मथुरा नगर निगम में हुई ‘संभव’ जनसुनवाई, नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने सुनीं 14 शिकायतें
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में संचालित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम ‘संभव- संतुष्टि एवं समृद्धि’ के तहत मंगलवार को मथुरा नगर निगम में जनसुनवाई आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के तीनों जोन में एक साथ अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
भूतेश्वर स्थित नगर निगम मुख्यालय में नगर आयुक्त ओजस्वी राज और अपर नगर आयुक्त सुनीता कुमारी ने स्वयं लोगों की शिकायतें सुनीं। वहीं, वृंदावन जोन में सहायक नगर आयुक्त नीरज शर्मा और सिटी जोन के जनरल गंज कार्यालय में अवर अभियंता अजय कुमार ने जनसुनवाई की।
इस दौरान नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे, ताकि शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने में अनावश्यक देरी न हो और मौके पर ही कार्रवाई की दिशा तय की जा सके।
तीनों जोन में एक साथ हुई जनसुनवाई
‘संभव’ कार्यक्रम के तहत मंगलवार सुबह 10 बजे से नगर निगम के तीनों जोन में जनसुनवाई शुरू हुई। नगर निगम प्रशासन की ओर से पहले से ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे।
भूतेश्वर जोन स्थित नगर निगम मुख्यालय में नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत के संबंध में जानकारी ली।
इसके बाद नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों से मांगी गई।
जनसुनवाई को औपचारिकता न मानने के निर्देश
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘संभव’ जनसुनवाई को केवल औपचारिक प्रक्रिया के तौर पर न लिया जाए। इसका उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं को सुनना और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता की समस्या को ध्यानपूर्वक समझने के बाद उसके समाधान की समयसीमा तय की जाए। इसके साथ ही, संबंधित विभाग यह भी सुनिश्चित करे कि शिकायत के निस्तारण के बाद उसकी रिपोर्ट समय से प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इस निर्देश के बाद अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में तेजी बरतने के लिए कहा गया।
भूतेश्वर जोन में छह शिकायतें पहुंचीं
भूतेश्वर जोन की जनसुनवाई के दौरान कुल छह शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें अतिक्रमण से जुड़ी रहीं।
प्राप्त शिकायतों में दो मामले अतिक्रमण से संबंधित थे। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट और निर्माण कार्य से जुड़ी एक शिकायत सामने आई। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की सफाई व्यवस्था को लेकर दो शिकायतें प्राप्त हुईं।
इसके अलावा एक शिकायत फॉगिंग कराने से संबंधित थी। इस शिकायत पर नगर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उसी दिन फॉगिंग की कार्रवाई कराई।
इस तरह जनसुनवाई के दौरान सामने आई शिकायतों में संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वृंदावन जोन में सीवर और पेयजल की शिकायतें अधिक
वृंदावन जोन में जनसुनवाई के दौरान कुल आठ शिकायतें प्राप्त हुईं। यहां सबसे अधिक शिकायतें जलकल विभाग से जुड़ी रहीं।
प्राप्त आठ शिकायतों में पांच शिकायतें सीवर सफाई और पेयजल आपूर्ति बाधित होने से संबंधित थीं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था से जुड़ी एक शिकायत, निर्माण कार्य से संबंधित एक शिकायत और नजूल भूमि से जुड़ी एक शिकायत सामने आई।
इन शिकायतों को भी संबंधित अधिकारियों के माध्यम से दर्ज कराया गया। नगर निगम प्रशासन ने संबंधित अवर अभियंताओं को शिकायतों की जांच कर समयसीमा के भीतर समाधान कराने के निर्देश दिए।
48 से 72 घंटे में निस्तारण का निर्देश
जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज किया गया। इसके बाद संबंधित अवर अभियंताओं और विभागीय अधिकारियों को 48 से 72 घंटे के भीतर शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शिकायतों के समाधान में समयसीमा का पालन महत्वपूर्ण है। इसलिए अधिकारियों को केवल शिकायत दर्ज करने के बजाय उसके समाधान की स्थिति की निगरानी करने के लिए भी कहा गया है।
इससे नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
विभागाध्यक्षों की मौजूदगी से तेज होगी कार्रवाई
जनसुनवाई के दौरान नगर निगम के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी शिकायत को एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजने के कारण अनावश्यक देरी न हो।
भूतेश्वर कार्यालय में सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक, अधिशासी अभियंता निर्माण अमरेंद्र गौतम, सहायक अभियंता जल हेमेंद्र गौतम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामगोपाल और अवर अभियंता विद्युत यंत्री शैलेश समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इनमें जलकल, निर्माण, स्वास्थ्य, प्रकाश और अतिक्रमण विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।
नागरिकों की समस्याओं पर सीधा संवाद
‘संभव’ जनसुनवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। इससे शिकायत के वास्तविक स्वरूप और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी को लेकर मौके पर ही स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिली।
इसके अलावा, जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव थी, उनमें अधिकारियों को उसी समय आवश्यक निर्देश दिए गए। वहीं, जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण या तकनीकी जांच की जरूरत है, उनके लिए समयसीमा निर्धारित की गई।
शिकायतों की निगरानी पर जोर
जनसुनवाई में केवल शिकायत प्राप्त करना ही उद्देश्य नहीं रखा गया, बल्कि उनके निस्तारण की निगरानी पर भी जोर दिया गया। नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों को निर्धारित समय में निस्तारित कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
खास तौर पर सीवर, पेयजल, सफाई, निर्माण, स्ट्रीट लाइट और अतिक्रमण जैसी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर समय से कार्रवाई करना जरूरी है।
नगर निगम प्रशासन की ओर से अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी तरह की लापरवाही न हो।
‘संभव’ कार्यक्रम का उद्देश्य
‘संभव- संतुष्टि एवं समृद्धि’ कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से नागरिक सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख सकते हैं।
मथुरा नगर निगम में आयोजित जनसुनवाई के दौरान भी इसी व्यवस्था के तहत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें सुनी गईं। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।
इससे नगर निगम और आम नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
आगे भी जारी रहेगी जनसुनवाई
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कुल 14 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें भूतेश्वर जोन से छह और वृंदावन जोन से आठ शिकायतें शामिल रहीं। सिटी जोन की जनसुनवाई भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आयोजित की गई।
अब संबंधित विभागों के अधिकारियों के सामने इन शिकायतों को तय समयसीमा में निस्तारित करने की जिम्मेदारी है। नगर निगम प्रशासन की ओर से शिकायतों की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।
कुल मिलाकर, मथुरा नगर निगम में ‘संभव’ जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुना गया और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सीवर, पेयजल, सफाई, अतिक्रमण, निर्माण और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं से जुड़ी 14 शिकायतें सामने आईं। अब इन शिकायतों के निर्धारित समय में समाधान पर लोगों की नजर रहेगी।

