फरह ब्लॉक में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान, नए जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर कार्यकर्ताओं से ली गई गोपनीय राय

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रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज

मथुरा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के दिशा-निर्देशों के तहत चलाए जा रहे ‘संगठन सृजन अभियान’ के अंतर्गत फरह ब्लॉक में महत्वपूर्ण ब्लॉक स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने के साथ-साथ नए जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर कार्यकर्ताओं की राय जानने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।

बैठक की मुख्य पर्यवेक्षक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से भेजी गईं AICC सचिव डॉ. अंजलि निंबालकर रहीं। वहीं, बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने की। उनके साथ सहयोगी समन्वयक के रूप में शिवराम वाल्मीकि और प्रतिमा सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल हुए।

नए जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर कार्यकर्ताओं से गोपनीय संवाद

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू नए जिलाध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सहभागी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम रहा। इसके लिए मुख्य पर्यवेक्षक डॉ. अंजलि निंबालकर ने बैठक में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से राय-मशविरा किया।

कार्यकर्ताओं को एक-एक करके अलग कमरे में बुलाया गया और उनसे गोपनीय तरीके से बातचीत की गई। इस दौरान उनसे नए जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर उनकी पसंद, संगठन की वर्तमान स्थिति और भविष्य में संगठन को मजबूत करने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई।

इसके अलावा, कार्यकर्ताओं से उनके क्षेत्र में संगठन की सक्रियता, जनता से जुड़ाव और पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने को लेकर भी सुझाव लिए गए। इस प्रक्रिया के माध्यम से नेतृत्व ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की राय को महत्व देने का संदेश दिया।

बूथ और ब्लॉक स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर

बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बूथ और ब्लॉक स्तर पर संगठन की नई रूपरेखा तैयार करने पर चर्चा हुई। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की मजबूती उसके जमीनी कार्यकर्ताओं और स्थानीय इकाइयों की सक्रियता पर निर्भर करती है।

इसी क्रम में कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने, अधिक से अधिक लोगों से संवाद स्थापित करने और कांग्रेस की नीतियों एवं कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाने की अपील की गई। साथ ही, बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की पहचान कर उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियां देने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कार्यकर्ताओं को सक्रिय भागीदारी का संदेश

मुख्य पर्यवेक्षक डॉ. अंजलि निंबालकर ने कार्यकर्ताओं से संगठन को नए सिरे से गतिशील बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए केवल पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में भागीदारी करनी चाहिए।

वहीं, जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने भी कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की अपील की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया।

ब्लॉक समितियों के गठन और सक्रिय कार्यकर्ताओं पर चर्चा

सहयोगी समन्वयक शिवराम वाल्मीकि और प्रतिमा सिंह ने ब्लॉक स्तरीय समितियों के गठन और उनमें सक्रिय कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि संगठन की जिम्मेदारियां ऐसे कार्यकर्ताओं को दी जाएं जो क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।

इसके साथ ही, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल और नियमित संवाद की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने कहा कि मजबूत संगठन के लिए कार्यकर्ताओं के सुझावों को सुनना और उन्हें उचित मंच देना जरूरी है।

स्थानीय समस्याओं को लेकर जनसंपर्क बढ़ाने का संकल्प

बैठक में क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं और जनहित के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं को समझने का संकल्प लिया।

पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन को जनता से सीधे जोड़ने के लिए नियमित जनसंपर्क अभियान जरूरी है। इसके तहत स्थानीय स्तर पर सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, रोजगार और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को समझकर उन्हें उचित मंच पर उठाने की बात कही गई।

इसके अलावा, कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जनता तक सरल भाषा में पहुंचाने तथा आम लोगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की अपील की गई।

बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद

बैठक का संचालन जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रधान ने किया। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष धीरज शर्मा, दीपक दीक्षित, अमित दीक्षित, ऋषि पाल, लक्ष्मी नारायण धनगर, पूर्व अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि, पूर्व अध्यक्ष उमेश शर्मा, आदित्य तिवारी, अप्रतिम सक्सेना, मलखान सिंह प्रधान, लाल सिंह प्रधान, सुखपाल, प्रतिम सिंह प्रधान, करन निषाद, भगवान सिंह वर्मा, दीपक सिंह, प्रवीण भास्कर, अजय कुमार, धर्मवीर सिंह, जितेंद्र, मुरारी लाल, युद्धवीर सिंह, रिशु सिंह, उमेश चौधरी, यज्ञेश सिंह, राजेश कुमार, अखिलेश यादव और श्रीमती गीता देवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।

बैठक में कार्यकर्ताओं की भागीदारी से संगठन सृजन अभियान को लेकर पार्टी की गंभीरता दिखाई दी। खास तौर पर नए जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर व्यक्तिगत और गोपनीय राय लेने की प्रक्रिया को संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना गया।

संगठन सृजन अभियान से जमीनी ढांचे को मजबूत करने की कवायद

कुल मिलाकर, फरह ब्लॉक की यह बैठक कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जमीनी संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। एक ओर जहां कार्यकर्ताओं से नए जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर व्यक्तिगत राय ली गई, वहीं दूसरी ओर बूथ और ब्लॉक स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

आने वाले समय में इस तरह की बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिए जाने की संभावना है। कांग्रेस नेतृत्व का प्रयास है कि जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन में अधिक जिम्मेदारी और भागीदारी मिले तथा जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने लाया जा सके।

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