बिजनौर में किरतपुर रोड पर एक साथ दिखे दो गुलदार, वीडियो वायरल; कोडिया रेंज में एक गुलदार पिंजरे में कैद

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रिपोर्ट- तापिश मिर्जा

बिजनौर। जिले में गुलदारों की मौजूदगी को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बनी हुई है। इसी बीच किरतपुर रोड पर एक साथ दो गुलदार दिखाई देने का मामला सामने आया है। सड़क पर गुलदारों को घूमते देख कार सवारों ने उनका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच एक बार फिर सतर्कता बढ़ गई है।

दूसरी ओर, नजीबाबाद क्षेत्र की कोडिया रेंज में वन विभाग की टीम ने एक गुलदार को पिंजरे में कैद करने में सफलता हासिल की है। गुलदार के पकड़े जाने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, जिले के अलग-अलग इलाकों में गुलदारों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।

किरतपुर रोड पर एक साथ नजर आए दो गुलदार

किरतपुर रोड पर उस समय लोगों का ध्यान अचानक सड़क की ओर गया, जब दो गुलदार एक साथ घूमते हुए दिखाई दिए। कार से गुजर रहे लोगों ने मौके को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में सड़क के आसपास गुलदारों की गतिविधि दिखाई दे रही है। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जाने लगा।

वीडियो सामने आने के बाद आसपास के ग्रामीणों और वाहन चालकों में सतर्कता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और खेतों के आसपास वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है। ऐसे में एक साथ दो गुलदार दिखाई देने की घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

हालांकि, किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की स्थिति में लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उसे परेशान करने या उसके करीब जाने का प्रयास न करें। साथ ही, वीडियो बनाने के दौरान भी वाहन से बाहर निकलने से बचना चाहिए।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो

किरतपुर रोड पर गुलदारों के दिखाई देने का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय स्तर पर लोग इसे अलग-अलग समूहों में साझा कर रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद वन विभाग की निगरानी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वन्यजीवों के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते समय स्थान और समय की जानकारी को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। किसी भी अपुष्ट दावे को तथ्य के रूप में साझा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, गुलदार दिखाई देने पर भीड़ जुटाना या उसे घेरने का प्रयास स्थिति को असहज बना सकता है।

कोडिया रेंज में पिंजरे में कैद हुआ एक गुलदार

इधर, नजीबाबाद की कोडिया रेंज में वन विभाग ने एक गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया है। गुलदार के पकड़े जाने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने राहत महसूस की। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के साथ ही लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

गुलदार को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाया। गुलदार के पकड़े जाने से उस क्षेत्र के लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन जिले के दूसरे हिस्सों में वन्यजीवों की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी जारी रखना जरूरी है।

वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को विशेष रूप से खेतों में अकेले जाने से बचने, रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने और किसी भी वन्यजीव की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को देने की सलाह दी जा रही है।

एक महीने में तीन लोगों की मौत से बढ़ी चिंता

बिजनौर जिले में गुलदारों की मौजूदगी लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, पिछले एक महीने में गुलदार से जुड़े मामलों में तीन लोगों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं के बाद किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग खेती-किसानी से जुड़े हैं और उन्हें खेतों में नियमित रूप से जाना पड़ता है। ऐसे में वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण उन्हें अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। खासकर खेतों, जंगल से सटे इलाकों और सुनसान रास्तों पर लोगों को सावधानी से आवाजाही करने की सलाह दी जा रही है।

हालांकि, वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर किसी भी तरह की अफवाह से बचना भी जरूरी है। गुलदार के दिखाई देने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों को भीड़ लगाने के बजाय वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि प्रशिक्षित टीम स्थिति का आकलन कर सके।

वन विभाग चला रहा जागरूकता अभियान

गुलदारों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है। ग्रामीणों को वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, उन्हें घेरने की कोशिश न करने और अकेले सुनसान क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

इसके अलावा, लोगों से कहा जा रहा है कि यदि किसी इलाके में गुलदार दिखाई देता है तो उसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें। सूचना मिलने के बाद विभागीय टीम मौके की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई कर सकती है।

वन विभाग की निगरानी के साथ-साथ ग्रामीणों की जागरूकता भी बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि वन्यजीवों की गतिविधियां कई बार अचानक सामने आती हैं, इसलिए स्थानीय लोगों को परिस्थितियों के अनुरूप सावधानी बरतनी चाहिए।

किसानों में दहशत, लेकिन सतर्कता से टल सकती हैं घटनाएं

बिजनौर के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदारों की मौजूदगी के कारण किसानों की चिंता स्वाभाविक है। खेतों में काम करने वाले लोगों को वन विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए। समूह में खेतों की ओर जाना, आसपास की गतिविधियों पर नजर रखना और रात में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना उपयोगी सावधानियां हो सकती हैं।

इसके साथ ही, ग्रामीणों को बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में स्वयं कार्रवाई करने के बजाय वन विभाग को सूचित करना अधिक सुरक्षित विकल्प है।

किरतपुर रोड पर दो गुलदारों का एक साथ दिखाई देना और कोडिया रेंज में एक गुलदार का पिंजरे में कैद होना, दोनों घटनाएं जिले में वन्यजीवों की सक्रियता की ओर इशारा करती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में वन विभाग की निगरानी और ग्रामीणों की सतर्कता महत्वपूर्ण रहेगी।

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