मथुरा में नगर निगम की भूमि का निरीक्षण, अतिक्रमण हटाने और फेंसिंग कराने के नगर आयुक्त ने दिए निर्देश

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रिपोर्ट: योगेश भारद्वाज

मथुरा। नगर निगम मथुरा-वृंदावन की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखने और भविष्य में उस पर दोबारा कब्जे की स्थिति न बनने देने के उद्देश्य से नगर आयुक्त श्री ओजस्वी राज ने वार्ड संख्या 05 के भरतपुर गेट क्षेत्र में स्थित नगर निगम की भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को भूमि की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

नगर निगम के अनुसार, नगर आयुक्त ने के.आर. इंटर कॉलेज के बराबर, भरतपुर गेट रोड, भैंस बहोरा मार्केट, जंक्शन रोड तथा वाल्मीकि वाटिका के सामने स्थित नगर निगम की भूमि का निरीक्षण किया। इसके साथ ही केशवपुर-मनोहरपुर ग्राम की खसरा संख्या 607/2 की भूमि का भी स्थलीय सत्यापन किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य नगर निगम के स्वामित्व वाली भूमि की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेना और वहां मौजूद अतिक्रमण की स्थिति का आकलन करना था।

भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त श्री ओजस्वी राज ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर नगर निगम की भूमि का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान भूमि के विभिन्न हिस्सों की स्थिति और वहां मौजूद अतिक्रमण से संबंधित परिस्थितियों की जानकारी ली गई। अधिकारियों से भूमि के स्वामित्व और उसकी वर्तमान स्थिति के संबंध में भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर निगम की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके लिए अपर नगर आयुक्त श्रीमती प्रियंका सिंह को आवश्यक प्रक्रिया तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को भूमि की स्थिति पर नियमित निगरानी रखने के लिए भी कहा गया।

चारों ओर फेंसिंग कराने के निर्देश

नगर निगम की भूमि को भविष्य में अतिक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए नगर आयुक्त ने मौके पर ही भूमि की चारों ओर फेंसिंग कराने के निर्देश दिए। फेंसिंग का उद्देश्य भूमि की स्पष्ट सीमा निर्धारित करना और अनधिकृत कब्जे की संभावनाओं को कम करना है।

इसके अलावा उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि भूमि पर नगर निगम के स्वामित्व से संबंधित बोर्ड भी लगाया जाए। इससे आम लोगों को स्पष्ट रूप से जानकारी मिल सकेगी कि संबंधित भूमि नगर निगम के स्वामित्व में है। साथ ही स्वामित्व बोर्ड और फेंसिंग के माध्यम से भूमि की पहचान और सुरक्षा दोनों को मजबूत किया जा सकेगा।

नगर निगम की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर सख्त निर्देश

नगर आयुक्त श्री ओजस्वी राज ने कहा कि नगर निगम की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर निगम के स्वामित्व वाली सभी भूमियों को चिन्हित किया जाए और उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। साथ ही जिन स्थानों पर नगर निगम की भूमि मौजूद है, वहां उसकी सीमाओं को स्पष्ट करने तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षा के इंतजाम करने पर भी जोर दिया गया।

नियमित निगरानी पर जोर

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि केवल अतिक्रमण हटाने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए नियमित निगरानी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की संपत्तियों का रिकॉर्ड और मौके की स्थिति स्पष्ट रहनी चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इसके साथ ही नगर निगम की भूमि को चिन्हित करने, उसकी सीमाओं की जानकारी रखने और संबंधित अभिलेखों का मिलान करने की प्रक्रिया को भी प्रभावी बनाए जाने पर जोर दिया गया। इस दिशा में राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों के सहयोग से आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण

नगर आयुक्त के निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त श्रीमती प्रियंका सिंह, राजस्व निरीक्षक श्री मथुरा प्रसाद और लेखपाल श्री वेद प्रकाश सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके की स्थिति से नगर आयुक्त को अवगत कराया और भूमि से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।

कुल मिलाकर, वार्ड संख्या 05 के भरतपुर गेट क्षेत्र में नगर निगम की भूमि के निरीक्षण के बाद अतिक्रमण हटाने, भूमि की चारों ओर फेंसिंग कराने और स्वामित्व बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम की इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी भूमि की पहचान स्पष्ट करने के साथ-साथ उसे भविष्य में अतिक्रमण से सुरक्षित रखना है। अब संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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