हरदोई में 22 दिन से लापता किशोरी का नहीं मिला सुराग, परिजन बोले- बेटी की बरामदगी में न हो देर
रिपोर्ट- गुलफाम खान
हरदोईः जिले के मझिला थाना क्षेत्र से करीब 22 दिन पहले लापता हुई एक किशोरी का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजन बेटी की तलाश और उसकी सुरक्षित बरामदगी के लिए लगातार पुलिस और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं, परिवार की ओर से पुलिस की कार्यशैली और मामले की विवेचना को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उनकी बेटी की तलाश में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है।
किशोरी के अचानक लापता होने के बाद से परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई है। घरवालों के मुताबिक, घटना के बाद उन्होंने अपने स्तर से भी संभावित स्थानों पर बेटी की तलाश की, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क करने के साथ-साथ परिवार ने संभावित जगहों पर जाकर भी खोजबीन की, लेकिन हर प्रयास के बाद उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
22 दिन बाद भी नहीं मिली जानकारी
परिजनों के अनुसार, किशोरी को लापता हुए 22 दिन बीत चुके हैं। इतने लंबे समय के बाद भी उसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलना परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। माता-पिता लगातार इस उम्मीद में हैं कि पुलिस जल्द से जल्द उनकी बेटी तक पहुंचेगी और उसे सुरक्षित घर वापस लाया जाएगा।
परिवार का कहना है कि समय बीतने के साथ उनकी चिंता और बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि प्रत्येक गुजरता दिन उनके लिए परेशानी और बेचैनी बढ़ा रहा है। ऐसे में वे चाहते हैं कि पुलिस मामले की जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाए और किशोरी की बरामदगी के लिए सभी जरूरी कदम उठाए।
पुलिस की कार्यशैली पर परिजनों ने उठाए सवाल
मामले में पीड़ित परिवार की ओर से मझिला पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि बेटी की तलाश को लेकर उन्हें लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि वे पुलिस से कार्रवाई की प्रगति के बारे में जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक ऐसी ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है, जिससे उन्हें अपनी बेटी के जल्द मिलने की उम्मीद बंधे।
परिवार ने विवेचक की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और जांच की वास्तविक प्रगति सामने आना महत्वपूर्ण है।
आखिर जांच कहां तक पहुंची?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि 22 दिन बीतने के बाद किशोरी की तलाश में पुलिस की जांच कहां तक पहुंची है। आम तौर पर किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलने के बाद संभावित स्थानों, संपर्कों और उपलब्ध तकनीकी सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाता है। ऐसे में परिवार यह जानना चाहता है कि उनकी बेटी की तलाश में अब तक कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं।
परिजनों की मांग है कि पुलिस मामले की जांच में उपलब्ध सभी संभावित सुरागों को गंभीरता से परखे। साथ ही, किशोरी के संपर्क में रहे लोगों और संभावित स्थानों की जानकारी जुटाकर तलाश का दायरा बढ़ाया जाए। परिवार का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि बेटी की सुरक्षित बरामदगी के लिए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
माता-पिता की बढ़ती चिंता
किशोरी के लंबे समय से घर नहीं लौटने के कारण माता-पिता मानसिक रूप से परेशान हैं। उनके लिए सबसे बड़ी चिंता बेटी की सुरक्षा को लेकर है। परिवार का कहना है कि उन्हें हर समय यही डर सताता रहता है कि कहीं तलाश में देरी न हो जाए।
परिजन अधिकारियों से लगातार अपील कर रहे हैं कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और किशोरी को जल्द से जल्द खोजा जाए। उनका कहना है कि वे जांच में हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार हैं। यदि पुलिस को किसी प्रकार की जानकारी, दस्तावेज या अन्य सहायता की आवश्यकता है तो परिवार उसे उपलब्ध कराने को तैयार है।
परिवार ने की जल्द कार्रवाई की मांग
परिवार की ओर से पुलिस और प्रशासन से मांग की गई है कि किशोरी की तलाश के लिए विशेष रूप से प्रभावी अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही, यदि जांच के दौरान कोई नया सुराग मिलता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी की सुरक्षित वापसी ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वे चाहते हैं कि मामले की जांच निष्पक्ष और तेजी से हो तथा उन्हें समय-समय पर जांच की प्रगति की जानकारी भी दी जाए। इससे परिवार को यह भरोसा रहेगा कि उनकी शिकायत पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार
इस मामले में पुलिस की ओर से अब तक जांच की विस्तृत प्रगति अथवा किशोरी की बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। इसलिए पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अब तक की जांच में क्या-क्या तथ्य सामने आए हैं और किशोरी की तलाश के लिए किन स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल, 22 दिन से किशोरी के लापता होने के कारण परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है। माता-पिता की उम्मीद अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है। वे लगातार अपनी बेटी के सुरक्षित घर लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं और अधिकारियों से अपील कर रहे हैं कि तलाश में किसी तरह की देरी न हो।
परिजनों की चिंता को देखते हुए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस मामले की जांच को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और किशोरी की सुरक्षित बरामदगी के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि जांच जल्द किसी ठोस नतीजे तक पहुंचे और उनकी बेटी सुरक्षित वापस घर लौटे।

