लखीमपुर खीरी में उठी सुहेली नदी की सफाई की मांग, विधायक रोमी साहनी बोले- किसानों की मांग जायज
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: किसानों की समस्याओं को लेकर लखीमपुर खीरी में एक बार फिर सुहेली नदी की सफाई और डिसिल्टिंग का मुद्दा सामने आया है। सोमवार को विधायक रोमी साहनी ने किसानों की समस्याओं को लेकर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सुहेली नदी में जमा सिल्ट के कारण किसानों को हो रही परेशानियों और नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
विधायक ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक से मुलाकात कर किसानों की मांगों को गंभीरता से रखने के साथ ही प्रधान मुख्य वन संरक्षक से फोन पर भी वार्ता की। इसके बाद उन्होंने वन संरक्षक अदिति शर्मा से मुलाकात की और सुहेली नदी की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
विधायक रोमी साहनी ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की मांग जायज है और इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना जरूरी है। उन्होंने नदी में जमा सिल्ट की वजह से किसानों को हो रहे नुकसान का हवाला देते हुए डिसिल्टिंग कराने की मांग रखी।
सुहेली नदी में सिल्ट जमा होने का मुद्दा
विधायक रोमी साहनी के मुताबिक, सुहेली नदी में लंबे समय से सिल्ट जमा होने के कारण किसानों की समस्या बढ़ रही है। नदी की स्थिति का सीधा असर आसपास के कृषि क्षेत्रों पर पड़ने की बात कही गई है। किसानों की ओर से नदी की सफाई और पानी के प्रवाह से जुड़ी समस्या के समाधान की मांग की जा रही है।
किसानों का कहना है कि नदी से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने की स्थिति में उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए विधायक ने वन विभाग के अधिकारियों के सामने इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा।
हालांकि, नदी में सिल्ट की स्थिति, उससे प्रभावित क्षेत्र और किसानों को हुए वास्तविक नुकसान का विस्तृत आधिकारिक आकलन संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग
विधायक रोमी साहनी ने अधिकारियों से मांग की कि सुहेली नदी की समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित 83 लाख रुपये की स्टडी की धनराशि तत्काल भेजकर स्वीकृति प्रदान की जाए। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से हर हाल में सुहेली नदी की डिसिल्टिंग यानी नदी की तलहटी में जमा सिल्ट को हटाने के लिए आदेश जारी करने की मांग की। विधायक के अनुसार, किसानों की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव होगा, जब नदी की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कार्य समय पर शुरू किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखने की अपील की, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
‘किसानों की मांग पूरी तरह जायज’
मुलाकात के बाद विधायक रोमी साहनी ने किसानों की मांग को पूरी तरह जायज बताया। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और सुहेली नदी से जुड़ी समस्या उनके लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रही है।
विधायक ने कहा कि किसानों का काफी नुकसान हो चुका है और अब वे इसे और झेलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की बात कही।
रोमी साहनी ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ लगातार बातचीत की जाएगी। उनका कहना है कि जब तक किसानों को राहत नहीं मिलती, तब तक इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाता रहेगा।
वन विभाग के अधिकारियों से हुई बातचीत
इस मामले में विधायक ने पहले अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रधान मुख्य वन संरक्षक से फोन पर बातचीत की। साथ ही वन संरक्षक अदिति शर्मा से भी मुलाकात कर सुहेली नदी की स्थिति और किसानों की मांग से अवगत कराया।
इस दौरान नदी की सफाई और डिसिल्टिंग के लिए आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की गई। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्या को केवल अस्थायी स्तर पर नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में देखा जाना चाहिए।
अब किसानों की नजर वन विभाग और संबंधित अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर है। यदि प्रस्तावित प्रक्रिया को मंजूरी मिलती है और डिसिल्टिंग का काम शुरू होता है, तो इससे नदी से जुड़ी समस्या के समाधान की दिशा में कदम आगे बढ़ सकता है।
किसानों को स्थायी समाधान की उम्मीद
सुहेली नदी से जुड़ा मुद्दा स्थानीय किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खेती और जल निकासी से संबंधित समस्याओं का सीधा असर किसानों की रोजमर्रा की स्थिति पर पड़ता है। इसलिए किसान चाहते हैं कि नदी की सफाई और संबंधित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
विधायक की ओर से अधिकारियों के साथ की गई मुलाकात के बाद अब किसानों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। वहीं, 83 लाख रुपये की स्टडी की धनराशि की स्वीकृति और डिसिल्टिंग के आदेश को लेकर भी आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, विधायक रोमी साहनी ने किसानों की मांग को जायज बताते हुए अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस प्रस्ताव पर किस तरह आगे बढ़ता है और सुहेली नदी की सफाई को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।

