कानपुर में इंदिरा गांधी प्रतिमा के सामने निर्माण के विरोध में कांग्रेस का धरना, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में नरोना चौराहा, माल रोड स्थित पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने किए जा रहे कथित निर्माण के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रशासन से मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मेट्रो परियोजना से जुड़े कार्य के तहत इंदिरा गांधी की प्रतिमा और उसके सामने स्थित क्षेत्र में ऐसा निर्माण किया जा रहा है, जिससे प्रतिमा की गरिमा और आसपास के स्वरूप पर असर पड़ सकता है। हालांकि, निर्माण की वैधता और उससे संबंधित तकनीकी स्थिति का अंतिम निर्णय संबंधित प्रशासनिक एवं परियोजना अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने निर्माण का विरोध
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित महापुरुषों और राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिमाओं के आसपास किसी भी प्रकार के निर्माण या बदलाव से पहले संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव हर प्रकाश अग्निहोत्री ने धरने को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने निर्माण कराया जा रहा है, जो उनके अनुसार प्रतिमा की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इसे पूर्व प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों का सम्मान करने के दृष्टिकोण से गंभीर विषय बताया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को मामले का स्वतः संज्ञान लेकर निर्माण की स्थिति की जांच करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समस्या का समाधान नहीं होने पर कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने जताई आपत्ति
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि इंदिरा गांधी की प्रतिमा और उससे जुड़े गेट के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और प्रतिमा की गरिमा बनाए रखने की मांग की।
पवन गुप्ता ने कहा कि शहर में विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन विकास परियोजनाओं के दौरान ऐतिहासिक एवं सार्वजनिक स्थलों की पहचान और गरिमा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना के तहत किए जा रहे निर्माण को संबंधित नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाए।
प्रशासन से जांच की मांग
धरने में शामिल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य विकास कार्यों का विरोध करना नहीं है, बल्कि इंदिरा गांधी की प्रतिमा और उसके आसपास के क्षेत्र की स्थिति को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराना है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित निर्माण की अनुमति, नक्शा और परियोजना से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच की जाए। इसके अलावा प्रतिमा के आसपास सुरक्षा और सार्वजनिक आवागमन से संबंधित व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जाए।
नेताओं ने कहा कि यदि निर्माण नियमों के तहत स्वीकृत है तो प्रशासन को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि लोगों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे। वहीं, यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस पदाधिकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन राज्यपाल के नाम सौंपा। यह ज्ञापन फिलखाना इंस्पेक्टर रीना सिंह को दिया गया।
ज्ञापन में कांग्रेस की ओर से इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने किए जा रहे निर्माण की जांच कराने और प्रतिमा तथा गेट की स्थिति को यथावत बनाए रखने की मांग की गई। साथ ही निर्माण की वैधता से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने की मांग भी रखी गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इससे स्थानीय लोगों और राजनीतिक संगठनों के बीच भी स्थिति को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो सकती है।
विकास और विरासत के बीच संतुलन पर जोर
कानपुर में मेट्रो और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े विकास कार्यों के कारण शहर के कई हिस्सों में निर्माण गतिविधियां चलती रहती हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों, चौराहों और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थानों के आसपास निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कांग्रेस नेताओं ने इसी संदर्भ में कहा कि विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाते समय सार्वजनिक स्थलों की पहचान और ऐतिहासिक महत्व का ध्यान रखना जरूरी है। वहीं, प्रशासन और संबंधित परियोजना एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि निर्माण कार्य स्वीकृत योजना और निर्धारित नियमों के अनुसार किए जाएं।
इस मामले में भी वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और संबंधित अभिलेखों की समीक्षा के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कांग्रेस ने धरना देकर अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है और राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा है।
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में विचार रखे और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
कार्यक्रम में इकबाल अहमद, रजत बाजपेई, अनिल बाजपेई भूल्लर, सीता अग्निहोत्री, अतहर नईम, कृपेश त्रिपाठी, मानेष दीक्षित, ग्रीन बाबू सोनकर, दीपक त्रिवेदी, शादाब आलम, राजेश गौतम, सुनील राठौर, विश्वनाथ बाजपेई, रितेश यादव, फहद अब्बासी, अनूप श्रीवास्तव, राज कुमार यादव, सैमुअल, लकी सिंह, चंद्रमणि मिश्र, नदीम सिद्दीकी, किरण गुप्ता, संजय दीक्षित, भूपिंदर भदौरिया, राजकुमार अग्निहोत्री, विनय पांडेय, दीप पांडेय, मारूत शर्मा, बंटू बाजपेई, मिंटू बाजपेई, रामजी दुबे, आशुतोष बाजपेई, अमित मिश्रा, जफर शाकिर सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
कुल मिलाकर, इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने कथित निर्माण को लेकर कानपुर कांग्रेस ने धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस की मुख्य मांग प्रतिमा और उसके आसपास के क्षेत्र की स्थिति को लेकर जांच तथा आवश्यक कार्रवाई से जुड़ी है।
अब इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच महत्वपूर्ण होगी। निर्माण की अनुमति, परियोजना की योजना और मौके की वास्तविक स्थिति की समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण निर्धारित नियमों के अनुरूप है या उसमें किसी बदलाव की आवश्यकता है।
फिलहाल कांग्रेस ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप दिया है। अब सभी की नजर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई और मामले की जांच के परिणाम पर रहेगी।

