₹6 लाख में UPSSSC अभ्यर्थी को पास कराने की डील, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल कराने वाला आरोपी गिरफ्तार

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रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा में एक अभ्यर्थी को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराकर पास कराने की कथित साजिश का आजमगढ़ पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में अंतर्जनपदीय नकल कराने वाले गिरोह से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने अभ्यर्थी को परीक्षा में पास कराने के लिए कथित तौर पर 6 लाख रुपये में सौदा तय किया था।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल की पूरी व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से किए जाने की तैयारी थी।

परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़ा गया था अभ्यर्थी

मामला 9 अगस्त 2026 का है। आजमगढ़ के शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज में UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के दौरान ब्लॉक-ए के एक कक्ष में वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र के भड़ाव गांव निवासी आलोक पटेल (24) की गतिविधियां कक्ष निरीक्षकों को संदिग्ध लगीं।

इसके बाद उसकी जांच की गई। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान अभ्यर्थी के कान के अंदर से एक हियरिंग डिवाइस बरामद हुई। इसके अलावा अंडरवियर के अंदर से एक ब्लूटूथ डिवाइस भी मिली। बरामद डिवाइस में सिम कार्ड लगा हुआ था और दो सेल बैटरियां भी मौजूद थीं।

इन उपकरणों के मिलने के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप की स्थिति बन गई। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और प्रारंभिक जांच के बाद अभ्यर्थी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आलोक पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

बाहर से उत्तर बताने की थी कथित तैयारी

पुलिस की जांच में सामने आया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल परीक्षा के दौरान बाहर मौजूद लोगों से संपर्क करने के लिए किया जाना था। आरोप है कि इन उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थी को प्रश्नों के उत्तर बताकर परीक्षा में पास कराने की योजना बनाई गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केवल परीक्षा केंद्र पर पकड़े गए अभ्यर्थी तक जांच सीमित नहीं रखी। इसके बजाय इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपलब्ध कराने और कथित तौर पर पूरी व्यवस्था तैयार करने वाले लोगों की तलाश शुरू की गई।

इसी दौरान विवेचना में नकल कराने वाले गिरोह से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम पुलिस के सामने आए। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में कोतवाली पुलिस की टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी।

6 लाख रुपये में तय हुआ था कथित सौदा

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि वाराणसी निवासी वीरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू (31) इस मामले में कथित तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। पुलिस ने मंगलवार 11 अगस्त 2026 को उसे आजमगढ़ के प्राइवेट बस अड्डे से करीब 12:30 बजे गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपने साथी आनंद पटेल और कुश पटेल, दोनों निवासी वाराणसी, के साथ मिलकर परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने की व्यवस्था करने वाले लोगों से संपर्क किया था।

पुलिस के मुताबिक, UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा में आलोक पटेल को पास कराने के लिए कथित तौर पर 6 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इसके बाद परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने के लिए अभ्यर्थी को हियरिंग/ईयर डिवाइस और ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराई गई।

जांच के अनुसार, आरोपी पक्ष की ओर से अभ्यर्थी को इन उपकरणों के इस्तेमाल का तरीका भी बताया गया था। पुलिस पूछताछ में डिवाइस उपलब्ध कराने के बदले 15 हजार रुपये एडवांस लिए जाने की बात भी सामने आई है।

हालांकि, पुलिस जांच में सामने आए इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों और आगे की विवेचना के आधार पर होगी।

अभ्यर्थी के पकड़े जाने के बाद सामने आई गिरोह की कड़ी

परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ अभ्यर्थी के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद पुलिस ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि उपकरण अभ्यर्थी तक कैसे पहुंचे और परीक्षा के दौरान उसे बाहर से सहायता उपलब्ध कराने की कथित योजना में कौन-कौन लोग शामिल थे।

विवेचना के दौरान सामने आए नामों और जानकारी के आधार पर पुलिस ने वीरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू को गिरफ्तार किया। अब पुलिस उसके साथियों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य की जांच की जा रही है। साथ ही, परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल कराने वाले नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

आजमगढ़ और वाराणसी में दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी वीरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू के खिलाफ आजमगढ़ और वाराणसी में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वर्तमान मामले में उसके खिलाफ कोतवाली थाने में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।पुलिस ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं, उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश-2024 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नकल गिरोह ने इससे पहले किसी अन्य परीक्षा में इसी तरह की व्यवस्था की थी या नहीं। इसके लिए गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।

पुलिस ने बरामद किया मोबाइल

गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने  कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के लिए यह मोबाइल जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए कथित तौर पर संपर्क में रहे लोगों और लेनदेन से संबंधित जानकारी सामने आ सकती है। हालांकि, मोबाइल से संबंधित किसी भी डिजिटल जानकारी की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र कर रही है और आरोपियों के बीच संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

इस मामले में एक अभ्यर्थी और एक कथित सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस के मुताबिक, विवेचना में जिन अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल कराने की कोशिश को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे मामलों में परीक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अभ्यर्थियों और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होती है।

फिलहाल, आजमगढ़ पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस की आगे की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस कथित नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और परीक्षा में नकल कराने की व्यवस्था किस स्तर तक तैयार की गई थी।

गिरफ्तार आरोपी

वीरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू (31)
पुत्र स्व. तारसनाथ, निवासी कुरौना सरौनी, थाना जंसा, जनपद वाराणसी।

बरामदगी

  • एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन।

पुलिस टीम

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक राजेन्द्र कुमार, रिजर्व कांस्टेबल अवधेश सिंह, उत्सव प्रताप सिंह, आकाश गुप्ता और ऋषिकेश यादव शामिल रहे। सभी थाना कोतवाली आजमगढ़ से संबंधित हैं।

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