अमरोहा में बारिश के बाद NH-9 पर हुआ जलभराव, चौधरपुर में तालाब बनी सड़क से बढ़ी परेशानी

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रिपोर्ट – इकबाल अंसारी 

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में बारिश के बाद जलनिकासी की समस्या एक बार फिर सामने आई है। डिडौली थाना क्षेत्र के चौधरपुर गांव के पास स्थित नेशनल हाईवे-9 पर बारिश के बाद भारी जलभराव हो गया। हाईवे का एक हिस्सा पानी से भर जाने के कारण सड़क तालाब जैसी नजर आने लगी। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने से सबसे अधिक दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हुई। पानी की गहराई स्पष्ट दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालकों को काफी धीमी गति से आगे बढ़ना पड़ा। वहीं, बड़े वाहनों के गुजरने पर सड़क पर जमा पानी आसपास तक फैल गया, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को भी असुविधा हुई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण हाईवे पर लंबे समय तक पानी जमा रहता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो लगातार बारिश के दौरान समस्या और बढ़ सकती है।

बारिश के बाद हाईवे पर हुआ जलभराव

चौधरपुर गांव के पास NH-9 क्षेत्र में बारिश के बाद सड़क के एक हिस्से में काफी पानी जमा हो गया। कुछ ही समय में सड़क का यह हिस्सा जलभराव के कारण तालाब जैसा दिखाई देने लगा।

नेशनल हाईवे होने के कारण इस मार्ग पर दिनभर बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर पानी जमा होने से यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। वाहन चालक पानी से भरे हिस्से से सावधानीपूर्वक निकलते दिखाई दिए।

विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए जलभराव परेशानी का कारण बना। पानी के नीचे सड़क की वास्तविक स्थिति और गड्ढों का पता नहीं चल पाने के कारण उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।

पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल

सड़क पर पानी अधिक जमा होने के कारण वाहन चालकों के लिए पानी की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया। इसके चलते कई लोग वाहन धीमी गति से निकालते नजर आए।

वहीं, जब बड़े वाहन जलभराव वाले हिस्से से गुजरे तो उनके पहियों से पानी आसपास की ओर फैल गया। इससे सड़क के किनारे खड़े लोगों और पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या नई नहीं है। उनका दावा है कि बारिश का पानी निकलने में समय लगता है, जिसके कारण सड़क पर लंबे समय तक पानी जमा रहता है।

जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

जलभराव के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के पानी को जल्द निकालने के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, खासकर ऐसे मार्ग पर जहां लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, यदि नालियों या जलनिकासी के रास्तों की नियमित सफाई की जाए और पानी की निकासी का उचित प्रबंध हो तो बारिश के बाद सड़क पर लंबे समय तक जलभराव की स्थिति से बचा जा सकता है।

हालांकि, जलभराव के वास्तविक कारणों और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति का तकनीकी आकलन संबंधित विभाग के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

सड़क के गड्ढों से भी बढ़ी परेशानी

जलभराव की वजह से सड़क पर मौजूद गड्ढे दिखाई नहीं देते। ऐसे में वाहन चालकों को पानी से भरे हिस्से से गुजरते समय सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से परेशानी वाली हो सकती है। वहीं, बड़े वाहनों के गुजरने से पानी की हलचल बढ़ने पर सड़क की स्थिति समझना और मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जलभराव वाले स्थान पर सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया जाए और यदि कहीं गड्ढे या क्षतिग्रस्त हिस्से हैं तो उनकी मरम्मत कराई जाए।

लगातार बारिश होने पर बढ़ सकती है समस्या

अमरोहा में यदि आने वाले दिनों में लगातार बारिश होती है तो चौधरपुर क्षेत्र में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हुआ है, ऐसे में लगातार बारिश होने पर पानी की निकासी और मुश्किल हो सकती है।

इसके चलते हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की गति प्रभावित हो सकती है। साथ ही, सड़क किनारे रहने वाले लोगों और आसपास के दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इसलिए लोगों ने संबंधित विभाग से समय रहते जलनिकासी व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।

राहगीरों को भी हो रही परेशानी

जलभराव का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। सड़क के किनारे पैदल चलने वाले लोगों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ता है।

बड़े वाहनों के गुजरने पर पानी सड़क के किनारे तक फैल जाता है। इससे राहगीरों को बचकर निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश के बाद पानी की जल्द निकासी की व्यवस्था हो जाए तो राहगीरों को इस तरह की परेशानी से राहत मिल सकती है।

इसके अलावा, सड़क किनारे मौजूद दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों तक पहुंचने वाले लोगों को भी जलभराव के कारण दिक्कत हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने की विभाग से मांग

जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले स्थान की पहचान कर वहां पानी निकालने के लिए तत्काल व्यवस्था की जानी चाहिए।

इसके साथ ही स्थायी समाधान के लिए जलनिकासी व्यवस्था की जांच और आवश्यक सुधार कराने की भी मांग की गई है।

लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे-9 जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर बारिश के बाद जलभराव की समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ वाहन चालकों को भी असुविधा होती है।

तत्काल पानी निकासी की जरूरत

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश रुकने के बाद सड़क से पानी की जल्द निकासी सबसे जरूरी है। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार पंप या अन्य साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, स्थायी समाधान के लिए जलनिकासी की पूरी व्यवस्था का निरीक्षण करना आवश्यक होगा।

इसके अलावा, सड़क पर पानी जमा होने वाले स्थानों की पहचान करके वहां जलनिकासी के अतिरिक्त इंतजाम किए जाने से भविष्य में समस्या कम की जा सकती है।

प्रशासन और विभाग की कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल चौधरपुर के पास NH-9 पर बारिश के बाद हुए जलभराव ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वाहन चालक सावधानी से पानी से भरे हिस्से को पार कर रहे हैं, जबकि पैदल राहगीरों को भी आवागमन में दिक्कत हो रही है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करे और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाले। साथ ही, सड़क की स्थिति और जलनिकासी व्यवस्था की भी जांच की जाए।

कुल मिलाकर, अमरोहा के चौधरपुर में बारिश के बाद NH-9 पर हुआ जलभराव क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही मौके का निरीक्षण कर पानी की निकासी और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।