अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- PDA पर अत्याचार का हर दौर आपातकाल जैसा
रिपोर्ट – डिजिटल उप्रन्यूज़
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं सहित कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और उनकी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उनके सुझावों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये प्रतिमाह करने की बात कही। यह घोषणा गुरुवार को लोकतंत्र सेनानियों से मुलाकात के बाद सामने आई है।
अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानियों और लोकतंत्र सेनानियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि देश और लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के अनुभव और सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उनके मुताबिक, समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इन सुझावों को सरकार की नीतियों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सम्मान राशि को 51 हजार रुपये प्रतिमाह करने की बात दोहराई।
‘PDA पर अत्याचार का हर दौर आपातकाल’
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की तुलना आपातकाल के दौर से करते हुए कहा कि जिस काल में PDA पर अत्याचार होगा, वह हर काल आपातकाल होगा। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि आज भी ऐसे मुद्दे मौजूद हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों और युवाओं पर पड़ रहा है।
अखिलेश यादव के इस बयान में PDA उनके राजनीतिक विमर्श में इस्तेमाल होने वाला सामाजिक गठजोड़ है। हाल की उनकी राजनीतिक गतिविधियों में भी PDA को प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने रखा गया है।
उन्होंने भाजपा पर चुनावी प्रबंधन को लेकर भी तंज कसा। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि भाजपा माइक्रोस्कोप से भी मैनेजमेंट करेगी, तब भी वह हार जाएगी। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है और इसका वास्तविक परिणाम भविष्य के चुनाव में मतदाताओं के निर्णय पर निर्भर करेगा।
साधुओं और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने साधुओं से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सच्चे साधुओं का अपमान हुआ और उन्हें न्याय नहीं मिला। हाल की रिपोर्टों में भी उन्होंने साधुओं से संबंधित घटनाओं को कानून-व्यवस्था के मुद्दे से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर जनता के भरोसे का सवाल उठ रहा है। इसी क्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता और पुलिस भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है। यह विपक्षी नेता का आरोप है; इसे सरकारी अथवा पुलिस विभाग का स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
डिप्टी सीएम पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर निशाना
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें ई-रिक्शा बुक कर लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके पास स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी रही है, उन्होंने अस्पतालों को ही बीमार कर दिया।
अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि आम जनता को बेहतर इलाज और मजबूत स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब भ्रष्टाचार चरम सीमा पर होगा तो विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
भ्रष्टाचार और विकास पर भी उठाए सवाल
प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने भ्रष्टाचार को विकास से जोड़ते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है तो विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर पर्याप्त काम नहीं करने का आरोप लगाया।
उनके बयानों में रोजगार और आर्थिक दबाव से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख रहे। वहीं, राजनीतिक तौर पर उन्होंने भाजपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि केवल प्रबंधन के सहारे चुनावी सफलता हासिल नहीं की जा सकती।
सपा के टिकट पर जीते नेताओं को लेकर सवाल
अखिलेश यादव ने उन नेताओं पर भी सवाल उठाया, जो समाजवादी पार्टी के वोट से चुनाव जीतकर बाद में भाजपा के साथ चले गए। उन्होंने कहा कि जो लोग समाजवादी पार्टी के वोट से जीतकर गए हैं, वे भाजपा के वोट से कैसे जीतेंगे?
यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। हाल की प्रेस वार्ताओं में भी अखिलेश यादव ने चुनावी रणनीति, PDA और सरकार की नीतियों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।
कुल मिलाकर, लखनऊ की प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान से लेकर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और राजनीतिक दल-बदल तक कई मुद्दे उठाए। वहीं, उन्होंने समाजवादी पार्टी की संभावित सरकार के दौरान लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि 51 हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा को प्रमुखता दी।
राजनीतिक दृष्टि से उनके बयान उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीति और सरकार के खिलाफ उसके प्रमुख मुद्दों को रेखांकित करते हैं। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों और चुनावी दावों का आकलन संबंधित सरकारी आंकड़ों तथा आगामी राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में किया जाना होगा।

