सुल्तानपुर से आई बड़ी खबर, पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी घायल; 1.8 किलो संदिग्ध मॉर्फिन समेत 5 गिरफ्तार
Digital Up News Desk
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में थाना अखंड नगर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अखंडनगर ले जाया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.8 किलोग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद किया है, जिसे आरोपी मॉर्फिन बता रहे हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने मौके से दो कारें, एक बलेनो और एक वरना, के साथ असलहे, खोखा कारतूस और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में खुर्शीद आलम, प्रशांत सिंह, रोहित तिवारी, अंकुर प्रजापति और रामबाबू शामिल हैं। पुलिस की ओर से मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
डिलीवरी की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय कुमार के अनुसार, 14 अगस्त को थाना अखंडनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा एक गैंग किसी स्थान पर माल की डिलीवरी के लिए जाने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया।
इसके बाद पुलिस ने सहजनपुर अंडरपास के पास घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 4:30 बजे दो संदिग्ध कारें वहां पहुंचीं। इनमें एक बलेनो और दूसरी वरना कार थी। पुलिस टीम ने दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया।
पुलिस का दावा है कि वाहनों में सवार लोगों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान दो आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर तत्काल उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा।
दो आरोपी गोली लगने से घायल
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान घायल हुए आरोपियों की पहचान खुर्शीद आलम निवासी जैतपुर, जनपद बलरामपुर और प्रशांत सिंह निवासी थाना बल्दीराय क्षेत्र, जनपद सुल्तानपुर के रूप में हुई है।
दोनों के पास से पुलिस ने तमंचे, खोखा कारतूस और जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया है। घायल आरोपियों को अखंड नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मुठभेड़ के दौरान आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बरामद हथियारों और कारतूसों को भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार
पुलिस कार्रवाई के दौरान खुर्शीद आलम और प्रशांत सिंह के अलावा उनके तीन कथित साथियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रोहित तिवारी, अंकुर प्रजापति और रामबाबू के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि दोनों वाहनों की तलाशी के दौरान करीब 1 किलो 800 ग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इसे मॉर्फिन बताया। हालांकि, बरामद पदार्थ की वास्तविक प्रकृति और उसकी मात्रा की पुष्टि संबंधित जांच और प्रयोगशाला परीक्षण की प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।
पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ओडिशा से लाने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे मादक पदार्थ ओडिशा से लाते थे और इसके बाद उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इसकी आपूर्ति करते थे।
पूछताछ में सामने आए इस दावे की पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। खास तौर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और मादक पदार्थ की आपूर्ति किन स्थानों तक की जाती थी।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किसे पहुंचाया जाना था। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करीब पांच करोड़ रुपये की बताई गई कीमत
पुलिस के अनुसार, बरामद करीब 1.8 किलोग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, अंतिम मूल्यांकन बरामद पदार्थ की प्रकृति, शुद्धता और जांच के परिणामों के आधार पर संबंधित प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
पुलिस ने बरामद दोनों कारों को भी कब्जे में ले लिया है। वाहनों की भूमिका और उनके स्वामित्व से संबंधित जानकारी की भी जांच की जा रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित तस्करी के दौरान इन वाहनों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था।
पुलिस कर रही है नेटवर्क की जांच
इस कार्रवाई के बाद पुलिस का फोकस केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान कथित मादक पदार्थ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों, वाहनों और यात्रा से संबंधित जानकारी की भी जांच कर सकती है। इसके साथ ही कथित सप्लाई चैन और डिलीवरी से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में होगी।
यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाकर मामले की कड़ियों को जोड़ना है।
कानूनी कार्रवाई जारी
थाना अखंड नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद असलहों, कारतूसों, वाहनों और संदिग्ध मादक पदार्थ को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
वहीं, घायल दोनों आरोपियों का उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार, चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले की कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
सुल्तानपुर में हुई इस कार्रवाई को पुलिस ने मादक पदार्थों की कथित तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है। फिलहाल पुलिस बरामद संदिग्ध पदार्थ की जांच, आरोपियों से पूछताछ और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, दो वाहनों की बरामदगी और करीब 1.8 किलोग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ की बरामदगी हुई है। वहीं, दो आरोपियों के घायल होने के बाद उनका उपचार कराया जा रहा है। अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि कथित तस्करी का नेटवर्क कितना विस्तृत था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

