मथुरा में कारें आधी डूबीं, अंडरपास में भरा पानी, नोएडा में मेट्रो स्टेशन तक पहुंची बारिश
Digital UP News Desk
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर तेज बारिश हुई। नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, वाराणसी और मथुरा समेत करीब 15 शहरों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। कहीं सड़कें जलमग्न हो गईं तो कहीं अंडरपास में पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मथुरा में स्थिति ऐसी रही कि कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और अंडरपास में करीब दो फीट तक पानी भर गया। वहीं, नोएडा में बारिश का पानी मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों तक पहुंच गया।
मथुरा में अंडरपास में दो फीट तक पानी
मथुरा में सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। बारिश का पानी सड़कों और निचले इलाकों में जमा होने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। अंडरपास में पानी भरने से वहां से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार थम गई।
कई जगह पानी इतना बढ़ गया कि कारें आधी तक डूबी नजर आईं। इसके चलते वाहन चालकों को सावधानी के साथ रास्ता पार करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज बारिश के बाद जल निकासी की व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया और कुछ ही समय में निचले इलाकों में पानी जमा हो गया।
हालांकि, बारिश रुकने के बाद जल निकासी का काम शुरू हुआ और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए गए। जलभराव के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।
नोएडा में मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी
नोएडा में भी सोमवार को हुई बारिश ने कई इलाकों में व्यवस्था की परीक्षा ली। तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया। कई स्थानों पर लोगों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा। बारिश का पानी मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों तक पहुंचने से यात्रियों को भी परेशानी हुई।
मेट्रो से सफर करने वाले लोगों को स्टेशन तक पहुंचने और वहां से बाहर निकलने के दौरान जलभराव का सामना करना पड़ा। ऐसे में कुछ यात्रियों ने बारिश कम होने का इंतजार किया, जबकि कई लोग पानी से होकर अपने रास्ते पर आगे बढ़ते दिखाई दिए।
नोएडा और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़क यातायात पर भी असर पड़ा। प्रमुख मार्गों पर वाहनों की गति धीमी रही। इसके अलावा, निचले इलाकों में जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हुई।
गाजियाबाद, कानपुर और मेरठ में भी बारिश
सोमवार को गाजियाबाद, कानपुर और मेरठ समेत पश्चिमी तथा मध्य उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बारिश हुई। कुछ इलाकों में तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हो गया। वहीं, कई स्थानों पर रुक-रुककर बारिश होने से मौसम सुहावना हुआ, लेकिन जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
कानपुर में बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। सोमवार की बारिश के बाद भी निचले इलाकों में पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को परेशानी हुई। दूसरी ओर, मेरठ और गाजियाबाद में भी कई जगह बारिश के कारण यातायात प्रभावित हुआ।
बारिश के दौरान सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को हुई। जलभराव वाले रास्तों पर वाहनों को धीरे चलाना पड़ा। साथ ही, कई लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया।
वाराणसी समेत कई शहरों में बदला मौसम
वाराणसी में भी सोमवार को बारिश का असर देखने को मिला। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई।
प्रदेश के अन्य शहरों में भी मानसून सक्रिय रहने के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिला। कई जगह बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे जहां किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं शहरी इलाकों में जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठते हैं।
दो लोगों की मौत की भी सूचना
प्रदेश में जारी बारिश के बीच अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए बारिश के दौरान सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है। जलभराव वाले रास्तों, अंडरपास और निचले इलाकों से गुजरते समय विशेष सावधानी की जरूरत है।
बारिश के मौसम में प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। वहीं, वाहन चालकों को भी पानी की गहराई का अनुमान लगाए बिना अंडरपास या जलभराव वाले मार्ग में वाहन नहीं ले जाना चाहिए।
मानसून से राहत के साथ बढ़ी चुनौतियां
उत्तर प्रदेश में मानसून की बारिश किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। बारिश से खेती-किसानी को फायदा मिलता है और जलस्रोतों में पानी का स्तर भी बेहतर होता है। इसके साथ ही, लगातार तेज बारिश शहरों में जल निकासी व्यवस्था के लिए चुनौती बन जाती है।
मथुरा में अंडरपास में पानी भरना और नोएडा में मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों तक बारिश का पानी पहुंचना इसी चुनौती की ओर संकेत करता है। शहरी क्षेत्रों में जलभराव से बचने के लिए नालों की नियमित सफाई, पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी जरूरी है।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना के बीच लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

