फतेहपुरः वृक्षों को राखी बांधकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, ‘एक वृक्ष-एक जिम्मेदारी’ का लिया संकल्प
रिपोर्ट- राम चन्द्र सैनी
फतेहपुर। पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से जनपद के विभिन्न विद्यालयों में ‘वृक्षाबंधन’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया। इस अनूठी पहल के माध्यम से बच्चों ने समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और पर्यावरण संरक्षण की भावना देखने को मिली। छात्र-छात्राओं ने पेड़ों को राखी बांधते हुए यह संदेश दिया कि जिस प्रकार भाई-बहन के रिश्ते में एक-दूसरे की रक्षा का संकल्प महत्वपूर्ण होता है, उसी प्रकार वृक्ष भी मानव जीवन की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए पेड़ों की सुरक्षा करना केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।
वृक्ष हमारे जीवन का आधार
विद्यार्थियों ने बताया कि वृक्ष मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वे हमें प्राणवायु उपलब्ध कराने के साथ-साथ गर्मी में छाया, फल-फूल और अनेक उपयोगी संसाधन प्रदान करते हैं। इसके अलावा वृक्ष पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में तेजी से बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों के बीच अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना समय की आवश्यकता है।
वृक्षाबंधन अभियान के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि पौधरोपण के बाद उनकी देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। अक्सर पौधे लगाने के बाद उनकी नियमित देखभाल नहीं हो पाती, जिसके कारण वे विकसित नहीं हो पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
‘एक वृक्ष-एक जिम्मेदारी’ का संदेश
कार्यक्रम की विशेषता ‘एक वृक्ष-एक जिम्मेदारी’ की भावना रही। विद्यार्थियों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। इसके बाद प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया गया। बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे पौधों को केवल कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह समझें और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएं।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जागरूकता संदेश और चित्र भी प्रदर्शित किए गए। इनके माध्यम से बच्चों को प्रकृति, हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें अपने आसपास के लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
बचपन से विकसित हो पर्यावरण संरक्षण की आदत
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की आदत यदि बचपन से ही विकसित की जाए तो उसका सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक दिखाई देता है। बच्चे अपने परिवार और समाज में पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आसानी से पहुंचा सकते हैं। इसलिए विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी सहायक होते हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। इसके लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। इसी क्रम में विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति से जोड़ना एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है।
बच्चों ने लिया पेड़ों की देखभाल का संकल्प
वृक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। बच्चों ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पेड़ों को बचाना पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने अपने घर और आसपास भी पौधरोपण तथा उनकी देखभाल के लिए लोगों को जागरूक करने की बात कही।
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन या किसी विशेष अभियान तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए पूरे वर्ष लगातार प्रयास जरूरी हैं। पौधों को पानी देना, उन्हें नुकसान से बचाना, आसपास साफ-सफाई रखना और अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करना ऐसे छोटे कदम हैं, जिनका सामूहिक रूप से बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
समाज में बढ़े पर्यावरण के प्रति जागरूकता
वृक्षाबंधन जैसे अभिनव अभियान बच्चों को प्रकृति के करीब लाने के साथ-साथ समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम कर रहे हैं। राखी बांधने की सांस्कृतिक परंपरा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर विद्यार्थियों को पेड़ों के महत्व का संदेश दिया गया। इससे बच्चों में वृक्षों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव विकसित करने का प्रयास भी किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर कम से कम एक पौधे की जिम्मेदारी ले और उसकी नियमित देखभाल करे तो आने वाले वर्षों में हरियाली को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसी सोच को ‘एक वृक्ष-एक जिम्मेदारी’ के संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया।

