स्वतंत्रता दिवस पर UP-STF के चार पुलिसकर्मियों को मिलेगा वीरता पदक, एनकाउंटर में निभाई अहम भूमिका

a979bb39-216b-48bc-b49b-e83e696ba530

Digital Up News Desk

लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP-STF) के चार पुलिसकर्मियों को उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान पाने वालों में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) ब्रजेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सुनील कुमार (मरणोपरांत), हेड कांस्टेबल संजय सिंह और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार शामिल हैं।

इन पुलिसकर्मियों को यह सम्मान उन अभियानों में उनकी भूमिका के लिए दिया जा रहा है, जिनमें पुलिस टीम ने कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन अभियानों में मेरठ और मुरादाबाद में हुई पुलिस कार्रवाई प्रमुख रूप से शामिल है।

चार पुलिसकर्मियों के नाम वीरता पदक की सूची में

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वीरता पदक पाने वाले UP-STF कर्मियों में ब्रजेश कुमार सिंह, ASP, सुनील कुमार, इंस्पेक्टर (मरणोपरांत), संजय सिंह, हेड कांस्टेबल और दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल के नाम शामिल हैं।

इन सभी ने अलग-अलग अभियानों में पुलिस टीम के साथ जिम्मेदारी निभाई। वहीं, इंस्पेक्टर सुनील कुमार को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा। पुलिस विभाग में ऐसे सम्मान को कर्तव्य के दौरान साहस, समर्पण और जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

मेरठ में 4 मई 2023 की कार्रवाई

UP-STF से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, 4 मई 2023 को मेरठ में हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान कुख्यात अपराधी अनिल दुजाना मारा गया था। इस अभियान में STF की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

अनिल दुजाना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आती रही थी। STF की कार्रवाई के बाद पुलिस की ओर से इस अभियान को अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया था।

इसी अभियान से जुड़े पुलिसकर्मियों के साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए अब उन्हें वीरता पदक के लिए चुना गया है।

मुरादाबाद में 10 मई 2025 को हुई कार्रवाई

इसके अलावा, 10 मई 2025 को मुरादाबाद में STF की कार्रवाई के दौरान आसिफ उर्फ टिड्डा और दीनू मारे गए थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी।

इस अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और टीम के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। अब इस अभियान में योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

हालांकि, पुलिस मुठभेड़ से जुड़े मामलों में घटनाक्रम और कार्रवाई का आधिकारिक विवरण संबंधित जांच एवं सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर ही अंतिम रूप से माना जाता है।

वीरता पदक का क्या है महत्व?

पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए वीरता पदक केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले जवानों के योगदान की सार्वजनिक मान्यता भी है। ड्यूटी के दौरान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने वाले पुलिसकर्मियों को इस तरह के सम्मान से प्रोत्साहन मिलता है।

इसके साथ ही, ऐसे पुरस्कार पुलिस बल के अन्य जवानों को भी जिम्मेदारी, अनुशासन और साहस के साथ काम करने के लिए प्रेरित करते हैं।

UP-STF लंबे समय से संगठित अपराध, कुख्यात अपराधियों और गंभीर आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियानों में सक्रिय रही है। इसलिए STF के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाले वीरता सम्मान का पुलिस विभाग में विशेष महत्व होता है।

मरणोपरांत सम्मानित होंगे इंस्पेक्टर सुनील कुमार

इस सूची में इंस्पेक्टर सुनील कुमार का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्हें मरणोपरांत वीरता पदक प्रदान किया जाएगा। मरणोपरांत सम्मान किसी पुलिसकर्मी की सेवा और कर्तव्य के दौरान किए गए योगदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।

ऐसे सम्मान के माध्यम से विभाग अपने दिवंगत कर्मियों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देता है। साथ ही, उनके परिवार के लिए भी यह सम्मान उनके प्रियजन की सेवा और समर्पण की आधिकारिक पहचान का प्रतीक बनता है।

अपराध नियंत्रण में STF की भूमिका

उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और गंभीर आपराधिक मामलों की कार्रवाई में STF की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। विशेष रूप से संगठित अपराध और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ अभियान में STF की टीमें सूचना संकलन, निगरानी और कार्रवाई जैसे विभिन्न स्तरों पर काम करती हैं।

इसी क्रम में मेरठ और मुरादाबाद की कार्रवाई भी चर्चा में रही। अब इन अभियानों में शामिल पुलिसकर्मियों को वीरता पदक मिलने से उनके योगदान को आधिकारिक सम्मान मिलेगा।

हालांकि, किसी भी पुलिस कार्रवाई का मूल्यांकन कानून, जांच प्रक्रिया और उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है। पुलिस का दायित्व अपराध नियंत्रण के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया का पालन करना भी है।

स्वतंत्रता दिवस पर मिलेगा सम्मान

स्वतंत्रता दिवस देश के लिए गौरव और राष्ट्रीय भावना का महत्वपूर्ण अवसर है। इसी दिन पुलिस और सुरक्षा बलों के उन कर्मियों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान उल्लेखनीय साहस और समर्पण का परिचय दिया।

UP-STF के इन चार पुलिसकर्मियों का सम्मान भी इसी क्रम में देखा जा रहा है। एक ओर जहां ASP ब्रजेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संजय सिंह और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को वीरता पदक मिलेगा, वहीं इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

यह सम्मान उनके व्यक्तिगत योगदान के साथ-साथ उन पुलिस टीमों के सामूहिक प्रयास को भी रेखांकित करता है, जिनके साथ उन्होंने चुनौतीपूर्ण अभियानों में जिम्मेदारी निभाई।

पुलिस बल में बढ़ेगा मनोबल

वीरता पदक जैसे सम्मान से पुलिस बल के मनोबल को मजबूती मिलती है। इसके अलावा, इससे यह संदेश भी जाता है कि कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले पुलिसकर्मियों के योगदान को सरकार और विभाग की ओर से मान्यता दी जाती है।

इस प्रकार, स्वतंत्रता दिवस पर UP-STF के चार पुलिसकर्मियों को मिलने वाला वीरता सम्मान उनके साहस, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की पहचान के रूप में महत्वपूर्ण है। मेरठ और मुरादाबाद में अपराधियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई में उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।

You may have missed