अटल जी के विचारों को आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धांजलि: ‘सदैव अटल’ कार्यक्रम में गूंजा अटल विचार

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रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित 

कानपुर: भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में अवध स्मृति संस्थान (पंजी.) उत्तर प्रदेश की ओर से ‘सदैव अटल’ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों, साहित्यिक चेतना और राष्ट्रहित से जुड़े विचारों को याद किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके आदर्शों और विचारों को जीवन में आत्मसात किया जाए।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, साहित्यकार, पत्रकार, प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान अटल जी के व्यक्तित्व और उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों को याद किया गया। साथ ही, उनकी राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के प्रति प्रतिबद्धता को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया गया।

वृत्तचित्र के जरिए याद किया गया अटल जी का जीवन

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित विशेष वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। वृत्तचित्र के माध्यम से उनके जीवन-संघर्ष, राजनीतिक यात्रा, सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र के प्रति योगदान को दर्शाया गया।

वृत्तचित्र के दौरान अटल जी की राजनीतिक यात्रा के साथ-साथ उनके साहित्यिक व्यक्तित्व की भी चर्चा हुई। वे एक कुशल राजनेता होने के साथ ही प्रभावशाली वक्ता और संवेदनशील कवि के रूप में भी अपनी अलग पहचान रखते थे। यही कारण है कि भारतीय राजनीति में उनका व्यक्तित्व केवल राजनीतिक भूमिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साहित्य और सामाजिक जीवन में भी उनकी छाप दिखाई देती है।

इसके बाद आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सरोकारों और अटल जी के व्यक्तित्व को अभिव्यक्त किया। कवियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में साहित्यिक और भावनात्मक रंग भर दिया। श्रोताओं ने भी प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।

अटल जी ने लोकतांत्रिक राजनीति को नई ऊंचाई दी : सांसद रमेश अवस्थी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरुष थे, जिन्होंने अपने विचारों, वाणी और आचरण से लोकतांत्रिक राजनीति को नई ऊंचाई प्रदान की।

उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों को सार्वजनिक जीवन में मर्यादा, संवाद तथा राष्ट्रहित के महत्व को समझने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी की राजनीतिक शैली में वैचारिक स्पष्टता के साथ-साथ लोकतांत्रिक संवाद की भावना भी दिखाई देती थी।

सांसद ने कहा कि अटल जी के जीवन से युवाओं को यह सीख मिलती है कि सार्वजनिक जीवन में विचारों के साथ-साथ आचरण का भी विशेष महत्व होता है। उनके व्यक्तित्व को याद करना केवल एक स्मृति कार्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों को सामाजिक जीवन में अपनाने का प्रयास भी होना चाहिए।

अटल जी का जीवन वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा : डॉ. दयाशंकर मिश्र

मुख्य अतिथि डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अटल जी के आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बताया।

उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों को महत्व दिया। इसलिए उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। कार्यक्रम के माध्यम से अटल जी के जीवन और उनके योगदान को याद करने का प्रयास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वालों का सम्मान

‘सदैव अटल’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित होने वालों में आईपीएस सत्यजीत गुप्ता, डॉ. हर्ष निगम, अजय पाण्डेय सहित अन्य विशिष्ट लोग शामिल रहे।

इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए शहर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. हर्ष निगम को ‘अवध रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. हर्ष निगम ने आयुष मंत्रालय की ओर से आयुर्वेद और होम्योपैथी को बढ़ावा दिए जाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि होम्योपैथी लंबे समय से आमजन को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में उपचार का विकल्प उपलब्ध कराती रही है। उन्होंने आयुष मंत्रालय के माध्यम से इन चिकित्सा पद्धतियों के विकास और विस्तार को समाजसेवा से जोड़ते हुए कहा कि इससे लोगों को अपेक्षाकृत सुलभ उपचार विकल्प मिल सकते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में होम्योपैथी के प्रति अपने अनुभव और विचार भी साझा किए।

गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश पाल, देवेश कोरी, संघ के प्रांत संचालक भवानी भीष्म, एमएलसी साहिल रिवाई, मानवेन्द्र सिंह, अरुण पाठक, विधायक नीलिमा कटियार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, साहित्यकार, पत्रकार तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को समाज के लिए उपयोगी बताया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी महान व्यक्तित्व को याद करने का सबसे बेहतर माध्यम उनके विचारों को व्यवहार में उतारना है। इसी क्रम में अटल जी की राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक सोच, साहित्यिक संवेदनशीलता और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा को वर्तमान समय के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम का संचालन अवध स्मृति संस्थान के अध्यक्ष प्रवीण कुमार शुक्ल ने किया। संस्थान के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व को केंद्र में रखते हुए विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के आयोजक प्रवीण कुमार शुक्ल ने कहा कि ‘सदैव अटल’ का उद्देश्य अटल जी की स्मृतियों को जीवंत रखने के साथ उनके विचारों को समाज तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अटल जी के आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

अंत में राष्ट्रगान के साथ ‘सदैव अटल’ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ। कार्यक्रम में अटल जी के विचारों, राष्ट्रसेवा और साहित्यिक योगदान को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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