NICOG Church की 28वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई, विश्वास और आराधना का दिखा उत्साह – आप भी पढ़िए इनका लक्ष्य
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: New India Church of God (NICOG) की 28वीं Church Anniversary Celebration बड़े ही धूमधाम, आनंद और उत्साह के साथ मनाई गई। इस विशेष अवसर पर चर्च परिसर में श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में पास्टर जितेन सिंह, हैलीना सिंह और पूरी NICOG Church Family ने मिलकर परमेश्वर का धन्यवाद किया। साथ ही, उनकी विश्वासयोग्यता, अनुग्रह और आशीषों के लिए स्तुति एवं आराधना की गई।
चर्च की 28 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस दौरान चर्च से जुड़े सदस्यों ने कहा कि बीते वर्षों में अनेक परिस्थितियों के बीच परमेश्वर ने कलीसिया का मार्गदर्शन किया और उसे निरंतर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान की। यही कारण है कि 28वीं वर्षगांठ का यह अवसर केवल एक समारोह नहीं, बल्कि परमेश्वर के प्रति धन्यवाद और कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष अवसर बना।
28 वर्षों की यात्रा के लिए व्यक्त किया आभार
Church Anniversary Celebration के दौरान NICOG Church Family ने बीते 28 वर्षों की यात्रा को स्मरण किया। इस अवसर पर चर्च के सदस्यों ने परमेश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कलीसिया को लगातार संभाला, आशीषित किया और अपनी महिमा के लिए इस्तेमाल किया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के बीच इस बात को लेकर विशेष उत्साह रहा कि चर्च ने अपनी 28 वर्षों की यात्रा पूरी की है। इस दौरान विश्वास, प्रार्थना, सेवा और आपसी सहयोग को चर्च परिवार की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
वर्षगांठ के अवसर पर चर्च परिवार के सदस्यों ने एकजुट होकर परमेश्वर की स्तुति की। इसके साथ ही आने वाले वर्षों के लिए भी प्रार्थना की गई कि प्रभु अपनी उपस्थिति, अनुग्रह और आशीष से New India Church of God Family को निरंतर भरते रहें।
स्तुति और आराधना में शामिल हुई Church Family
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा स्तुति और आराधना रहा। इस दौरान चर्च परिवार के सदस्यों ने मिलकर परमेश्वर का धन्यवाद किया और उनकी विश्वासयोग्यता की स्तुति की। पूरे कार्यक्रम में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आध्यात्मिक वातावरण में एक-दूसरे के साथ इस विशेष अवसर की खुशियां साझा कीं।
स्तुति और आराधना के माध्यम से उपस्थित लोगों ने परमेश्वर के प्रति अपनी आस्था और कृतज्ञता व्यक्त की। वहीं, 28वीं वर्षगांठ को लेकर चर्च परिवार के सदस्यों में विशेष उत्साह भी देखने को मिला।
इस अवसर ने चर्च से जुड़े लोगों को एक साथ आने और अपनी सामूहिक यात्रा को याद करने का अवसर दिया। साथ ही, कार्यक्रम ने नई पीढ़ी को भी चर्च की यात्रा और उससे जुड़े विश्वास के बारे में जानने का अवसर प्रदान किया।
पास्टर जितेन सिंह और हैलीना सिंह ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
28वीं वर्षगांठ के इस विशेष आयोजन में पास्टर जितेन सिंह और हैलीना सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पूरी NICOG Church Family के साथ मिलकर इस अवसर को परमेश्वर के प्रति धन्यवाद के रूप में मनाया।
चर्च परिवार के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया। इस दौरान सभी ने मिलकर प्रार्थना और आराधना के माध्यम से आने वाले समय के लिए परमेश्वर से मार्गदर्शन और आशीष की कामना की।
वर्षगांठ के अवसर पर चर्च परिवार में एकता और आपसी सहभागिता का भाव भी दिखाई दिया। सदस्यों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर इस महत्वपूर्ण पड़ाव को याद किया और भविष्य में भी इसी विश्वास तथा सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने की भावना व्यक्त की।
आने वाले वर्षों के लिए की गई प्रार्थना
28वीं वर्षगांठ के अवसर पर जहां बीते वर्षों के लिए परमेश्वर का धन्यवाद किया गया, वहीं भविष्य को लेकर भी प्रार्थना की गई। चर्च परिवार की ओर से कामना की गई कि आने वाले वर्षों में भी प्रभु अपनी उपस्थिति, अनुग्रह और आशीष से New India Church of God Family को भरते रहें।
कार्यक्रम में यह भावना प्रमुखता से सामने आई कि चर्च की आगे की यात्रा भी विश्वास, सेवा और प्रार्थना के साथ जारी रहे। उपस्थित सदस्यों ने आने वाले समय में चर्च परिवार के बीच प्रेम, एकता और सहयोग की भावना को और मजबूत करने की कामना की।
इसके अलावा, चर्च की आध्यात्मिक यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए भी प्रार्थना की गई। इस अवसर पर सदस्यों ने परमेश्वर से मार्गदर्शन की कामना करते हुए अपनी आस्था को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
‘अब तक प्रभु ने हमारी सहायता की है’ का संदेश
28वीं वर्षगांठ के पूरे आयोजन में कृतज्ञता की भावना प्रमुख रही। चर्च परिवार ने बीते 28 वर्षों की यात्रा को परमेश्वर की सहायता और विश्वासयोग्यता से जोड़ते हुए उनका धन्यवाद किया।
इस अवसर पर व्यक्त की गई भावना थी कि “अब तक प्रभु ने हमारी सहायता की है।” यह संदेश चर्च की अब तक की यात्रा के प्रति आभार और भविष्य के प्रति विश्वास को दर्शाता है। सदस्यों ने कहा कि जिस प्रकार बीते वर्षों में परमेश्वर ने कलीसिया का मार्गदर्शन किया, उसी प्रकार आगे भी उनकी उपस्थिति और आशीष बनी रहे।
दरअसल, वर्षगांठ जैसे अवसर किसी भी संस्था या चर्च के लिए अपनी यात्रा पर विचार करने और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर होते हैं। इसी क्रम में NICOG Church की 28वीं वर्षगांठ ने भी चर्च परिवार को अपनी पिछली यात्रा को याद करने के साथ आगे बढ़ने के लिए नई प्रेरणा दी।
उत्साह और आनंद के साथ मनाया गया समारोह
Church Anniversary Celebration के दौरान चर्च परिवार में उत्साह और आनंद का वातावरण रहा। सदस्यों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर वर्षगांठ की खुशी साझा की। कार्यक्रम में विश्वास और कृतज्ञता के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता की भावना भी देखने को मिली।
28 वर्षों का यह सफर NICOG Church Family के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसलिए वर्षगांठ का यह आयोजन सदस्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम के माध्यम से जहां परमेश्वर का धन्यवाद किया गया, वहीं चर्च की आगामी यात्रा के लिए भी आशीर्वाद और मार्गदर्शन की प्रार्थना की गई।
समारोह के दौरान यह भावना भी सामने आई कि चर्च की वास्तविक शक्ति उसके सदस्यों की एकता, विश्वास और सेवा भावना में निहित है। इसी भावना के साथ सभी ने भविष्य में भी मिलकर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विश्वास और सेवा की यात्रा जारी रखने का संकल्प
NICOG Church की 28वीं वर्षगांठ का आयोजन कृतज्ञता, विश्वास और सामूहिक आराधना का अवसर बना। पास्टर जितेन सिंह, हैलीना सिंह और पूरी Church Family ने परमेश्वर के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए बीते 28 वर्षों को याद किया।
साथ ही, आने वाले वर्षों के लिए प्रभु की उपस्थिति, अनुग्रह और आशीष की कामना की गई। चर्च परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार अब तक परमेश्वर ने उनकी सहायता की है, उसी प्रकार आगे भी उनकी यात्रा में मार्गदर्शन और आशीष बनी रहेगी।
इस प्रकार 28वीं Church Anniversary Celebration ने न केवल चर्च परिवार को एक साथ आने का अवसर दिया, बल्कि बीते वर्षों के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने और भविष्य के लिए नई आशा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। पूरे आयोजन में विश्वास, आराधना, एकता और धन्यवाद की भावना प्रमुख रही।

