कानपुरः चीनी की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति संकट को लेकर व्यापार मंडल ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुरः चीनी की बढ़ती कीमतों और बाजार में इसकी पर्याप्त आपूर्ति को लेकर कानपुर उद्योग व्यापार मंडल उत्तर ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी कानपुर नगर को ज्ञापन सौंपकर चीनी की आपूर्ति में आ रही बाधाओं, बढ़ती कीमतों और व्यापारियों को हो रही परेशानियों के समाधान की मांग की। व्यापार मंडल ने प्रशासन से चीनी मिलों से कानपुर के लिए पर्याप्त कोटा निर्धारित कराने तथा मिल स्तर पर आपूर्ति और कीमतों की स्थिति की जांच कराने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा की उपस्थिति तथा मंडल अध्यक्ष विजय पंडित और जिला अध्यक्ष सुनील बजाज के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिला। इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों के स्तर पर समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

स्टॉक सीमा को लेकर व्यापारियों ने रखा पक्ष

व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को बताया कि हालिया जांच के दौरान किसी भी व्यापारी के पास निर्धारित स्टॉक सीमा से अधिक चीनी नहीं पाई गई है। इसके बावजूद बाजार में छापेमारी और जांच की खबरों के कारण व्यापारियों के बीच चिंता का माहौल बन रहा है।

व्यापार मंडल का कहना है कि यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन सभी व्यापारियों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं होगा। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया पारदर्शी हो तथा वास्तविक समस्या के स्रोत तक पहुंचने का प्रयास किया जाए।

इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बाजार में पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध रहने से कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इसलिए केवल खुदरा या थोक व्यापारियों की जांच करने के बजाय चीनी मिलों से लेकर बाजार तक पूरी आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए।

चीनी मिलों से पर्याप्त कोटा निर्धारित कराने की मांग

व्यापार मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख रूप से मांग की कि चीनी मिलों से कानपुर के लिए पर्याप्त मात्रा में चीनी का कोटा निर्धारित कराया जाए। प्रतिनिधियों के अनुसार, यदि कानपुर की मांग के अनुरूप नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होती है तो बाजार में उपलब्धता को लेकर पैदा होने वाली समस्या काफी हद तक दूर की जा सकती है।

व्यापारियों का कहना है कि चीनी जैसी आवश्यक वस्तु की आपूर्ति में किसी भी स्तर पर बाधा आने का असर सीधे बाजार पर दिखाई देता है। इसलिए प्रशासन को आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी करनी चाहिए। साथ ही, मिलों से निर्धारित मात्रा में चीनी की आपूर्ति हो रही है या नहीं, इसकी भी समीक्षा आवश्यक है।

व्यापार मंडल ने यह भी मांग की कि चीनी की बढ़ी हुई दरों के कारणों की जांच मिल स्तर से की जाए। यदि उत्पादन, वितरण, कोटा या अन्य किसी कारण से कीमतों में वृद्धि हो रही है तो उसकी स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए। इससे व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच बने असमंजस को दूर करने में मदद मिलेगी।

मुकुंद मिश्रा ने कहा- जल्द लिया जाए ठोस निर्णय

प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा ने कहा कि व्यापारी वर्ग सरकार का पूर्ण समर्थन और सहयोग कर रहा है। हालांकि, चीनी के बढ़े हुए मूल्यों के कारण बाजार में अफरा-तफरी और असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। इसलिए सरकार और प्रशासन को इस मामले में जल्द से जल्द उचित एवं ठोस निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की प्राथमिकता बाजार में सुचारु आपूर्ति बनाए रखना है। यदि पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध रहेगी तो बाजार में स्थिरता बनी रहेगी और उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों और चीनी मिलों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।

मुकुंद मिश्रा ने यह भी कहा कि व्यापारी वर्ग व्यवस्था को बेहतर बनाने में प्रशासन के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। इसलिए समस्या का समाधान आपसी संवाद और प्रभावी निगरानी के माध्यम से किया जाना चाहिए।

व्यापारियों को परेशान करने के बजाय आपूर्ति पर हो निगरानी

जिला महामंत्री कृपा शंकर त्रिवेदी ने कहा कि समस्या का समाधान व्यापारियों को परेशान करने से नहीं, बल्कि चीनी मिलों से पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने और मिल स्तर पर दरों की निगरानी करने से होगा।

उन्होंने कहा कि बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यदि आपूर्ति पर्याप्त होगी तो कीमतों को लेकर पैदा होने वाली अनिश्चितता भी कम होगी। इसके अलावा, व्यापारियों को भी निर्धारित नियमों और स्टॉक सीमा का पालन करना चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि चीनी की उपलब्धता, आवंटन और कीमतों की नियमित समीक्षा की जाए। इससे किसी भी स्तर पर समस्या उत्पन्न होने पर समय रहते उसका समाधान किया जा सकेगा।

आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है। घरेलू उपयोग के अलावा मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य कारोबार से जुड़े व्यवसायों में भी चीनी एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है। इसलिए इसकी कीमतों और आपूर्ति में होने वाला बदलाव विभिन्न क्षेत्रों के कारोबार को प्रभावित कर सकता है।

व्यापार मंडल का मानना है कि प्रशासन की ओर से आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किए जाने और चीनी मिलों के स्तर पर निगरानी बढ़ाए जाने से बाजार में स्थिरता लाई जा सकती है। इसके अलावा, व्यापारियों और प्रशासन के बीच नियमित संवाद होने से समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

वहीं, व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि व्यापारी नियमों के पालन और प्रशासन के सहयोग के लिए तैयार हैं। उनका मुख्य उद्देश्य बाजार में पर्याप्त चीनी की उपलब्धता और कीमतों में अनावश्यक अस्थिरता को रोकना है।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे मौजूद

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा, मंडल अध्यक्ष विजय पंडित, जिला अध्यक्ष सुनील बजाज, जिला महामंत्री कृपा शंकर त्रिवेदी, रामेश्वर गुप्ता, श्याम अग्रहरि, सुरेश गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, राकेश भाटिया, देवेंद्र गुप्ता, ईश्वर वर्मा, सतीश गुप्ता, राकेश पांडेय, सुशील गुप्ता, मोहम्मद यासीन, चांद भाई, अनिल द्विवेदी, रामकुमार बाजपेई, मोहन गुप्ता और गुलशन जायसवाल सहित अन्य व्यापारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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