भादर मिनी स्टेडियम में गंदगी पर सीडीओ नाराज, सफाई और खेल सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश

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रिपोर्ट – अंजली मिश्रा

अमेठी। विकासखंड भादर के गोरहा गांव स्थित नवनिर्मित ग्रामीण मिनी स्टेडियम में साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पूजा साहू ने नाराजगी जताई। गुरुवार को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान स्टेडियम परिसर और अंदरूनी कक्षों में गंदगी तथा अव्यवस्था मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही, स्टेडियम की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।

सीडीओ के निरीक्षण के दौरान जिला युवा कल्याण अधिकारी मयंक पटेल भी मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं और बच्चों के लिए तैयार किए गए मिनी स्टेडियम की व्यवस्थाओं, खेल सुविधाओं और रखरखाव की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान जब परिसर में अपेक्षित स्तर की सफाई नहीं मिली तो सीडीओ ने इसे गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सफाई व्यवस्था को लेकर सीडीओ ने दिए सख्त निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव को निर्देशित किया कि स्टेडियम परिसर की सफाई के लिए सफाई कर्मियों की विशेष टोली लगाई जाए। उन्होंने कहा कि केवल निरीक्षण के समय सफाई कराने के बजाय नियमित रूप से परिसर की साफ-सफाई होनी चाहिए। स्टेडियम में आने वाले बच्चों और युवाओं को स्वच्छ वातावरण मिलना जरूरी है।

उन्होंने परिसर के अंदर बने कमरों और अन्य स्थानों की भी नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा, स्टेडियम के आसपास अनावश्यक रूप से गंदगी जमा न हो, इसके लिए भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। सीडीओ ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ग्रामीण खेल परिसर के रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

खेल सामग्री और ओपन जिम के उपकरण व्यवस्थित करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान स्टेडियम में उपलब्ध खेल सामग्री और ओपन जिम के उपकरण भी व्यवस्थित स्थिति में नहीं मिले। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी खेल उपकरणों को निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित ढंग से स्थापित कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि खेल सामग्री का उचित रखरखाव किया जाना आवश्यक है, ताकि बच्चे और युवा उसका सुरक्षित एवं प्रभावी तरीके से उपयोग कर सकें। इसके साथ ही ओपन जिम में लगे उपकरणों की स्थिति की भी नियमित जांच कराने को कहा गया।

सीडीओ ने निर्देश दिया कि स्टेडियम में आने वाले बच्चों और युवाओं से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली जाए। इसके आधार पर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त खेल सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

बैडमिंटन और खो-खो कोर्ट का होगा मानक के अनुरूप चिह्नांकन

निरीक्षण के दौरान सीडीओ पूजा साहू ने बैडमिंटन, खो-खो सहित अन्य खेलों के लिए निर्धारित स्थानों का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेल मैदानों और कोर्ट का चिह्नांकन निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कोर्ट की स्पष्ट सीमाएं और आवश्यक संकेतक लगाए जाने चाहिए। इसके अलावा, स्टेडियम में सांकेतिक बोर्ड भी लगवाने के निर्देश दिए गए, ताकि खिलाड़ियों और आगंतुकों को विभिन्न खेल सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके।

इससे स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होने की उम्मीद है। साथ ही, खेल गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में भी मदद मिलेगी।

पेयजल और शौचालय की स्थिति में सुधार के निर्देश

निरीक्षण के दौरान स्टेडियम में पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी खेल परिसर में खिलाड़ियों के लिए स्वच्छ पेयजल और साफ-सुथरे शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए खेल परिसरों में इन सुविधाओं की नियमित निगरानी की जानी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।

सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्टेडियम की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जो भी कमी सामने आए, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

कमियां दूर कर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने जिला युवा कल्याण अधिकारी मयंक पटेल को निरीक्षण के दौरान सामने आई सभी कमियों को दूर कराने और इसकी अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि धरातल पर सुधार दिखाई देना चाहिए।

सीडीओ ने कहा कि ग्रामीण मिनी स्टेडियम का निर्माण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को खेल के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। ऐसे में इसके संचालन और रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि स्टेडियम की सुविधाओं का नियमित उपयोग सुनिश्चित कराने के लिए स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाए। यदि किसी सुविधा में तकनीकी या रखरखाव संबंधी समस्या आती है तो उसे समय रहते दूर कराया जाए।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर खेल वातावरण

गोरहा गांव में स्थापित यह ग्रामीण मिनी स्टेडियम क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के लिए खेल प्रतिभा विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। यदि यहां नियमित सफाई, बेहतर रखरखाव, पर्याप्त खेल सामग्री और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, तो स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा।

इस दिशा में सीडीओ का औचक निरीक्षण व्यवस्थाओं की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब संबंधित विभागों के सामने निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने की जिम्मेदारी है।

कुल मिलाकर, सीडीओ पूजा साहू ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि ग्रामीण मिनी स्टेडियम केवल भवन या खेल मैदान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यहां आने वाले खिलाड़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलना चाहिए। इसके लिए सफाई, खेल सामग्री, कोर्ट चिह्नांकन, पेयजल और शौचालय समेत सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना आवश्यक है।

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