इटावा: पत्नी-सास हत्याकांड में आरोपी पति मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, जानिए हत्या की वजह

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रिपोर्ट- रोहित सिंह चौहान 

इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र के चन्देठी गांव में 15 अगस्त को हुई मां-बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी पति सत्येंद्र यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक जोड़ी पायल बरामद की गई है। इस मामले में आरोपी के एक साथी मुकेश यादव को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी सत्येंद्र यादव का अपनी पत्नी के साथ घरेलू विवाद चल रहा था। न्यायालय में घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ता से संबंधित मामला भी विचाराधीन था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद और नाराजगी के चलते आरोपी ने अपनी पत्नी और सास की हत्या की साजिश रची थी।

15 अगस्त को सामने आया था मां-बेटी की हत्या का मामला

भरथना थाना क्षेत्र के चन्देठी गांव में 15 अगस्त को मां और बेटी की हत्या की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग बिंदुओं पर जांच करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी पति सत्येंद्र यादव और उसके कथित साथी मुकेश यादव की भूमिका पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस ने मुकेश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि मुख्य आरोपी सत्येंद्र यादव की तलाश जारी थी।

इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसी क्रम में पुलिस ने सत्येंद्र यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया है।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान सत्येंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा, तीन जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इसके अलावा एक जोड़ी पायल भी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।

पुलिस के अनुसार, बरामद सामान को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, बरामद वस्तुओं और घटना के बीच संबंध को लेकर आगे की जांच तथा फोरेंसिक प्रक्रिया के आधार पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियों और कथित साजिश की जानकारी सामने आ सके।

घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ता का मामला था विचाराधीन

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, सत्येंद्र यादव और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया गया है कि घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ता से संबंधित मामला न्यायालय में चल रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी इस कानूनी कार्रवाई को लेकर नाराज था।

इसी नाराजगी को पुलिस ने घटना के संभावित कारणों में शामिल किया है। हालांकि, हत्या के वास्तविक कारणों और आरोपी की मंशा की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

ऐसे मामलों में घरेलू विवाद का बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञों के अनुसार, पारिवारिक विवाद यदि समय रहते बातचीत, कानूनी सहायता या मध्यस्थता के माध्यम से नहीं सुलझते हैं, तो परिस्थितियां गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए विवाद की स्थिति में कानून को हाथ में लेने के बजाय कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना जरूरी है।

पत्नी की पायल बरामद होने का पुलिस का दावा

पुलिस के मुताबिक, आरोपी सत्येंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद उसके पास से पत्नी की पायल बरामद हुई है। पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद आरोपी पत्नी के पैरों से पायल उतारकर ले गया था। इस बिंदु को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की कथित मानसिक स्थिति और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों को समझने के लिए उससे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना की योजना पहले से बनाई गई थी या विवाद के दौरान परिस्थितियां अचानक बिगड़ीं।

इसके साथ ही पुलिस आरोपी के साथी मुकेश यादव की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस पहले ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब दोनों आरोपियों के बीच संपर्क और घटना से पहले की गतिविधियों से जुड़े तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।

पुलिस ने बरामदगी को जांच में शामिल किया

सत्येंद्र यादव के पास से बरामद तमंचा, कारतूस और पायल को पुलिस ने केस की जांच में शामिल किया है। पुलिस इन बरामद वस्तुओं की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कराएगी। आवश्यकता के अनुसार फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है।

इसके अलावा पुलिस घटना से जुड़े संभावित गवाहों के बयान दर्ज करने, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और आरोपी के पूर्व विवादों की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच का उद्देश्य घटना की पूरी कड़ी को जोड़कर अदालत के समक्ष तथ्यात्मक साक्ष्य प्रस्तुत करना है।

एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पास से हथियार तथा अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

पहले साथी की गिरफ्तारी, अब मुख्य आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के तहत पहले आरोपी के साथी मुकेश यादव को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मुख्य आरोपी सत्येंद्र यादव की तलाश की जा रही थी। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले की जांच आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर घटना के अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और बरामद हथियार व अन्य सामान को जांच का हिस्सा बनाया गया है। आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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