आजमगढ़ में बाबा भंवरनाथ के दरबार में सजी भजन संध्या, रविंद्र सिंह ज्योति की प्रस्तुति ने बांधा समां
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार के अवसर पर आजमगढ़ के प्रसिद्ध श्री बाबा भंवरनाथ मंदिर परिसर में भक्ति और संगीत से सजी भजन संध्या का आयोजन किया गया। ब्लू नाइट आर्केस्ट्रा एंड जागरण ग्रुप एवं आजमगढ़ कलाकार संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ अंतरराष्ट्रीय भजन गायक रविंद्र सिंह ज्योति ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे और बाबा भंवरनाथ के दरबार में पूजा-अर्चना के साथ भजन संध्या का आनंद लिया।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में चतुर्थ सोमवार को बाबा भंवरनाथ मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण पैदा किया। शाम होते ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बढ़ने लगी और भजनों की प्रस्तुतियों के साथ वातावरण भक्तिमय होता चला गया।
गणेश वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
भजन संध्या का शुभारंभ पूर्वांचल के लोकप्रिय गायक एवं फिल्म अभिनेता राजेश रंजन ने भगवान गणेश की वंदना से किया। उन्होंने ‘जय गणेश, जय महादेव’ की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। गणेश वंदना के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद श्रद्धालु भक्तिभाव में डूब गए।
इसके बाद भगवान शिव को समर्पित विभिन्न भजनों की प्रस्तुतियां शुरू हुईं। ‘जोगिया-जोगिया में बाबा का जोगिया’ जैसे भजनों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। वहीं, समय-समय पर गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों ने पूरे परिसर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।
स्थानीय कलाकारों ने भी दी शानदार प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में आजमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। गायक कलाकार संजीव प्रजापति ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया। वहीं जहांगीरगंज से आए शक्ति सोनकर ने भी अपनी भजन प्रस्तुति से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
इसके अलावा संगीता सोनकर, चंदा सरगम, प्रियंका शर्मा, शाह आलम, सांवरिया, दुष्यंत शुक्ला, गर्ग अनुपम राय, गुड्डू, वीरेंद्र भारती, हिमांशु मिश्रा, वरुण धवन और चंदन सांवरिया सहित कई कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। इस प्रकार कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय कलाकारों को मंच देने का उद्देश्य भी पूरा हुआ।
रविंद्र सिंह ज्योति की प्रस्तुति बनी मुख्य आकर्षण
भजन संध्या का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय भजन गायक रविंद्र सिंह ज्योति रहे। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया। उनके मंच पर पहुंचते ही जय माता दी के जयकारे गूंजने लगे।
रविंद्र सिंह ज्योति ने देवी गीतों की कई प्रस्तुतियां दीं। उनके द्वारा प्रस्तुत गीतों ने श्रद्धालुओं को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। कई भक्त भजनों के दौरान झूमते और तालियां बजाते नजर आए।
उनकी प्रस्तुति के दौरान ‘मयरिया कवने करनवा भुलाईलू ना…’ जैसे गीतों ने कार्यक्रम में भावनात्मक रंग भर दिया। इसके बाद ‘चिरई होती जो हम मयरिया, फुदुकी-फुदुकी के खइती अछत के दनवा…’ जैसी प्रस्तुति पर भी श्रद्धालुओं ने खूब उत्साह दिखाया।
भजन संध्या के दौरान धार्मिक गीतों और जयकारों का सिलसिला देर तक चलता रहा। इससे मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।
अंतरराष्ट्रीय भजन गायक का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान आजमगढ़ कलाकार संगठन एवं ब्लू नाइट आर्केस्ट्रा एंड जागरण समिति की ओर से अंतरराष्ट्रीय भजन गायक रविंद्र सिंह ज्योति का विशेष सम्मान किया गया। उन्हें चांदी की नोटमाला, साल और जय श्रीराम का पट्टा देकर सम्मानित किया गया।
वहीं, देवखरी ग्राम प्रधान रूपेश सिंह ने भी कार्यक्रम में शामिल कलाकारों का अंगवस्त्र देकर स्वागत एवं सम्मान किया। आयोजकों ने कहा कि कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस तरह के सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
संगीत टीम ने भी बांधा समां
भजन संध्या को सफल बनाने में संगीत टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। दीपक गोड़, विशाल गोड़, सुनील, बैजो, हरिंदर, ढोलक वादक बादल और कीबोर्ड कलाकार ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया।
गायकों की आवाज के साथ वाद्ययंत्रों की संगत ने भजनों को आकर्षक रूप दिया। श्रद्धालु देर तक कार्यक्रम में मौजूद रहकर भक्ति संगीत का आनंद लेते रहे।
शिवभक्तों और पत्रकारों का भी सम्मान
श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार पर बाबा भंवरनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे शिवभक्तों का समिति की ओर से स्वागत और सम्मान किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को भी अंगवस्त्र एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित पत्रकारों में आलम भाई, आरती गिरी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, परफेक्ट न्यूज, गुड्डू भाई, सतीश चंद्र श्रीवास्तव, रामनयन और बृजेश सिंह सहित अन्य पत्रकार शामिल रहे।
आयोजकों ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसलिए पत्रकारों का सम्मान भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन के साथ सेवा और प्रसाद वितरण की व्यवस्था ने कार्यक्रम को और व्यापक स्वरूप दिया।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान लोग भजन-कीर्तन सुनने के साथ बाबा भंवरनाथ के दर्शन भी करते रहे।
धार्मिक झांकियों ने मोहा मन
भजन संध्या के दौरान भगवान भोलेनाथ और अघोरी की दिव्य झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। इसके साथ ही राधा रानी सरकार की जीवंत झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
धार्मिक झांकियों, भजन संगीत और जयकारों के बीच मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने झांकियों का आनंद लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता अजीत पांडे, विपिन सिंह, सुप्रसिद्ध गीतकार मृत्युंजय सिप्पी और रविशंकर तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजक राजेश रंजन ने अपनी पूरी टीम के साथ कलाकारों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को मंच देने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
कुल मिलाकर, श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार पर बाबा भंवरनाथ मंदिर में आयोजित भजन संध्या धार्मिक आस्था, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सुंदर संगम रही। स्थानीय कलाकारों के साथ रविंद्र सिंह ज्योति की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को खास बनाया। वहीं, भजन, धार्मिक झांकियों, भंडारे और सम्मान समारोह के कारण श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन यादगार बन गया।

