अंबेडकरनगर में नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

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रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा 

अंबेडकरनगर। महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अंबेडकरनगर की अहिरौली थाना पुलिस ने नाबालिग युवती को कथित तौर पर शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज था और गिरफ्तारी के बाद उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक अंबेडकरनगर प्राची सिंह के निर्देशन में जिले में महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अहिरौली थाना पुलिस टीम ने मुकदमा अपराध संख्या 222/2026 से संबंधित वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया।

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान इरफान पुत्र टिक्कू, निवासी ग्राम टीकमपारा, थाना अहिरौली, जनपद अंबेडकरनगर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसकी उम्र करीब 18 वर्ष है। आरोपी को 5 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया।

शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के अनुसार, इस मामले में वादी की ओर से 2 अक्टूबर 2026 को अहिरौली थाने में तहरीर दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी इरफान करीब 13 वर्षीय नाबालिग युवती को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।

शिकायत के मुताबिक, घटना 1 मई 2026 की बताई गई है। वादी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोपी पर नाबालिग के साथ जबरन यौन शोषण करने का आरोप लगाया। इसके अलावा आरोपी पक्ष पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए।

हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायालय में होना बाकी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में पुलिस टीम को लगाया गया।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ा

मुकदमा दर्ज होने के बाद अहिरौली थाना पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर के माध्यम से आरोपी के संबंध में सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी की जा रही है।

इस कार्रवाई को जिले में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए जांच में संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन किया जा रहा है।

पॉक्सो कानून का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना है। ऐसे मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान नाबालिग की पहचान की गोपनीयता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण पीड़िता की पहचान से संबंधित किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

महिला और बाल अपराधों पर पुलिस की निगरानी

अंबेडकरनगर पुलिस की ओर से महिला एवं बाल अपराधों को लेकर लगातार कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस का जोर ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करने और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर है।

विशेषज्ञों के अनुसार, नाबालिग से जुड़े मामलों में परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में समय रहते संबंधित पुलिस या बाल संरक्षण तंत्र से संपर्क करना जरूरी है।

वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करेगी।

न्यायालय की प्रक्रिया के बाद आगे तय होगी स्थिति

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की ओर से आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद मामले में न्यायालय के समक्ष पेशी और आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी। किसी भी आरोपी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायालय के निर्णय के बाद ही माना जाएगा।

फिलहाल, अहिरौली थाना पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, मुकदमे में शामिल सभी आरोपों और तथ्यों की जांच नियमानुसार की जाएगी।

अंबेडकरनगर में हुई इस कार्रवाई से एक बार फिर यह स्पष्ट होता है कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों के मामलों में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी अहम भूमिका निभाती है। ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष की सुरक्षा, पहचान की गोपनीयता और निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता देना आवश्यक है।