श्रावण पर्व और कांवड़ यात्रा को लेकर बिजनौर प्रशासन अलर्ट, मोटा महादेव मंदिर का डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण
रिपोर्ट- तापिश मिर्जा
बिजनौर। श्रावण पर्व और कांवड़ यात्रा को लेकर बिजनौर जिला प्रशासन एवं पुलिस पूरी तरह सतर्क है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर ने थाना मंडावली क्षेत्रांतर्गत स्थित प्रसिद्ध मोटा महादेव मंदिर परिसर का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कांवड़ यात्रा की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि श्रावण पर्व के दौरान मंदिर में आने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और यातायात को सुचारु रूप से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
श्रावण मास में भगवान शिव के मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं, कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से कांवड़िए जल लेकर शिवालयों की ओर जाते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिजनौर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
मोटा महादेव मंदिर क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास, भीड़ नियंत्रण तथा मंदिर परिसर में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तत्पर रहें।
इसके अलावा, मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बना रहना जरूरी है, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी दिए निर्देश
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। इसलिए निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन की व्यवस्था प्रभावी रहनी चाहिए।
इसके साथ ही, आम नागरिकों को भी आवागमन में परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया। आवश्यकतानुसार यातायात को नियंत्रित करने और भीड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और आमजन की सुरक्षा दोनों प्राथमिकता में रहेंगी। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यवस्थाओं की लगातार होगी निगरानी
मोटा महादेव मंदिर परिसर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ ही आवश्यक सुधारों के संबंध में निर्देश दिए। प्रशासन की कोशिश है कि श्रावण पर्व के दौरान मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित वातावरण मिले और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसी क्रम में अधिकारियों ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निभाने के निर्देश दिए। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया।
दरअसल, धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन के लिए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों का स्थलीय निरीक्षण व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति को समझने और आवश्यक सुधार करने में मदद करता है।
कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को बांटा गया भंडारा प्रसाद
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कांवड़ियों, श्रद्धालुओं तथा क्षेत्रीय आमजन के बीच भंडारा प्रसाद वितरित किया। इस दौरान मौजूद लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के इस प्रयास की सराहना की। धार्मिक आयोजन के दौरान भंडारा सेवा श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा मानी जाती है।
भंडारा प्रसाद वितरण के दौरान अधिकारियों ने श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से भी संवाद किया तथा उनकी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से पर्व के दौरान अनुशासन बनाए रखने और निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करने की अपील की गई।
इसके साथ ही, कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में पुलिस-प्रशासन के साथ सहयोग करने का संदेश भी दिया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
मोटा महादेव मंदिर परिसर के निरीक्षण एवं भंडारा प्रसाद वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी संबंधित अधिकारियों को श्रावण पर्व और कांवड़ यात्रा के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की तैयारियों का मुख्य उद्देश्य यही है कि श्रावण पर्व के दौरान धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजनों में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कुल मिलाकर, बिजनौर प्रशासन और पुलिस की ओर से श्रावण पर्व एवं कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। मोटा महादेव मंदिर का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया निरीक्षण इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा रहा। अधिकारियों ने मौके पर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि कांवड़ियों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को पर्व के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकें तथा धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

