शाहजहांपुर में बारिश के दौरान मकान का लिंटर गिरा, चाचा-भतीजे की मौत

WhatsApp Image 2026-08-17 at 3.39.53 PM

Digital UP News Desk

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़िया कुर्मियात में सोमवार सुबह बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक मकान का लिंटर अचानक गिरने से मलबे में दबकर 27 वर्षीय राजन कोरी और उनके दो वर्षीय भतीजे आरव की मौत हो गई। हादसे में राजन की पत्नी काजल भी घायल हो गईं। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

बताया गया कि गांव में रविवार रात से लगातार बारिश हो रही थी। बारिश के बीच सोमवार सुबह अचानक मकान की संरचना कमजोर हुई और लिंटर नीचे आ गया। हादसे के समय मकान के नीचे राजन, उनकी पत्नी काजल और दो वर्षीय आरव मौजूद थे। अचानक लिंटर गिरने से तीनों मलबे के नीचे दब गए।

बारिश के दौरान अचानक हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी अरविंद ने करीब एक महीने पहले ही अपने मकान का निर्माण कराया था। मकान की दीवार सिंगल ईंट की बताई जा रही है। वहीं, अरविंद के पड़ोस में राजाराम का कच्चा मकान है। रविवार रात से हो रही बारिश के कारण राजाराम के मकान की कच्ची दीवार ढह गई।

इसके बाद गिरी हुई दीवार का मलबा अरविंद के मकान की सिंगल ईंट की दीवार पर जा गिरा। बताया जा रहा है कि दीवार अतिरिक्त भार को सहन नहीं कर सकी। परिणामस्वरूप मकान का लिंटर अचानक नीचे आ गया। घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

लिंटर गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर तीनों लोगों को बाहर निकाला गया।

राजन और आरव की मौके पर मौत

ग्रामीणों ने जब मलबा हटाया तो उसके नीचे राजन, उनकी पत्नी काजल और दो वर्षीय आरव दबे मिले। हादसे में राजन और आरव की हालत गंभीर थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, काजल घायल अवस्था में मिलीं।

हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एक ही परिवार में दो लोगों की मौत की खबर से गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।

ग्रामीणों ने घायल काजल को तत्काल उपचार के लिए बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें आगे के इलाज के लिए लेकर गए।

हादसे की सूचना पर पहुंचा राजस्व विभाग

घटना की सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की जानकारी जुटाई। साथ ही, घटना के कारणों और मकान की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई।

प्रशासन की टीम ने हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाने के साथ ही प्रभावित परिवार के बारे में भी जानकारी ली। ऐसे हादसों के बाद प्रशासन की ओर से राहत और सहायता संबंधी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाती है।

बारिश में मकानों की सुरक्षा को लेकर सवाल

इस हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दौरान मकानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। खासकर कच्चे मकानों और कमजोर निर्माण वाली संरचनाओं पर लगातार बारिश का असर पड़ सकता है। इसके अलावा, आसपास की किसी दीवार के गिरने से दूसरे मकानों पर अतिरिक्त भार पड़ने की स्थिति भी खतरनाक साबित हो सकती है।

मुड़िया कुर्मियात की घटना में भी पड़ोसी कच्ची दीवार के गिरने के बाद मलबे का भार दूसरे मकान की दीवार पर पड़ा। इसके चलते मकान का लिंटर गिर गया। हालांकि, हादसे के कारणों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में पुराने या कमजोर मकानों की समय-समय पर जांच जरूरी है। यदि किसी दीवार में दरार दिखाई दे या छत और लिंटर में कमजोरी के संकेत मिलें तो वहां रहने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही, लगातार बारिश के दौरान कमजोर हिस्सों के नीचे बैठने या सोने से भी बचना चाहिए।

गांव में पसरा मातम

राजन और मासूम आरव की मौत के बाद मुड़िया कुर्मियात गांव में मातम का माहौल है। हादसे ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। परिजनों के लिए यह घटना बेहद दुखद है, क्योंकि एक ओर परिवार ने हाल ही में बने मकान को लेकर उम्मीदें संजोई थीं, वहीं दूसरी ओर बारिश के दौरान अचानक हुए हादसे ने दो जिंदगियां छीन लीं।

ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद काफी देर तक गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग बचाव कार्य में जुटे रहे और घायल काजल को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हादसे के बाद ग्रामीण परिवार के साथ खड़े नजर आए।

फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारी घटना की जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं, घायल काजल का उपचार जारी है। परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जांच कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं लोगों के लिए सतर्क रहने का संदेश भी देती हैं। कमजोर और कच्ची दीवारों के आसपास जाने से बचना, मकान की समय रहते जांच कराना और लगातार बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है। मुड़िया कुर्मियात की घटना में भी समय रहते ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन राजन और मासूम आरव को बचाया नहीं जा सका।

You may have missed