बांदा के आवासीय विद्यालय में दो नाबालिग छात्रों की मौत, जानिए रहस्यमयी वजह
रिपोर्ट- शैलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के झील का पुरवा स्थित बीएल विद्या मंदिर आवासीय एवं दैनिक विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रहे दो नाबालिग छात्रों की इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों बच्चों की उम्र करीब नौ और दस वर्ष बताई जा रही है। बताया गया कि देर रात अचानक दोनों के पेट में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद विद्यालय परिसर से लेकर बच्चों के गांव तक शोक का माहौल है। दोनों छात्रों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इस घटना ने विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा, भोजन की गुणवत्ता और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, बच्चों की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
देर रात अचानक बिगड़ी दोनों छात्रों की तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे और झील का पुरवा स्थित बीएल विद्या मंदिर आवासीय एवं दैनिक विद्यालय में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। दोनों की उम्र करीब नौ और दस वर्ष बताई जा रही है। बताया गया कि देर रात अचानक दोनों बच्चों के पेट में दर्द उठा। इसके बाद विद्यालय में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद बच्चों के परिवारों में मातम छा गया। परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और बच्चों की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गए।
परिजनों ने विद्यालय प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
बच्चों की मौत के बाद उनके परिजनों ने विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्चों की तबीयत खराब होने के बाद इलाज में लापरवाही बरती गई। मृतक छात्रों में से एक के भाई ने भी उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों की ओर से यह भी आशंका जताई जा रही है कि बच्चों ने विद्यालय में ऐसा भोजन खाया हो, जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब हुई। हालांकि, यह केवल आशंका है और अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बच्चों की मौत वास्तव में भोजन की खराबी, किसी बीमारी, संक्रमण या किसी अन्य कारण से हुई, इसका पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
ऐसे में किसी एक कारण को बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार मानना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही इस मामले में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
एक साथ दो बच्चों की मौत से मचा हड़कंप
एक ही विद्यालय में पढ़ने वाले दो छोटे बच्चों की एक साथ मौत की खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रिपोर्ट से बच्चों की मौत के संभावित कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दोनों छात्रों की मौत के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी मौत की असली वजह
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र बच्चों की अचानक तबीयत खराब होने और इलाज के दौरान उनकी मौत की परिस्थितियां हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि दोनों बच्चों ने घटना से पहले क्या खाया था, उनकी तबीयत किस समय बिगड़ी और उन्हें उपचार के लिए कितनी देर में अस्पताल पहुंचाया गया।
इसके अलावा, विद्यालय में बच्चों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, भोजन तैयार करने की व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा मानकों की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, अभी किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।
परिवारों में पसरा मातम
दोनों बच्चों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिन बच्चों को परिवार ने बेहतर शिक्षा और भविष्य की उम्मीद के साथ आवासीय विद्यालय में भेजा था, उनकी अचानक मौत की खबर ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांवों में भी घटना की जानकारी पहुंचने के बाद शोक का माहौल है। परिवार के लोग बच्चों की मौत की सही वजह जानना चाहते हैं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इस पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानी जा रही है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि दोनों बच्चों की मौत किस वजह से हुई। इसके साथ ही पुलिस अन्य परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच में शामिल कर सकती है।
फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

