गोकुल में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित की गई संगोष्ठी, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: देश के विभाजन के दौरान विस्थापन और अपने प्राण गंवाने वाले लोगों की स्मृति में भारतीय जनता पार्टी, जिला मथुरा की ओर से शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को गोकुल स्थित ऋषिकुल इंटरनेशनल कॉलेज में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विभाजन के इतिहास को याद करते हुए देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश मंत्री एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी यतेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष निर्भय पांडे ने की। कार्यक्रम के दौरान विभाजन के समय प्रभावित हुए परिवारों और उन लोगों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने उस दौर में अपने प्राण गंवाए।
कार्यक्रम का संयोजन मनीष पाराशर, सुरेश तरकर और नारायण पांडे ने किया, जबकि संचालन जिला महामंत्री सतपाल चौधरी ने किया। इस अवसर पर पार्टी के जिला पदाधिकारी, विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विभाजन के इतिहास को याद करने पर जोर
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि यतेंद्र शर्मा ने कहा कि 14 अगस्त 1947 भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है। एक ओर देश स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा था, वहीं दूसरी ओर विभाजन के कारण बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान जिन लोगों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया और अपने प्राण गंवाए, उनकी स्मृति को याद करना आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में याद किया जाता है।
यतेंद्र शर्मा ने कहा कि इस अवसर का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर देश की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। उन्होंने लोगों से देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की जरूरत
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिला अध्यक्ष निर्भय पांडे ने कहा कि विभाजन का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों को समझने से युवा पीढ़ी देश की एकता और अखंडता के महत्व को बेहतर तरीके से समझ सकती है।
उन्होंने कहा कि विभाजन से जुड़े अनुभवों को याद करते हुए समाज को आगे बढ़ने की जरूरत है। साथ ही, देश की सामाजिक एकता को मजबूत करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
निर्भय पांडे ने कहा कि देश की प्रगति के लिए समाज में आपसी सहयोग और समरसता जरूरी है। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से इतिहास की जानकारी के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान विभाजन के समय जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मौन के बाद कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश का इतिहास केवल घटनाओं का विवरण नहीं है, बल्कि उससे समाज और आने वाली पीढ़ियों को महत्वपूर्ण सीख भी मिलती है। इसलिए इतिहास के कठिन दौर को याद करते हुए भविष्य को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
गोकुल में आयोजित हुआ कार्यक्रम
गोकुल स्थित ऋषिकुल इंटरनेशनल कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यक्रम के लिए कॉलेज परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
संगोष्ठी के दौरान विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम, विस्थापन और उस समय आम लोगों के सामने आई चुनौतियों पर विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि विभाजन का दौर भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसे समझना जरूरी है।
इसके साथ ही कार्यक्रम में वर्तमान समय में सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश की प्रगति के लिए समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना जरूरी है।
पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला महामंत्री आकाश ठाकुर, अमन चौधरी, मंडल अध्यक्ष भूरी सिंह, गोकुल मंडल अध्यक्ष संजय दीक्षित, जगमोहन पाठक, अनिल चौधरी, ज्ञानेंद्र चौहान और भानु प्रताप सहित जिले के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा सभी मंडलों के अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। पदाधिकारियों ने विभाजन के दौरान प्रभावित हुए लोगों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य इतिहास को याद करने के साथ-साथ समाज में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करना है।
सामाजिक समरसता का संदेश
संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक समरसता को देश की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि समाज में विभिन्न वर्गों के बीच सहयोग और संवाद की भावना मजबूत होनी चाहिए।
वक्ताओं के अनुसार, इतिहास से सीख लेते हुए वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को एकजुट होकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए। इसी क्रम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस जैसे कार्यक्रम लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक करने का माध्यम बन सकते हैं।
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि देश की एकता केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की इसमें भूमिका है। आपसी सम्मान और सहयोग के जरिए सामाजिक समरसता को मजबूत किया जा सकता है।
इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि विभाजन से जुड़ी घटनाओं को याद करने का उद्देश्य समाज में तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास की जानकारी होने से राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझने में सहायता मिलती है। इसलिए शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से इतिहास के विभिन्न पक्षों पर संवाद होना जरूरी है।
साथ ही, वक्ताओं ने लोगों से देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
राष्ट्रीय एकता का संकल्प
कार्यक्रम के समापन की ओर बढ़ते हुए उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। इसके बाद राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कुल मिलाकर, गोकुल के ऋषिकुल इंटरनेशनल कॉलेज में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में इतिहास को याद करने के साथ राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। मुख्य अतिथि यतेंद्र शर्मा और जिला अध्यक्ष निर्भय पांडे ने विभाजन से जुड़े इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और देश की एकता को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया।

