मुरादाबाद में तेंदुए की दहशत: डिलारी क्षेत्र में मस्जिदों से मुनादी, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील

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Digital UP News Desk

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र में तेंदुए की बढ़ती मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। तेंदुए की गतिविधियों की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। खास तौर पर खेतों और सुनसान इलाकों में जाने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।

ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए आसपास के गांवों में मस्जिदों से ऐलान और मुनादी कराई जा रही है। इसके माध्यम से लोगों को तेंदुए से दूरी बनाए रखने, अकेले खेतों की ओर नहीं जाने और किसी भी तरह की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य लोगों में अनावश्यक भय पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें सतर्क और सुरक्षित रखना है।

डिलारी क्षेत्र में बढ़ी सतर्कता

डिलारी थाना क्षेत्र के कुछ गांवों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा तेज है। खेतों और आसपास के इलाकों में तेंदुआ दिखाई देने या उसकी गतिविधि की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को अकेले जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि ग्रामीण जब भी खेतों की ओर जाएं तो कोशिश करें कि वे समूह में जाएं। इससे किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में एक-दूसरे की मदद की जा सकती है।

इसके अलावा घने खेतों, झाड़ियों और सुनसान स्थानों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। ऐसे स्थानों पर जाने से पहले आसपास की स्थिति को ध्यान से देखना जरूरी बताया गया है।

मस्जिदों से कराया जा रहा ऐलान

ग्रामीण इलाकों में लोगों तक तत्काल सूचना पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से मस्जिदों से ऐलान कराया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर मुनादी के जरिए ग्रामीणों को तेंदुए से संबंधित सावधानियों की जानकारी दी जा रही है।

ऐलान के माध्यम से लोगों से कहा जा रहा है कि वे तेंदुए की गतिविधि वाले इलाकों में अकेले न जाएं। खेतों पर जाने की जरूरत होने पर तीन-चार लोगों के समूह में जाने की सलाह दी गई है। साथ ही ग्रामीणों को यह भी समझाया जा रहा है कि तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें।

इस तरह प्रशासन स्थानीय संचार माध्यमों का इस्तेमाल करके अधिक से अधिक ग्रामीणों तक सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। गांवों में रहने वाले लोगों के लिए यह सूचना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि खेत और ग्रामीण क्षेत्र उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों का हिस्सा हैं।

खेतों में काम करने वालों को विशेष सावधानी की सलाह

डिलारी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण खेती और उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। ऐसे में खेतों में जाना पूरी तरह टालना हमेशा संभव नहीं होता। इसलिए प्रशासन की ओर से लोगों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

ग्रामीणों से कहा गया है कि वे कोशिश करें कि खेतों में अकेले काम न करें। समूह में काम करने से आसपास की गतिविधियों पर नजर रखना आसान हो सकता है। इसके साथ ही घनी फसल, झाड़ियों या ऐसे स्थान जहां किसी जंगली जानवर के छिपे होने की आशंका हो, वहां विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

किसी भी संदिग्ध गतिविधि या तेंदुए के दिखाई देने की सूचना मिलने पर लोग उस स्थान की ओर देखने या भीड़ जुटाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें।

तेंदुआ दिखाई दे तो क्या करें?

प्रशासन की अपील के अनुसार यदि किसी ग्रामीण को तेंदुआ दिखाई देता है तो सबसे जरूरी है कि वह घबराकर उसके करीब जाने की कोशिश न करे। जंगली जानवर के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्थिति को गंभीर बना सकती है।

ग्रामीणों से कहा गया है कि तेंदुए को पकड़ने, उसका पीछा करने या उसके आसपास भीड़ लगाने से बचें। ऐसी स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाना और प्रशासन को सूचना देना अधिक उचित है।

इसके अलावा तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को अफवाहों पर भरोसा करने से भी बचना चाहिए। केवल प्रशासन या पुलिस की ओर से दी गई जानकारी को प्राथमिकता देना जरूरी है। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी वीडियो या संदेश को साझा करने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान

तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ग्रामीण परिवारों से कहा गया है कि वे बच्चों और बुजुर्गों को अकेले खेतों, झाड़ियों या सुनसान रास्तों की ओर न भेजें।

विशेष रूप से शाम के समय और ऐसे स्थानों पर जहां तेंदुए की गतिविधि की सूचना मिली हो, अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है। परिवार के सदस्य एक-दूसरे को क्षेत्र में चल रही स्थिति के बारे में जानकारी देते रहें।

हालांकि, सावधानी का अर्थ यह नहीं है कि लोग अनावश्यक रूप से भयभीत हों। प्रशासन की अपील का उद्देश्य ग्रामीणों को जागरूक करना और संभावित जोखिम से बचाना है।

अफवाहों से बचने की अपील

वन्यजीवों की मौजूदगी से जुड़े मामलों में अफवाहें तेजी से फैल सकती हैं। किसी स्थान पर तेंदुआ दिखाई देने की सूचना के बाद कई बार बिना पुष्टि के संदेश और वीडियो भी प्रसारित होने लगते हैं। इससे ग्रामीणों में अनावश्यक डर पैदा हो सकता है।

इसलिए लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी सूचना की पुष्टि किए बिना उसे आगे साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति को तेंदुए के दिखाई देने या उसकी गतिविधि की वास्तविक जानकारी मिलती है तो वह स्थानीय पुलिस या प्रशासन को सूचना दे।

इसके साथ ही ग्रामीणों को भीड़ बनाकर तेंदुए की तलाश करने से बचना चाहिए। वन्यजीव से संबंधित स्थिति में प्रशिक्षित टीमों और संबंधित विभागों को ही आवश्यक कार्रवाई करने देना बेहतर होता है।

प्रशासन की अपील का उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना

डिलारी क्षेत्र में मस्जिदों से कराए जा रहे ऐलान और पुलिस की ओर से दी जा रही सलाह का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करना है। प्रशासन चाहता है कि लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतें और किसी भी संभावित जोखिम से बचें।

विशेष रूप से खेतों में जाने वाले लोगों को समूह में जाने, घने इलाकों में सावधानी बरतने और तेंदुआ दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों की गतिविधियों पर भी परिवार के लोगों को ध्यान देने को कहा गया है।

ग्रामीणों के लिए जरूरी सावधानियां

डिलारी क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों को लेकर ग्रामीण इन बातों का ध्यान रख सकते हैं। खेतों की ओर अकेले जाने से बचें और संभव हो तो समूह में जाएं। घनी झाड़ियों और सुनसान इलाकों में जाने से पहले आसपास की स्थिति देखें। तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और न ही उसे पकड़ने की कोशिश करें। तेंदुए की मौजूदगी वाले स्थान पर भीड़ एकत्र न करें। बच्चों और बुजुर्गों को अकेले खेतों या सुनसान क्षेत्रों में न भेजें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस या प्रशासन को दें। सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर भरोसा न करें। तेंदुए की तस्वीर या वीडियो बनाने के लिए उसके करीब जाने का प्रयास न करें।

सतर्कता ही सबसे जरूरी उपाय

मुरादाबाद के डिलारी क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों को लेकर प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। मस्जिदों से मुनादी कराकर लोगों तक सुरक्षा संदेश पहुंचाना इसी जागरूकता अभियान का हिस्सा है।

ऐसे में ग्रामीणों के लिए सबसे जरूरी है कि वे घबराने के बजाय सावधानी बरतें। खेतों में जाते समय समूह में रहें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा तेंदुआ दिखाई देने की स्थिति में उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। साथ ही किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना भी जरूरी है।

प्रशासन की अपील के अनुसार ग्रामीण किसी भी संभावित स्थिति में स्वयं कार्रवाई करने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। इससे एक ओर जहां लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीव को लेकर अनावश्यक तनाव और अफवाहों पर भी रोक लगाई जा सकती है।

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