अमेठी में NHM कर्मचारियों ने CMO को सौंपा ज्ञापन, जानिए कब से कब तक किया है आंदोलन का ऐलान

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रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा 

अमेठी: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत विभिन्न संवर्गों में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति ने आवाज उठाई है। समिति की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन, नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शी वेतन निर्धारण सहित कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।

समिति ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम भी घोषित किया गया है। समिति के अनुसार, 5 अक्टूबर से डिजिटल कार्य बंद कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। वहीं, 5, 6 और 7 अक्टूबर को कर्मचारी काला फीता बांधकर काम करेंगे। इसके बाद 8 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन करने की योजना है।

CMO को ज्ञापन सौंपकर उठाईं लंबित मांगें

अमेठी में संयुक्त संघर्ष समिति ने NHM कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। समिति का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विभिन्न संवर्गों में काम कर रहे कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि संबंधित मुद्दों को शासन तक पहुंचाया जाए और कर्मचारियों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। समिति ने वेतन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, सेवा शर्तों को स्पष्ट करने और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने पर जोर दिया।

समिति के मुताबिक, कर्मचारियों की मांगें केवल वेतन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें सेवा की स्थिरता, अनुभव का सम्मान और भविष्य की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय भी शामिल हैं।

न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन की मांग

NHM कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करना शामिल है। समिति ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन का निर्धारण कार्य अवधि, अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।

इसके अलावा वेतन वृद्धि के लिए स्पष्ट नीति लागू करने की मांग भी उठाई गई है। समिति चाहती है कि कर्मचारियों के अनुभव और कार्य के आधार पर वेतन संबंधी निर्णय लिए जाएं, ताकि अलग-अलग संवर्गों में काम करने वाले कर्मचारियों को उचित लाभ मिल सके।

समिति ने यह भी कहा कि वेतन निर्धारण और वृद्धि की प्रक्रिया स्पष्ट होने से कर्मचारियों को अपनी सेवा शर्तों की जानकारी मिलेगी। हालांकि, इन मांगों पर शासन का अंतिम निर्णय संबंधित नियमों और नीतियों के अनुसार ही होगा।

नियमितीकरण और रिक्त पदों को भरने की मांग

ज्ञापन में पात्र कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी शामिल है। समिति का कहना है कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की सेवा संबंधी स्थिति पर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।

इसके साथ ही विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की गई है। समिति के अनुसार, पदों को भरने और कर्मचारियों की सेवा व्यवस्था को स्पष्ट करने से कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

वहीं, कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण की व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई गई। समिति चाहती है कि स्थानांतरण से जुड़े नियम स्पष्ट हों और कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसका लाभ मिल सके।

EPF, ESI और ग्रेच्युटी सहित सामाजिक सुरक्षा की मांग

NHM कर्मचारियों ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभों को भी अपने ज्ञापन में शामिल किया है। समिति ने कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी राज्य बीमा (ESI), ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

समिति का कहना है कि कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा जरूरी है, ताकि उन्हें सेवा के दौरान और भविष्य में आवश्यक आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सके।

इसके अलावा NHM के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन अथवा प्रस्तावित सेवा नियमों में उन्हें शामिल करने की मांग भी रखी गई है। समिति चाहती है कि आउटसोर्स कर्मियों की सेवा संबंधी स्थिति पर भी स्पष्ट नीति बनाई जाए।

5 से 8 अक्टूबर तक चरणबद्ध आंदोलन

संयुक्त संघर्ष समिति ने मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम तय किया है। समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आंदोलन के तहत अलग-अलग दिनों में विरोध दर्ज कराया जाएगा।

  • 5 अक्टूबर: डिजिटल कार्य बंद कर विरोध दर्ज कराने का कार्यक्रम।
  • 5, 6 और 7 अक्टूबर: कर्मचारी काला फीता बांधकर काम करते हुए विरोध जताएंगे।
  • 8 अक्टूबर: लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है।

समिति का कहना है कि आंदोलन के माध्यम से कर्मचारियों की लंबित मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की जाएगी।

यह आंदोलन कार्यक्रम समिति की ओर से घोषित किया गया है। इसके प्रभाव और आगे की कार्रवाई की स्थिति संबंधित विभागों तथा कर्मचारियों के अगले निर्णयों पर निर्भर करेगी।

डॉ. गौरव सिंह ने जल्द समाधान की मांग की

डॉ. गौरव सिंह, संयोजक संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं जिला संयोजक संयुक्त संघर्ष समिति, जिला अमेठी ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान कराया जाना जरूरी है।

उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से शासन तक कर्मचारियों की समस्याएं पहुंचाने और जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की। समिति का मानना है कि वेतन, नियमितीकरण, सेवा नियमों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय होने से कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।

अब शासन की कार्रवाई पर टिकी नजर

अमेठी में NHM कर्मचारियों की ओर से ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब उनकी मांगों पर आगे होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। कर्मचारियों ने वेतन, सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन सहित कई मुद्दों को एक साथ उठाया है।

वहीं, घोषित आंदोलन कार्यक्रम के तहत कर्मचारी विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग और शासन इन मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं तथा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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