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही शौचालय की साफ-सफाई बेहतर करने को कहा गया। डीएम ने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का बच्चों को उचित लाभ मिले।
कुल मिलाकर, श्रावस्ती के प्राथमिक विद्यालय भिट्ठी में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की स्थिति सामने आई। बच्चों की कम उपस्थिति और शिक्षामित्र की अनुपस्थिति जैसे मामलों पर नाराजगी जताई गई, जबकि मिड-डे मील और सामान्य साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक मिली। वहीं, शौचालय की स्थिति में सुधार के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी का यह निरीक्षण सरकारी विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, अभिलेखों की पारदर्शिता और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

