कानपुर के 93 स्कूलों से हटेंगी हाईटेंशन और एलटी लाइनें, डीएम ने दिए सत्यापन के निर्देश
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कानपुर नगर में विद्यालय परिसरों से होकर गुजर रही हाईटेंशन (HT) और लो टेंशन (LT) विद्युत लाइनों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। शासन के निर्देशों के तहत जनपद में गठित समिति ने पहले चरण में ऐसे 93 राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों को चिह्नित किया है, जहां विद्युत लाइनों को हटाने अथवा स्थानांतरित करने की आवश्यकता है। इस संबंध में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों को स्थलीय सत्यापन जल्द पूरा कर आगे की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में विद्यालय परिसरों से गुजर रही विद्युत लाइनों की स्थिति, चिह्नित विद्यालयों और उनके स्थलीय सत्यापन की प्रगति पर चर्चा की गई। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर उठाया गया कदम
विद्यालयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रतिदिन पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यदि विद्यालय भवन, परिसर, खेल मैदान या अन्य उपयोगी स्थानों के ऊपर से हाईटेंशन अथवा लो टेंशन विद्युत लाइन गुजर रही हो, तो सुरक्षा की दृष्टि से उसकी स्थिति का परीक्षण जरूरी है।
इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ-साथ माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के परिसरों से गुजरने वाली एचटी और एलटी विद्युत लाइनों को हटाने या सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान कहा कि विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसलिए जहां भी विद्युत लाइन के कारण संभावित जोखिम की स्थिति है, वहां स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पहले चरण में 93 विद्यालय चिह्नित
जनपद स्तर पर गठित समिति ने प्रारंभिक चरण में 93 विद्यालयों की पहचान की है। इन विद्यालयों में विद्युत लाइनों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता का आकलन किया जा रहा है। अब इन सभी विद्यालयों का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
स्थलीय सत्यापन के दौरान यह देखा जाएगा कि विद्युत लाइन विद्यालय परिसर के किस हिस्से से गुजर रही है और उसके स्थानांतरण के लिए किस प्रकार की तकनीकी कार्रवाई आवश्यक होगी। इसके बाद संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य को आगे बढ़ाएंगे।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल चिह्नित विद्यालयों तक सीमित नहीं है। बल्कि जनपद के अन्य पात्र विद्यालयों को भी इस व्यवस्था का लाभ दिलाने पर जोर दिया जा रहा है।
करीब 134 राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय
जिलाधिकारी ने बताया कि कानपुर नगर में लगभग 134 राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इसलिए इन विद्यालयों के भवन, खेल मैदान और अन्य परिसरों की भी जांच कराई जाएगी।
यदि किसी विद्यालय के परिसर से एचटी या एलटी विद्युत लाइन गुजर रही है, तो उसका स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार लाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य है कि पात्र विद्यालयों की पहचान समय रहते हो और कोई भी विद्यालय इस सुविधा से वंचित न रहे।
निःशुल्क स्थानांतरण की व्यवस्था
शासन के निर्देशों के तहत पात्र राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के परिसर से गुजर रही एचटी और एलटी विद्युत लाइनों को निःशुल्क स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई है। इसका सीधा उद्देश्य विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण तैयार करना है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सुविधा की जानकारी संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र विद्यालयों को प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी न हो।
इस व्यवस्था के तहत विद्युत विभाग और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करना होगा। इससे लाइन स्थानांतरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाया जा सकेगा।
स्थलीय सत्यापन के बाद शुरू होगा काम
चिह्नित 93 विद्यालयों में विद्युत लाइनों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्थलीय सत्यापन महत्वपूर्ण चरण है। इसके माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किस विद्यालय में लाइन को किस दिशा में और किस सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सत्यापन की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। संबंधित विभाग मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करें और आवश्यक तकनीकी जानकारी जुटाएं।
इसके बाद विद्युत विभाग तथा संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि शासन के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
अन्य विद्यालयों की भी होगी पहचान
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पहले चरण में 93 विद्यालय चिह्नित किए गए हैं, लेकिन यदि अन्य विद्यालयों में भी ऐसी स्थिति सामने आती है तो उन्हें भी सूची में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के भवन, परिसर और खेल मैदान का व्यापक स्तर पर सत्यापन किया जाए। जहां कहीं एचटी या एलटी लाइन गुजर रही हो, वहां उसकी जानकारी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि विद्युत लाइनों के स्थानांतरण से जुड़ी सरकारी सुविधा का लाभ सभी पात्र विद्यालयों को मिल सके।
जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील
विद्यालय परिसरों में विद्युत लाइनों की पहचान की प्रक्रिया में प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग मांगा है। जिलाधिकारी ने अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में किसी विद्यालय के भवन, परिसर या खेल मैदान से हाईटेंशन अथवा लो टेंशन विद्युत लाइन गुजर रही है, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए।
प्राप्त सूचना के आधार पर संबंधित विद्यालय का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। यदि लाइन को स्थानांतरित करने की आवश्यकता पाई जाती है, तो विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह प्रशासन स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं को भी इस अभियान से जोड़कर व्यापक स्तर पर विद्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। विद्युत लाइन स्थानांतरण से जुड़े मामलों में विद्युत विभाग की तकनीकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विद्यालय प्रबंधन और अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
किसी भी विद्यालय में लाइन स्थानांतरण की जरूरत सामने आने पर प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा। साथ ही कार्य की प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी हो सके।
विद्यालयों को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम
विद्यालय बच्चों की शिक्षा और विकास के प्रमुख केंद्र हैं। इसलिए वहां बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ सुरक्षित परिसर उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी क्रम में विद्यालयों से होकर गुजर रही एचटी और एलटी विद्युत लाइनों को स्थानांतरित करने की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कानपुर में पहले चरण में 93 विद्यालयों की पहचान होने के बाद अब स्थलीय सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद आवश्यकता वाले विद्यालयों में विद्युत लाइनों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, शासन के निर्देश और जिलाधिकारी के स्तर से दिए गए निर्देशों के बाद कानपुर में विद्यालय परिसरों की सुरक्षा को लेकर प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। प्रशासन का लक्ष्य है कि राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिले और विद्युत लाइनों से जुड़ी संभावित समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।

