आजमगढ़ में दो मुठभेड़ों के बाद अंतर्जनपदीय चोर गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार – पढ़िए कहीं यह वही तो नहीं
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: जिले में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अहरौला और तहबरपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार तड़के पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर हुई मुठभेड़ों के बाद अंतर्जनपदीय चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में चारों आरोपितों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान दिलकस, साहिल, वाजिद और फैजान के रूप में हुई है। चारों आरोपी बरेली जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस, चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, 29,230 रुपये नकद, बिना नंबर प्लेट की एक्सयूवी-500, पांच मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आजमगढ़ समेत कई जिलों में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है।
चेकिंग के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग का आरोप
अहरौला पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 3:46 बजे पश्चिमपट्टी महलिया के पास पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सर्विस लेन से तहबरपुर की ओर जा रही सफेद रंग की एक्सयूवी-500 को रोकने का प्रयास किया गया।
पुलिस के मुताबिक, वाहन में सवार लोगों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दिलकस और साहिल के दाहिने पैर में गोली लगी। दोनों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान गिरोह के करीब छह अन्य सदस्य मौके से निकलकर तहबरपुर की ओर भाग गए। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपितों की तलाश शुरू कर दी।
43 मिनट बाद तहबरपुर पुलिस से हुआ सामना
अहरौला में हुई कार्रवाई के करीब 43 मिनट बाद तहबरपुर थाना क्षेत्र में भी पुलिस और संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 4:29 बजे चकियादुबे रामपुर सर्विस रोड पर पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान दुर्वासा ऋषि आश्रम की तरफ से आ रहे संदिग्ध लोगों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का आरोप है कि संदिग्धों ने टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वाजिद के दाहिने पैर और फैजान के बाएं पैर में गोली लगी।
इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपितों को भी उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इस तरह करीब एक घंटे के भीतर हुई दो अलग-अलग पुलिस कार्रवाइयों में गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस ने किया पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने चोरी करने के तरीके के बारे में जानकारी दी। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य हाईवे के आसपास अपना वाहन खड़ा करते थे और वहां से आसपास के गांवों में पहुंचते थे।
इसके बाद कथित तौर पर घरों की छत के रास्ते अंदर प्रवेश कर ताले तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी की जाती थी। चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य एक निर्धारित स्थान पर पहुंचते थे, जहां एसयूवी वाहन के जरिए उन्हें वहां से ले जाया जाता था।
पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के काम करने के तरीके और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
कई जिलों में चोरी की घटनाओं का खुलासा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों से मिली जानकारी और बरामद सामान के आधार पर कई चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। इनमें अहरौला क्षेत्र की दो, तहबरपुर क्षेत्र की दो और बिलरियागंज क्षेत्र की दो घटनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा अंबेडकरनगर जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में हुई एक चोरी की घटना का भी खुलासा होने का दावा किया गया है। पूछताछ में आरोपितों ने आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर, बलिया और जौनपुर समेत अन्य जिलों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात बताई है।
हालांकि, इन सभी मामलों में पुलिस अब बरामद सामान, आरोपितों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित घटनाओं में आरोपितों की भूमिका की स्थिति और स्पष्ट होगी।
पुलिस ने बरामद किए चोरी के सामान और उपकरण
अहरौला पुलिस की कार्रवाई में आरोपितों के कब्जे से दो तमंचे .315 बोर, दो खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा बिना नंबर प्लेट की एक्सयूवी-500 भी पुलिस ने अपने कब्जे में ली है।
पुलिस ने चार पेचकस, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, कटर और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इसके साथ ही चोरी के सोने-चांदी के आभूषण और 29,230 रुपये नकद मिलने की बात कही गई है।
वहीं, तहबरपुर पुलिस ने एक देशी तमंचा, जिंदा कारतूस और तीन खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने घटनाओं से संबंधित अन्य सामान और साक्ष्यों को भी जांच के लिए कब्जे में लिया है।
गिरोह के चार सदस्य अभी फरार
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान गिरोह के चार अन्य सदस्य मौके से फरार होने में सफल रहे। फरार आरोपितों की पहचान दिलशाद, आफताब, सोनू अली और नेसार के रूप में बताई गई है।
इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों की ओर से लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही पुलिस आरोपितों के संपर्कों और गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह से जुड़ी अन्य घटनाओं और सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
चारों आरोपितों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपितों के खिलाफ अहरौला और तहबरपुर थानों में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने आर्म्स एक्ट समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में भी कार्रवाई की है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। बताया गया है कि इनके खिलाफ बरेली, बदायूं और अन्य जनपदों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब पुराने मामलों की जानकारी जुटाकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपित किन-किन घटनाओं में शामिल रहे हैं।
इसके अलावा बरामद सामान का मिलान उन मामलों से भी किया जा रहा है, जिनमें हाल के दिनों में चोरी की शिकायतें दर्ज हुई थीं।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इस पूरे अभियान में अहरौला और तहबरपुर थाना पुलिस के अलावा विशेष चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस टीम भी शामिल रही। पुलिस टीमों ने लगातार निगरानी और जांच के बाद आरोपितों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
पहले अहरौला क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दो आरोपितों की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद तहबरपुर क्षेत्र में भी पुलिस ने दो अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया। दोनों कार्रवाइयों के बाद पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर मामले की जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखा जाएगा। साथ ही फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
आगे की जांच जारी
आजमगढ़ में अंतरजनपदीय चोर गिरोह के चार सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। बरामद आभूषण, नकदी, वाहन, मोबाइल फोन और चोरी के उपकरणों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह ने किन-किन स्थानों पर चोरी की और चोरी का सामान कहां खपाया जाता था। फरार चार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल गिरफ्तार चारों आरोपितों का उपचार कराया जा रहा है और उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

