रायबरेली में सीएम योगी का कांग्रेस पर हमला, राम मंदिर और मनु की कालगणना को लेकर राहुल गांधी पर साधा निशाना

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Digital UP News Desk

रायबरेली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, कांग्रेस नेताओं के बयानों और हालिया मछली भोज के विवाद का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। साथ ही मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संबोधित करते हुए मनु की कालगणना और सनातन परंपराओं का जिक्र किया।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रसोइया, शिक्षामित्र और अनुदेशक किसी एक जाति तक सीमित नहीं हैं। इसी तरह जिन महापुरुषों के स्मारक बनाए जा रहे हैं, वे भी अलग-अलग सामाजिक वर्गों से आते हैं। सरकार सभी महापुरुषों और उनकी विरासत का सम्मान करते हुए काम कर रही है।

अयोध्या और राम मंदिर को लेकर कांग्रेस पर निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों की परेशानी इस बात को लेकर है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कैसे हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं ने पहले भगवान राम के अस्तित्व को लेकर सवाल उठाए थे, जबकि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है।

सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति को लेकर भी यही सवाल उठता है। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बना है। उनके मुताबिक, कई लोगों ने मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर वर्षों तक अलग-अलग धार्मिक संकल्पों का पालन किया और आखिरकार यह सपना पूरा हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम भक्तों का नारा था कि वे अयोध्या आएंगे और राम मंदिर का निर्माण कराएंगे। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में यह संकल्प पूरा हुआ। इसी क्रम में उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर अयोध्या की धार्मिक विरासत के प्रति कथित तौर पर असम्मानजनक रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

मछली भोज को लेकर भी कांग्रेस पर हमला

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आगमन के दौरान आयोजित बताए जा रहे मछली भोज के मुद्दे को भी अपने हमले का हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि अयोध्या भगवान श्रीराम की नगरी है और वहां धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों को लेकर लोगों की अपनी संवेदनाएं हैं।

सीएम योगी ने कांग्रेस के पुराने बयानों और हालिया राजनीतिक गतिविधियों को जोड़ते हुए पार्टी पर सवाल उठाए। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर अपनी प्रतिक्रिया दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने लंबे समय तक प्रदेश को विकास से दूर रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में युवाओं के रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर पर्याप्त काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश अपनी नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है और यही बात विपक्षी दलों को पसंद नहीं आ रही है।

विकास और सामाजिक योजनाओं का भी किया जिक्र

सीएम योगी ने अपने संबोधन में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार जाति या वर्ग के आधार पर योजनाओं का लाभ नहीं देती, बल्कि पात्रता के आधार पर लोगों तक सुविधाएं पहुंचाई जाती हैं।

उन्होंने रसोइयों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग काम कर रहे हैं। इसी प्रकार महापुरुषों के स्मारकों और विरासत से जुड़े कार्यों को लेकर भी सरकार सभी समुदायों और सामाजिक समूहों को सम्मान देने का प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश की छवि खराब हुई थी। वहीं, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की पहचान में बदलाव आया है। उन्होंने कानून-व्यवस्था, विकास और रोजगार को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

मनुस्मृति और मनु की कालगणना का जिक्र

अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने मनु और भारतीय कालगणना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति और मनु से जुड़ी परंपराओं को लेकर राजनीतिक बहस करने से पहले भारतीय धार्मिक और ऐतिहासिक परंपराओं को समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मनु की चर्चा भारतीय परंपरा के विभिन्न ग्रंथों में मिलती है। इसी संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में काल की गणना का अपना महत्व है।

मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय कालगणना में दो पक्ष मिलकर एक मास, छह मास मिलकर एक अयन और दो अयन मिलकर एक वर्ष की संरचना बनाते हैं। उन्होंने उत्तरायण का जिक्र करते हुए कहा कि सूर्य के उत्तरायण होने पर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है और देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग धार्मिक परंपराओं के अनुसार नदियों और तीर्थस्थलों पर स्नान करते हैं।

उन्होंने प्रयागराज के माघ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय समाज में धार्मिक पर्व और उत्सव कालगणना से गहराई से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री ने तंज करते हुए कहा कि यह कालगणना आधुनिक राजनीतिक परिवारों की देन नहीं है, बल्कि इसकी अपनी प्राचीन भारतीय परंपरा है।

कांग्रेस और सपा पर विरासत को लेकर सवाल

सीएम योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भारतीय सांस्कृतिक विरासत को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को राम की विरासत और भारतीय परंपराओं से परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं हजारों वर्षों से समाज के जीवन का हिस्सा रही हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक स्थल के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चली आ रही आस्था और संघर्ष की परिणति है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के बाद भी राजनीतिक कारणों से अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े विषयों को लेकर विवाद खड़ा किया जाता है।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी सियासी हलचल

रायबरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन ऐसे समय में आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हैं। अयोध्या से जुड़े मुद्दे, राम मंदिर, धार्मिक परंपराएं और प्रदेश के विकास को लेकर तीनों दलों की राजनीतिक रणनीति अलग-अलग दिखाई दे रही है।

एक ओर भाजपा राम मंदिर निर्माण और विकास कार्यों को अपनी उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत कर रही है, वहीं विपक्षी दल सरकार की नीतियों और अन्य मुद्दों पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का कांग्रेस और सपा पर सीधा हमला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, रायबरेली में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के जरिए राम मंदिर, अयोध्या की धार्मिक विरासत, सरकार की विकास योजनाओं और भारतीय कालगणना जैसे मुद्दों को एक साथ उठाया। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास तथा अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। वहीं, इन बयानों को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया आने के बाद प्रदेश की सियासत में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।

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