देश के कई राज्यों में बारिश का कहर, दिल्ली-NCR से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक बिगड़े हालात

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Digital UP News Desk

देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ जैसे हालात और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए प्रशासन भी राहत और बचाव कार्यों में जुटा है।

दिल्ली-NCR में तेज बारिश, कई इलाकों में जलभराव

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई। बारिश के कारण कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भर गया। एयरपोर्ट रोड पर द्वारका अंडरपास समेत कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली। इसके चलते वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी हुई और कुछ मार्गों पर यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई।

सुबह के समय हुई बारिश से कार्यालय जाने वाले लोगों, स्कूली छात्रों और अन्य यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जलभराव वाले रास्तों पर वाहनों की गति धीमी रही। वहीं, प्रशासन की ओर से पानी की निकासी के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रयागराज में चार दिन से बारिश, कई इलाकों में पांच फीट तक पानी

उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर लगातार बढ़ रहा है। प्रयागराज में पिछले चार दिनों से बारिश जारी है। पिछले तीन दिनों में ही करीब 205 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार पानी गिरने के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव गंभीर हो गया है।

कुछ स्थानों पर पानी पांच फीट तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इससे घरों, छात्रावासों और अन्य भवनों में भी पानी प्रवेश कर गया। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।

बुधवार को करीब 2,000 छात्रों ने हॉस्टल छोड़ दिया। जलभराव और लगातार बारिश के कारण छात्रों को आवागमन और दैनिक जरूरतों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत व्यवस्था की जा रही है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश के नौ जिलों में आज भी रेड अलर्ट जारी है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। लोगों को जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ा, घाटों के पास मंदिरों तक पहुंचा पानी

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास के इलाकों में भी स्थिति प्रभावित हुई है। घाटों के किनारे स्थित 100 से अधिक मंदिरों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों पर सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।

हरिश्चंद्र घाट पर गलियों और सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। वहीं, मणिकर्णिका घाट पर भी जलस्तर बढ़ने का असर देखने को मिल रहा है। यहां अंतिम संस्कार की व्यवस्था को ऊपरी हिस्सों की ओर स्थानांतरित करना पड़ा है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हो गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से नदी के आसपास सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

मध्य प्रदेश में कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सतना जिले में भारी बारिश का असर चित्रकूट की गुप्तगोदावरी क्षेत्र में भी दिखाई दिया है। बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ गई है।

डिंडौरी जिले में नदी-नाले उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण 12 से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीण इलाकों में आवागमन मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर लोगों को सामान्य आवाजाही के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी तरह पन्ना जिले के कई गांवों में भी पानी भर गया है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और प्रभावित इलाकों में आवश्यक सहायता पहुंचाना है।

उत्तराखंड में बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत

उत्तराखंड में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार को बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई। मृतकों में दो साल का बच्चा और दिल्ली की 25 वर्षीय महिला भी शामिल बताई गई है।

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।

बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करना भी जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है। खासकर उन मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है, जहां पहले से भूस्खलन या जलभराव की आशंका बनी हुई है।

हिमाचल प्रदेश में 88 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और लैंडस्लाइड का असर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 88 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है।

पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान सड़क मार्गों पर मलबा आने की समस्या आम तौर पर बढ़ जाती है। इसके कारण लोगों को लंबी दूरी तय करने में परेशानी होती है। प्रशासन और संबंधित विभाग बंद मार्गों को खोलने के लिए काम कर रहे हैं।

हालांकि, लगातार बारिश के बीच सड़क बहाली का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मौसम में सुधार के बाद ही कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।

लगातार बारिश से बढ़ी प्रशासन की चुनौती

देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है, लेकिन कई राज्यों में इसका असर व्यापक दिखाई दे रहा है। कहीं शहरी इलाकों में जलभराव है, तो कहीं नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। वहीं, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो रही हैं।

ऐसे में प्रशासन के सामने राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी है। दूसरी ओर, लोगों के लिए जरूरी है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें।

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के दौरान निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले मार्गों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित विकल्प है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की मदद लेना चाहिए।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

बारिश का दौर जारी रहने के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचना, तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करना और नदी या नाले के किनारे जाने से बचना जरूरी है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करनी चाहिए।

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना हुआ है। आने वाले समय में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी। प्रशासनिक स्तर पर राहत व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों का सतर्क रहना इस समय सबसे जरूरी है।

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