सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में लापरवाही पर दो अधिकारियों का वेतन रोका, मंधना-बिठूर मार्ग पर देरी से नाराज डीएम

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी 

कानपुर। सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज विकास कार्यों की प्रगति और रैंकिंग की समीक्षा बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहना दो अधिकारियों को भारी पड़ गया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बैठक से बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अनूप मिश्रा और उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक सत्यप्रिय का वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाले विकास कार्यों की समीक्षा में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज विभिन्न विकास योजनाओं की विभागवार प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान योजनाओं की रैंकिंग, उनकी वर्तमान स्थिति और अपेक्षित सुधार को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराएं और सीएम डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करें।

विकास कार्यों की रैंकिंग में कानपुर नगर को 14वां स्थान

समीक्षा के दौरान बताया गया कि गत माह विकास कार्यों की रैंकिंग में कानपुर नगर को प्रदेश में 14वां स्थान प्राप्त हुआ है। जनपद की कुल 59 योजनाओं को ए ग्रेड मिला है, जबकि चार योजनाएं बी ग्रेड में रहीं। इसके अलावा एक योजना को सी ग्रेड और दो योजनाओं को डी ग्रेड प्राप्त हुआ है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन योजनाओं की प्रगति संतोषजनक है, उसे बनाए रखने के साथ-साथ कम प्रदर्शन करने वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि विभागवार रैंकिंग केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

डी ग्रेड वाली योजनाओं पर डीएम ने जताई नाराजगी

बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस योजना में जिले को डी ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रगति में कमी के कारणों की जानकारी लेते हुए प्रदर्शन में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए।

इसी तरह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और फैमिली आईडी की प्रगति भी समीक्षा के दौरान अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार करने और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का समय से लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही जननी सुरक्षा योजना, जल जीवन मिशन और पोषण अभियान कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी योजनाओं की नियमित निगरानी करें और जहां भी प्रगति धीमी है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं।

मंधना-बिठूर मार्ग के चौड़ीकरण में देरी पर शासन को जाएगी रिपोर्ट

समीक्षा बैठक में मंधना-बिठूर मार्ग के चौड़ीकरण की प्रगति भी प्रमुख रूप से सामने आई। परियोजना में अनावश्यक विलंब पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। मंधना-बिठूर मार्ग का चौड़ीकरण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में परियोजना की प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता से आम लोगों को असुविधा हो सकती है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना से संबंधित सभी लंबित कार्यों की समीक्षा कर उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जाए। साथ ही, कार्यों में आने वाली बाधाओं की जानकारी उच्च स्तर पर उपलब्ध कराते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने नगर निगम, जल जीवन मिशन, उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड, सेतु निगम, सीएंडडीएस, जल निगम अर्बन तथा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को अपनी-अपनी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न होने दी जाए। जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, उन्हें संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाए। इसके बाद ऐसी पूर्ण परियोजनाओं का शीघ्र लोकार्पण कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो। विकास कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। इसके अलावा संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि एक विभाग की वजह से दूसरे विभाग की परियोजना प्रभावित न हो।

शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्यों पर विशेष जोर

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज योजनाएं शासन की प्राथमिकताओं और जिले के विकास से सीधे जुड़ी हैं। इसलिए इनकी प्रगति में लापरवाही को सामान्य प्रशासनिक कमी के रूप में नहीं देखा जाएगा। अधिकारियों को अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है। योजनाओं का धरातल पर प्रभाव दिखाई देना चाहिए और आम नागरिकों को उनका वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। इसी क्रम में कमजोर प्रदर्शन वाली योजनाओं के लिए विभागीय स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर जिलाधिकारी का रुख भी स्पष्ट रहा। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में बिना अनुमति अनुपस्थित रहना कार्य के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता है। इसलिए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में जवाबदेही बनी रहे।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, प्रशिक्षु आईएएस संदीप कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, डीईएसटीओ ईशा शर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए आलोक कुमार सिंह, एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, बैठक में जिले की विकास योजनाओं की प्रगति, रैंकिंग और कमजोर प्रदर्शन वाले विभागों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं, दो अधिकारियों का वेतन रोकने और मंधना-बिठूर मार्ग के चौड़ीकरण में देरी पर शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश से प्रशासन ने यह संकेत दिया कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में समयबद्धता और जवाबदेही को गंभीरता से लिया जाएगा।

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