मथुरा कंप्यूटर ओलंपियाड 2026 में 850 विद्यार्थियों ने लिया भाग, मोबाइल परीक्षा ने रचा नया इतिहास
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा। तकनीकी शिक्षा और डिजिटल ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित मथुरा कंप्यूटर ओलंपियाड 2026 में करीब 850 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रतन लाल फूल कुमारी बालिका विद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता में पहली बार इतने बड़े स्तर पर मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन कंप्यूटर परीक्षा आयोजित की गई। इस अनूठी पहल ने विद्यार्थियों को डिजिटल परीक्षा प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव देने के साथ-साथ तकनीक के बदलते स्वरूप से परिचित कराया।
आयोजन में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। मोबाइल आधारित ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से प्रतियोगिता आयोजित किए जाने से विद्यार्थियों को पारंपरिक परीक्षा व्यवस्था से अलग एक आधुनिक अनुभव मिला। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में कंप्यूटर ज्ञान, डिजिटल दक्षता और तकनीकी समझ को प्रोत्साहित करना था। साथ ही, बदलते समय के अनुरूप विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों के लिए तैयार करना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा।
तकनीक और डिजिटल ज्ञान पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक पूरन प्रकाश रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय तकनीक और डिजिटल ज्ञान का है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे आधुनिक तकनीकों को समझें और अपने ज्ञान तथा कौशल का लगातार विकास करते रहें।
उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आज शिक्षा का दायरा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है। कंप्यूटर, इंटरनेट, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई तकनीकें विद्यार्थियों के सीखने के तरीके को लगातार बदल रही हैं। इसलिए विद्यार्थियों को तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
केडिटी कंप्यूटर सेंटर की तकनीकी टीम ने संभाली जिम्मेदारी
मथुरा कंप्यूटर ओलंपियाड को सफल बनाने में केडिटी कंप्यूटर सेंटर की तकनीकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सेंटर के निदेशक आशुतोष गर्ग के मार्गदर्शन में ऑनलाइन परीक्षा की तकनीकी व्यवस्था तैयार की गई। वहीं तकनीकी प्रमुख इंजीनियर कल्पना गर्ग के नेतृत्व में इंजीनियर सारांश गर्ग, देवांश गर्ग और सपना गर्ग ने परीक्षा के संचालन में सहयोग किया।
मोबाइल के माध्यम से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की ऑनलाइन परीक्षा कराना आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहा। तकनीकी टीम ने परीक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन किया। इस प्रकार, मथुरा में डिजिटल परीक्षा प्रणाली के क्षेत्र में एक नई पहल देखने को मिली।
विद्यार्थियों को AI और नई तकनीक अपनाने का संदेश
इंजीनियर कल्पना गर्ग ने मंच से विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी Artificial Intelligence (AI) का है। इसलिए विद्यार्थियों को नई तकनीकों को सीखने के साथ-साथ उनका सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपनी तकनीकी क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। उनके अनुसार, डिजिटल युग में नई तकनीकों की जानकारी विद्यार्थियों के लिए आगे बढ़ने के नए अवसर पैदा कर सकती है।
विद्यालय के सहयोग की सराहना
आयोजन को सफल बनाने में रतन लाल फूल कुमारी बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. नीता सिंह के सहयोग की भी विशेष रूप से सराहना की गई। विद्यालय की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक सहयोग के कारण इतने बड़े स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहायता मिली।
प्रतियोगिता में विद्यालय के विद्यार्थियों की सर्वाधिक भागीदारी रही। इसके लिए प्रधानाचार्या डॉ. नीता सिंह को ‘सर्वाधिक सहभागिता’ ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान विद्यालय के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और विद्यालय प्रशासन के सहयोग को दर्शाता है।
स्वच्छ ब्रज का दिलाया गया संकल्प
कार्यक्रम केवल कंप्यूटर और डिजिटल शिक्षा तक सीमित नहीं रहा। इस दौरान सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में पवन चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को स्वच्छ ब्रज की शपथ दिलाई।
विद्यार्थियों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ब्रज की पवित्रता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि आधुनिक शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझना भी जरूरी है।
मधु सारस्वत ने किया कार्यक्रम का संचालन
समारोह का संचालन मधु सारस्वत ने किया। वहीं प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा आशुतोष गर्ग ने की। कार्यक्रम के दौरान विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
प्रतियोगिता के परिणामों में प्रथम स्थान प्रिंस कुमार ने प्राप्त किया। वह रमनलाल शोरावाला इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थी हैं। द्वितीय स्थान सुप्रतीक महतो ने हासिल किया, जो दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रिफाइनरी नगर से हैं। वहीं तृतीय स्थान नितेश कुमार ने प्राप्त किया, जो ज्ञानदीप शिक्षा भारती से जुड़े हैं।
दस विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार
प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अन्य विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित किया गया। कुल दस विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
इनमें विवान सारस्वत (राजीव इंटरनेशनल स्कूल), शोभित अग्रवाल (कान्हा माखन पब्लिक स्कूल, मथुरा), तनु अग्रवाल (कान्हा माखन पब्लिक स्कूल, मथुरा), साहिल कुमार (ज्ञानदीप शिक्षा भारती), उजस सिंह (दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रिफाइनरी नगर), निर्भय सिंह (ज्ञानदीप शिक्षा भारती), चिराग शर्मा (केंद्रीय विद्यालय मथुरा कैंट), भूमिका शर्मा (श्री जी बाबा सरस्वती बालिका विद्या मंदिर), स्वाति (कान्हा माखन पब्लिक स्कूल) और मनीष सारस्वत (रमनलाल शोरावाला इंटरनेशनल स्कूल) शामिल रहे।
डिजिटल शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मथुरा कंप्यूटर ओलंपियाड 2026 ने विद्यार्थियों के बीच कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल प्रस्तुत की। खास बात यह रही कि करीब 850 विद्यार्थियों को एक ही आयोजन में मोबाइल आधारित ऑनलाइन परीक्षा का अनुभव मिला।
वर्तमान समय में डिजिटल तकनीक शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। ऐसे में इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान हासिल करने के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देती हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में डिजिटल माध्यमों के प्रति सहजता विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।

