कानपुर में बिना शटडाउन खंभे पर चढ़ा लाइनमैन, करंट लगने से 25 फीट नीचे गिरकर मौत
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कानपुर: शहर के जाजमऊ इलाके में रविवार सुबह बिजली विभाग के एक संविदाकर्मी की हादसे में मौत हो गई। आरोप है कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर काम करने के लिए कर्मचारी को बिना बिजली शटडाउन लिए ही खंभे पर चढ़ा दिया गया। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से वह करीब 25 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। गंभीर रूप से घायल कर्मचारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, परिजनों ने केस्को के एक जेई पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि बिजली आपूर्ति बंद कराकर कर्मचारी को सुरक्षा उपकरणों के साथ खंभे पर चढ़ाया जाता तो हादसा टाला जा सकता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।
शिकायत के समाधान के लिए खंभे पर चढ़ा था कर्मचारी
जानकारी के मुताबिक, चकेरी थाना क्षेत्र के अहिरवां स्थित विराट नगर निवासी 40 वर्षीय रवि कुमार बिजली विभाग में संविदाकर्मी के तौर पर कार्यरत थे। रविवार सुबह करीब 9:45 बजे उन्हें जाजमऊ स्थित विश्वकर्मा द्वार के पास बिजली संबंधी शिकायत के निस्तारण के लिए भेजा गया था।
बताया जा रहा है कि रवि सीढ़ी की मदद से बिजली के खंभे पर चढ़े थे। वह 11 हजार वोल्ट की लाइन से जुड़े काम को कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली की चपेट में आने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 25 फीट की ऊंचाई से सड़क पर जा गिरे।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जाजमऊ पुलिस मौके पर पहुंची और घायल कर्मचारी को एंबुलेंस की मदद से कांशीराम अस्पताल भेजा गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद रवि कुमार को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने जेई पर लगाए गंभीर आरोप
रवि कुमार की मौत की सूचना मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। पत्नी अनीता और दोनों बेटों अभिनंदन तथा मयंक का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने केस्को सबस्टेशन छबीले पुरवा में तैनात जेई सतेन्द्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों का आरोप है कि रवि की निर्धारित ड्यूटी रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक थी। इसके बावजूद उनसे लगातार अतिरिक्त समय तक काम कराया जाता था। परिवार के मुताबिक, रविवार को भी ड्यूटी समाप्त होने के बाद उन्हें काम के लिए बुलाया गया था।
परिजनों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि रवि को बिजली आपूर्ति बंद किए बिना ही हाईटेंशन लाइन से जुड़े काम के लिए खंभे पर चढ़ा दिया गया। उनका दावा है कि कर्मचारी को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से वह नीचे गिर गए और उनकी जान चली गई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच और विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। हादसे को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने बिजली के खंभे पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
स्थानीय लोगों का कहना था कि हाईटेंशन लाइन पर काम बेहद संवेदनशील होता है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बंद किए बिना किसी कर्मचारी को लाइन के नजदीक भेजना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए बिजली विभाग के कर्मचारियों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय के मुताबिक, मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि परिवार की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी है। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि घटना के समय बिजली आपूर्ति की स्थिति क्या थी, कर्मचारी को किस अधिकारी के निर्देश पर काम के लिए भेजा गया था और सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग के फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईटेंशन लाइन पर काम करते समय बिजली आपूर्ति बंद करना, उचित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ऐसे में जाजमऊ की घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित कर्मचारी को काम पर भेजने से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग भी उठ सकती है।

