फतेहपुर में राष्ट्रगान के अपमान के आरोप में विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कांग्रेस ने पुलिस को दी तहरीर
रिपोर्ट- रामचन्द्र सैनी
फतेहपुर। उन्नाव के पूरन नगर स्थित एसवीएम इंटर कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान से जुड़ा एक मामला राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्रगान पूरा होने से पहले कार्यक्रम स्थल से चले गए। इस घटना से आहत फतेहपुर के कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर विधानसभा अध्यक्ष के विरुद्ध लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।कांग्रेस की ओर से दी गई शिकायत का नेतृत्व जिला अध्यक्ष महेश द्विवेदी और शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने किया। पार्टी नेताओं ने अपने शिकायती पत्र में राष्ट्रगान के दौरान हुई कथित घटना को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस ने पुलिस को सौंपा शिकायती पत्र
कांग्रेस नेताओं की ओर से पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रगान के दौरान उसमें किसी प्रकार की बाधा पहुंचाना कानूनन दंडनीय कृत्य है। शिकायतकर्ताओं ने राष्ट्रीय गौरव अपमान अधिनियम, 1971 की धारा 3 का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रगान के सम्मान और उसकी गरिमा को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्नाव के एसवीएम इंटर कॉलेज, पूरन नगर में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान चल रहा था। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के कार्यक्रम स्थल से चले जाने के कारण वहां अफरातफरी जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। कांग्रेस नेताओं ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस से मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों और घटना की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। शिकायत के आधार पर पुलिस द्वारा मामले के तथ्यों की जांच की जानी है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने साधा निशाना
जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश द्विवेदी ने इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष और उनसे जुड़े राजनीतिक विचारों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान देश के सम्मान और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। ऐसे में इसके दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या व्यवधान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
महेश द्विवेदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों को राष्ट्रगान के गौरव और उसके महत्व की जानकारी नहीं है, वे स्वयं को राष्ट्रवादी बताते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े विषयों पर सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से संवेदनशीलता बरतने की अपील भी की।
शहर अध्यक्ष ने भी उठाए सवाल
शहर कांग्रेस अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने कहा कि राष्ट्रगान देश की एकता, अखंडता और गौरव की भावना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान की लय और उसकी गरिमा लोगों के मन में देश के प्रति सम्मान की भावना पैदा करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्रगान के दौरान निर्धारित शिष्टाचार का पालन करता है। ऐसे में सार्वजनिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से जुड़े किसी भी घटनाक्रम को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
आरिफ गुड्डा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में पुलिस से निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की अपेक्षा करती है। उन्होंने कहा कि शिकायत किसी व्यक्ति विशेष के राजनीतिक विरोध के बजाय राष्ट्रगान की गरिमा से जुड़े मुद्दे को सामने रखने के उद्देश्य से की गई है।
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
पुलिस को शिकायत सौंपे जाने के दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें जिला उपाध्यक्ष सुधाकर अवस्थी, राजीव लोचन निषाद, राजेंद्र लोधी, इंजीनियर देवी प्रकाश दुबे, जेपी पासवान, फजलुर्रहमान असलम, नरेंद्र सिंह रिक्की, सैयद सहाब अली, राम नरेश महाराज, ओम प्रकाश कोरी, रेखा पासवान, इशरत जी, शकीला बानो, निजामुद्दीन, बसीर अहमद, शैलेंद्र सिंह, मोहम्मद नौसाद, चौधरी मोइन राइन, इंद्रजीत लोधी, अजय बच्चा, कौशल कुमार शुक्ला, सुधीश पांडेय, नजमी कमर, मोहम्मद रमजान और हम्माद हुसैन सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से आग्रह किया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्षता से जांच की जाए और यदि जांच में किसी प्रकार का कानून उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
राष्ट्रगान की गरिमा को लेकर राजनीतिक बहस
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राष्ट्रगान की गरिमा और सार्वजनिक कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर राष्ट्रगान का विशेष महत्व होता है। ऐसे आयोजनों में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की मौजूदगी रहती है।
यही वजह है कि राष्ट्रगान से जुड़ी किसी भी घटना पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया सामने आना स्वाभाविक है। कांग्रेस ने जहां इसे राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ते हुए पुलिस में शिकायत दी है, वहीं पूरे मामले में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस से शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी स्थिति
फतेहपुर में कांग्रेस द्वारा दी गई तहरीर के बाद अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच, कार्यक्रम से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति तय होगी।
इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। इसलिए पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राष्ट्रगान के दौरान वास्तव में क्या हुआ और क्या किसी कानून का उल्लंघन हुआ।

